CM जगन का आदेश- 90 दिनों में राज्य के हर परिवार की हो स्क्रीनिंग, जरूरत पड़ने पर हों टेस्ट

CM जगन का आदेश- 90 दिनों में राज्य के हर परिवार की हो स्क्रीनिंग, जरूरत पड़ने पर हों टेस्ट
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि 90 दिनों में राज्य में हर परिवार की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें (File Photo)

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (CM YS Jagan Mohan Reddy) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रसार रोकने के लिए अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर सभी घरों को कवर कर वहां रहने वाले लोगों की व्यापक स्क्रीनिंग और परीक्षण करने का निर्देश दिया है

  • Share this:
(बालकृष्ण. एम)

हैदराबाद. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (CM YS Jagan Mohan Reddy) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रसार रोकने के लिए अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर सभी घरों को कवर कर वहां रहने वाले लोगों की व्यापक स्क्रीनिंग और परीक्षण करने का निर्देश दिया है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 104 एम्बुलेंस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि 90 दिनों में राज्य में हर परिवार की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें और जहां भी आवश्यक हो, नमूने लें. जिन लोगों को मधुमेह, बीपी, और अन्य बीमारियां हैं, उनका भी ख्याल रखा जाना चाहिए. रेड्डी ने यह भी कहा है कि104 एम्बुलेंस में पर्याप्त उपकरण और दवाइयां होनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लिए, एक अलग रणनीति अपनाई जानी चाहिए, और शहरी स्वास्थ्य क्लीनिकों की योजना बनाई जानी चाहिए और वहां उचित संख्या में चिकित्सा कर्मचारियों को भी तैनात किया जाना चाहिए. अधिकारियों ने कहा कि अब तक, प्रति दिन 24,000 से अधिक परीक्षण किए जा रहे हैं. उन लोगों को परीक्षण के लिए वरीयता दी जा रही है जो 60 वर्ष से ऊपर के हैं और 40 वर्ष से ऊपर के लोग जो पुरानी बीमारियों से पीड़ित हैं. अधिकारियों ने कहा कि मृत्यु दर में कमी आई है.



ट्रक चालकों से फैल रहा वायरस 
अधिकारियों ने कहा कि नियंत्रण क्षेत्र और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वालों को प्राथमिकता दी जा रही है. औद्योगिक, व्यापार केंद्रों, मंदिरों, मार्केट यार्ड और अन्य श्रेणियों में, परीक्षण बेतरतीब ढंग से किए जाते हैं, और उन्होंने कहा कि ट्रक चालक विभिन्न स्थानों से आ रहे हैं और वायरस फैला रहे हैं.

ये भी पढ़ें- आयुष मंत्रालय का पतंजलि को निर्देश, कोरोना की दवा कोरोनिल का प्रचार न करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के बीच जागरूकता पैदा की जानी चाहिए, और जमीनी स्तर पर लोगों के बीच डर को कम किया जाना चाहिए, इसके साथ ही साथ एक स्थानीय प्रोटोकॉल तैयार किया जाना चाहिए. इस आशय के लिए होर्डिंग्स लगाए जाने चाहिए. प्रति मंडल एक 104 वाहन उपलब्ध होने चाहिए, और टीम को अपने साथ एएनएम, आशा कार्यकर्ता और ग्राम स्वयंसेवक ले जाने चाहिए.

इमरजेंसी के लिए तैयार रहने की जरूरत
रेड्डी ने कहा कि कोरोना को लेकर संदेह के मामले में क्या प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, किसके पास जाना चाहिए, इसका विवरण सभी ग्राम सचिवालय में दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मानसून की शुरुआत के साथ, स्वास्थ्य विभाग को सभी इमरजेंसी को पूरा करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

मरीजों को दिए गए क्यूआर कोड वाले कार्ड
रोगी के चिकित्सा डेटा को क्यूआर कोड के साथ एक स्वास्थ्य कार्ड में एन्क्रिप्ट किया जाना चाहिए जिससे कि इस चिप में उन रोगियों के पूरे चिकित्सा डेटा को इकट्ठा किया जा सके ताकि उन्हें अलग से मेडिकल रिपोर्ट ले जाने की जरूरत न पड़े. अधिकारियों ने कहा कि 1.42 करोड़ स्वास्थ्य कार्डों में से, लगभग 1.20 कार्ड वितरित किए गए थे, और बाकी भी जल्द ही वितरित किए जाएंगे.



ये भी पढ़ें- इकॉनमी ग्रोथ को लेकर वित्त मंत्रालय का बड़ा बयान कहा- सब सेक्टर्स में बढ़ी मांग

इस बीच, आंध्र सरकार ने 6,76,828 के टेस्ट किये, अब तक उन में से 9,372 कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. 4,435 रोगियों को छुट्टी दे दी गई है और राज्य में 4,826 सक्रिय मामले हैं. राज्य में महामारी के सामने आने के बाद से अब तक कुल 111 COVID-19 पीड़ितों ने दम तोड़ दिया.

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज