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हवा से नहीं फैलता कोरोना वायरस, WHO अधिकारी ने किया कंफर्म

भाषा
Updated: March 23, 2020, 10:47 PM IST
हवा से नहीं फैलता कोरोना वायरस, WHO अधिकारी ने किया कंफर्म
सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाहों के फैलने के मद्देनजर उनका बयान आया है (सांकेतिक तस्वीर)

सोशल मीडिया (Social Media) पर इस तरह की अफवाहों (Rumors) के फैलने के मद्देनजर उनका बयान आया है कि नोवल कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) हवा में फैल रहा है.

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नई दिल्ली. कोविड-19 (Covid-19) के अभी तक हवा में फैलने की रिपोर्ट नहीं है और अधिकांशत: यह सांसों के साथ निकलने वाली छोटी बूंदों (Respiratory Doplets) और नजदीकी संपर्क से फैलता है. यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की दक्षिण पूर्व एशिया की प्रमुख (Head of Southeast Asia) डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने सोमवार को कही.

सोशल मीडिया (Social Media) पर इस तरह की अफवाहों (Rumors) के फैलने के मद्देनजर उनका बयान आया है कि नोवल कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) हवा में फैल रहा है.

छींकने के बाद सांसों के साथ निकलने वाली छोटी बूंदों के संपर्क में आने से होता है संक्रमण
डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, ‘‘कोविड-19 (Covid-19) के हवा में फैलने की रिपोर्ट नहीं है. अभी तक प्राप्त सूचना के आधार पर कोविड-19 अधिकांशत: सांसों के साथ निकलने वाली छोटी बूंदों (जैसे कोई बीमार व्यक्ति जब छींकता है तो उससे निकलने वाली छोटी बूंदें) और नजदीकी संपर्क से फैलता है. इसलिए डब्लूएचओ (WHO) हाथ और श्वसन स्वच्छता की अनुशंसा करता है.’’



अस्पतालों के ICU और CCU में एसी से हो सकता है संक्रमण
डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि चीन के अधिकारियों ने सूचना दी कि अपेक्षाकृत बंद परिवेश में एयरोसोल संचरण (Aerosol Transmission) कर सकता है जैसे अस्पतालों के आईसीयू एवं सीसीयू (ICU and CCU) में अधिक सघनता वाले एयरोसोल के संपर्क में आने से.

उन्होंने कहा, ‘‘बहरहाल वायरस (Virus) के इस तरह से फैलने के बारे में समझने के लिए ज्यादा अनुसंधान और महामारी विज्ञान (Research and Epidemiology) के आंकड़ों के विश्लेषण की जरूरत है.’’

रिसर्चरों ने बनाई कोरोना वायरस के इलाज के लिए करीब 70 दवाओं की लिस्ट
बता दें कि रिसर्चरों (Researchers) की एक टीम ने रविवार की रात बताया है कि करीब 70 दवाओं और प्रायोगिक मिश्रण (drugs and experimental compounds) कोरोना वायरस (Coronavirus) के इलाज में कारगर हो सकते हैं. इनमें से कुछ का इस्तेमाल पहले से ही दूसरे रोगों के उपचार के लिए किया जा रहा है. अब उनका इस्तेमाल COVID-19 के इलाज में भी किया जा सकता है. डॉक्टरों का मानना है कि यह तरीका कोरोना वायरस के इलाज के लिए बिल्कुल नए सिरे से किसी दवा की खोज करने के मुकाबले ज्यादा कारगर होगा.

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First published: March 23, 2020, 10:47 PM IST
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