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'मेरी किडनी और लीवर बिक्री के लिए', केरल में बढ़ते कोरोना केस ने लोगों को आर्थिक संकट में डाला

'मेरी किडनी और लीवर बिक्री के लिए', केरल में बढ़ते कोरोना केस ने लोगों को आर्थिक संकट में डाला

केरल में दैनिक संक्रमण दर 2.21 प्रतिशत दर्ज की गई है. (फाइल फोटो)

केरल में दैनिक संक्रमण दर 2.21 प्रतिशत दर्ज की गई है. (फाइल फोटो)

Kerala Coronavirus Update: केरल में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 20,367 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 35,33,918 तक पहुंच गई.

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या, बार-बार लॉकडाउन और कड़े नियमों के बीच, केरल की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत दिखाई दे रहे हैं. चाहे वह मृत्यु दर हो, टीकाकरण, ट्रैकिंग और टेस्टिंग व निगरानी हो, राज्य सभी में काफी आगे है, लेकिन दैनिक कोविड-19 मामले काफी अधिक हैं और कोरोना टेस्टिंग के पॉजिटिव आने की दर एक महीने से अधिक समय से दोहरे अंकों में बनी हुई है, जो कि विशेषज्ञों के लिए चकित करने वाला है.

    केरल एक असामान्य स्थिति से जूझ रहा है – यह जीवन बचाने और आजीविका की रक्षा के बीच संतुलन बनाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है. मलप्पुरम जैसे घनी आबादी वाले कुछ जिलों में स्थिति बेहद जटिल है जहां औसत टीपीआर 15 प्रतिशत से ऊपर है. राज्य में आत्महत्याओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, जिसमें अधिकांश छोटे व्यापारी और किसान हैं. राज्य में कोविड -19 मामले लगातार बढ़ने की वजह से लोगों में हताशा साफ जाहिर हो रही है. इसके साथ ही कई लोगों का कहना है कि सरकार कोरोना के हालात के मद्देनजर राहत पैकेज में इजाफा तो कर रही है, लेकिन वास्तविकता के धरातल पर उसमें कुछ बदलाव नजर नहीं आ रहा है.

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    आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक स्ट्रीट वेंडर ने हाल ही में तिरुवनंतपुरम में एक बोर्ड लगाया, जिस पर लिखा था, ‘मेरी किडनी और लीवर ठीक है. मैं उसे बेचने के लिए तैयार हूं.’ इसी तरह से एक बस मालिक ने काफी दिनों से खड़ी अपनी बस पर एक नोटिस चिपकाया कि यह कोझीकोड में स्क्रैप के लिए बिक्री को तैयार है. ऐसे दृश्य इन दिनों केरल में आपको कहीं भी देखने को मिल जाएंगे. पिछले दो महीनों में राज्य में 30 से अधिक खुदकुशी के मामले देखे गए, जिसके पीछे की मुख्य वजह कोविड-19 थी. इतना ही नहीं, केरल की दुकानों पर ‘बिक्री के लिए’ बोर्ड नजर आना भी इन दिनों काफी आम है.

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    दो दिन पहले सरकार को अपने महामारी नियंत्रण उपायों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि मामले कई गुना बढ़ गए और केंद्र ने भी जवाब मांगना शुरू कर दिया था, लेकिन जमीनी हालातों से पता चलता है कि इन उपायों ने संकट को हल करने के बजाय और बढ़ा दिया. पाबंदियों से गुजर रहे केरल के बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य जगहों पर इन दिनों सबसे ज्यादा सुना जाने वाला सवाल है, ‘हमें कब तक इस तरह परेशानी उठानी पड़ेगी?’ और किसी के पास इसका कोई जवाब नहीं है.

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    नए नियमों के अनुसार, दुकानों और मॉल में दुकानदारों और काम करने वाले कर्मचारियों को अपना कोविड-19 प्रमाण पत्र दिखाना होगा. नए नियमों से गुस्साए कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद करने की धमकी दी है. वहीं, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने हाल के नियमों को सही ठहराते हुए कहा, ‘हम अब कोरोना को हल्के में नहीं ले सकते. हमने संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर सख्त कदम उठाए हैं.’

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    मर्चेंट एसोसिएशन के नेता टी नसरुद्दीन ने सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा, ‘हमें सरकार से राहत के मलहम की उम्मीद थी, लेकिन हमें ईंट-पत्थर मिले. कई व्यापारियों ने आत्महत्या कर ली है. अगर स्थिति ऐसी बनी रहती है, तो आत्महत्या करने वालों की संख्या में और इजाफा हो सकता हैं. विपक्षी नेता वी डी सतीसन ने भी सरकार पर कोरोना के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाया और कहा, ‘सरकार का नजरिया व्यावहारिक नहीं है. यह नौकरशाहों द्वारा दी गई सलाह से चलता है. इसके कान लोगों की तकलीफों को नहीं सुन रहे हैं.’

    इस बीच, केरल में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 20,367 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 35,33,918 तक पहुंच गई. वहीं, इसी अवधि में कोविड-19 के 139 मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 17,654 हो गई. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई. इसके मुताबिक, केरल में पिछले 24 घंटे में 20,265 मरीज संक्रमणमुक्त हुए हैं, जिसके साथ ही राज्य में अब तक 33,37,579 मरीज ठीक हो चुके हैं.

    केरल में फिलहाल 1,78,166 मरीज उपचाराधीन हैं. विज्ञप्ति के मुताबिक, केरल में पिछले 24 घंटे के दौरान 1,52,521 नमूनों की जांच की गई. राज्य में अब तक कुल 2,83,79,940 नमूनों की जांच की जा चुकी है. इसके मुताबिक, सामने आए नए मामलों में 83 स्वास्थ्यकर्मी और राज्य के बाहर से आए 86 लोग भी शामिल हैं. वहीं, वर्तमान में विभिन्न जिलों में 4,91,491 लोगों को निगरानी में रखा गया है.

    (इनपुट भाषा से भी)

    Tags: Coronavirus, Kerala

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