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Coronavirus: भारत में कोरोना वायरस के 606 केस, दुनिया में 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

News18Hindi
Updated: March 26, 2020, 12:20 AM IST
Coronavirus: भारत में कोरोना वायरस के 606 केस, दुनिया में 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत
देश के कोरोना वायरस (Coronavirus) पॉजिटिव की संख्या 606 हो गई है, इनमें से 11 की मौत हो गई है. वहीं, 43 लोग ठीक होकर अस्पताल से घर जा चुके हैं. दुनिया भर में इस वायरस से 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज्यादा मौतें यूरोप में हुई हैं.

देश के कोरोना वायरस (Coronavirus) पॉजिटिव की संख्या 606 हो गई है, इनमें से 11 की मौत हो गई है. वहीं, 43 लोग ठीक होकर अस्पताल से घर जा चुके हैं. दुनिया भर में इस वायरस से 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज्यादा मौतें यूरोप में हुई हैं.

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  • Last Updated: March 26, 2020, 12:20 AM IST
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नई दिल्ली. देश में बुधवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमितों की संख्या 600 के पार पहुंच गई. इस बीच, प्रशासन ने हालात से निपटने के लिए तैयारियों को तेज कर दिया है और संक्रमितों के इलाज के लिए सैन्य आयुध फैक्टरियों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अस्पतालों में 2,000 बेड की व्यवस्था पृथक वॉर्ड के तहत की है.

शिमला (Shimla) के अधिकारी ने बताया कि उपरोक्त तैयारियों के अलावा हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के हमीरपुर (Hamirpur) जिले में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रावासों के 2,000 कमरों को पृथक केंद्र बनाने के लिए अपने कब्जे में लिया है.

कोलकाता (Kolkata) में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शहर में 2,200 बिस्तरों के सरकारी अस्पताल में अन्य बीमारियों के नये मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई है और जो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं एवं उनकी हालत स्थिर हैं उन्हें छुट्टी दी जा रही है ताकि पृथक केंद्र बनाया जा सके.

पीएम ने वाराणसी के लोगों से की बात



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के लोगों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए दोहराया कि सामाजिक मेल मिलाप से दूरी और घरों में रहना ही कोरोना वायरस से निपटने का एकमात्र कारगर तरीका है. उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के संक्रमित करीब एक लाख मरीज ठीक हो चुके हैं, यह तथ्य रेखांकित करने की जरूरत है.’’

मोदी ने देश भर में 21 दिनों के लिए बंदी की घोषणा करने के एक दिन बाद कहा, ‘‘लोगों को इस तथ्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि यह कितना खतरनाक विषाणु है. यह बीमारी अमीरों और गरीबों में भेद नहीं करती.’’ उल्लेखनीय है कि राष्ट्र व्यापी बंदी मंगलवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो गई.

43 लोग ठीक होकर जा चुके हैं घर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को देश में संक्रमितों की संख्या 606 तक पहुंच गई जिनमें से 43 ठीक होकर अस्पताल से घर जा चुके हैं. मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. हालांकि, मंत्रालय ने मृतकों की संख्या में बुधवार को तमिलनाडु और मध्यप्रदेश में हुई एक-एक मौत को शामिल नहीं किया जिनकी जानकारी राज्य के अधिकारियों ने दी है. दोनों राज्यों में कोरोना वायरस से यह पहली मौत है.

 

अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में बुधवार को कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से 65 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई. इस संक्रमण से मध्यप्रदेश में यह पहली मौत है.

उन्होंने बताया कि महिला का हाल में विदेश यात्रा करने का इतिहास था और वह उज्जैन की रहने वाली थी. महिला का इंदौर स्थित सरकारी एमवाई अस्पताल में इलाज चल रहा था.

तमिलनाडु में संक्रमण से पहली मौत
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भास्कर ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित 54 वर्षीय एक पुरुष की बुधवार सुबह मदुरै के अस्पताल में मौत हुई, यह राज्य में इस संक्रमण से पहली मौत है. उन्होंने बताया कि मृतक अनियंत्रित मधुमेह सहित लंबे से समय बीमारी से पीड़ित थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में जिस व्यक्ति की मौत हुई थी उसके दूसरे नमूने में भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई. इसलिए इस मौत को मृतकों के अद्यतन आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है. मंत्रालय ने बताया कि इस व्यक्ति की गिनती मंगलवार को कोरोना वायरस से मरने वालों में की गई थी.

इस बीच दुनियाभर में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या 19,000 के पार पहुंच चुकी है जबकि 4,27,940 से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में वायरस के संक्रमण का पहला मामला आया था और अबतक 181 देशों में इसका प्रकोप फैल चुका है. बता दें दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 20 हजार के पार पहुंच गई है। इनमें से अधिकतर मौतें यूरोप में हुई हैं.

सबसे ज्यादा मौतें इटली में
आंकड़ों के मुताबिक वायरस से सबसे अधिक प्रभावित इटली में अकेले 7,503 लोगों की मौत हुई जबकि दूसरे स्थान पर स्पेन है जहां पर 3,434 लोगों ने जान गंवाई है. चीन जहां से इस महामारी की शुरुआत हुई है वहां पर 3,281 लोगों की मौत हुई है.

मई तक एक लाख पहुंच सकती है संक्रमितों की संख्या
प्रशासन इस महामारी से निपटने की तैयारियों को ऐसे समय तेज कर रहा है जब अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के दल का आकलन है कि अगर मामलों के बढ़ने की गति यही रही तो मई के मध्य तक देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या करीब एक लाख तक पहुंच जाएगी.

अंत:विषय शोधकर्ताओं के दल ‘‘कोव-इंड-19 अध्ययन समूह’’ द्वारा संकलित रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने महामारी के शुरुआती दौर में अमेरिका और इटली जैसे देशों के मुकाबले कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए बेहतर काम किया. हालांकि, वास्तविक संक्रमित मामलों के आकलन पर आलोचनात्मक टिप्पणी की गई है.

पुणे के दंपति का लोगों ने ऐसे किया स्वागत
इस बीच, दिल को सुकून देने वाली घटना देखने को मिली. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित पहले मरीज, पुणे का एक दंपत्ति जब ठीक होकर बुधवार दोपहर घर पहुंचा तो सोसाइटी के लोगों ने भावनात्मक स्वागत किया.

पुणे के सिंहगढ़ रोड स्थित हाउसिंग सोसाइटी में जब 51 वर्षीय व्यक्ति और 43 वर्षीय उनकी पत्नी इलाज कराकर और पूरी तरह से ठीक होकर आए तब सोसाइटी के सभी लोगों ने बालकनी में ताली बजाकर और बर्तन बजाकर उनका स्वागत किया.

नियंत्रण में लिए गए तीन अस्पताल
दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि पूरे देश में अर्धसैनिक बलों के 32 अस्पतालों को अपने नियंत्रण में ले लिया है. उन्होंने बताया कि 1,900 बिस्तरों की क्षमता वाले इन अस्पतालों को पृथक वार्ड में तब्दील कर कोरोना वायरस संक्रमितों का इलाज किया जाएगा.

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के संयुक्त अस्पतालों को इस्तेमाल करने का त्वरित फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता सीमा प्रबंधन के सचिव ने की.

अर्ध सैनिक बलों के चिकित्सा इकाइयों द्वारा जारी आदेश की जानकारी ‘‘पीटीआई-भाषा’’ को मिली है जिसके मुताबिक संक्रमित मरीजों के आने की स्थिति में अस्पतालों को पृथक वार्ड सह कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए चिह्नित किया गया है.

इन 32 अस्पतालों का संचालन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जैसे बल करते हैं और ये ग्रेटर नोएडा, हैदराबाद, गुवाहाटी, जम्मू, टेकनपुर (ग्वालियर), दीमापुर, इंफाल, नागपुर, सिल्चर, भोपाल, अवाडी, जोधपुर, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु समेत अन्य जगहों पर हैं .

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन 32 तयशुदा अस्पतालों में कुल 1,890 बेड हैं.

कहीं और शिफ्ट किए जा सकते हैं जवान और उनके परिवार
आदेश में कहा गया है कि इन अस्पतालों में भर्ती जवान और उनके परिवार के सदस्यों को कोरोना वायरस संक्रमितों मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति पर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जानी चाहिए.

चीन से लगती सीमा की निगरानी की जिम्मेदारी निभा रहा आईटीबीपी पहले ही सशस्त्र बलों द्वारा संचालित सबसे बड़े पृथक केंद्र का संचालन कर रहा है. दिल्ली के छावला स्थित आईटीबीपी के पृथक केंद्र में 1,000 लोगों को रखने की क्षमता है.

ओएफबी ने निर्धारित किए बिस्तर
रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) ने कोरोना वायरस के मामलों से निपटने के वास्ते पृथक वार्ड के लिए कुल 285 बिस्तर निर्धारित किए हैं. मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि जबलपुर में वाहन फैक्टरी में अस्पताल में 40 बेड, इशापुर में धातु एवं स्टील फैक्टरी तथा कोसिपुर में बंदूक और गोला फैक्टरी, खडकी में आग्नेयास्त्र फैक्टरी, कानपुर में आयुध फैक्टरी, खामरिया में आयुध फैक्टरी और अंबाझरी में आयुध फैक्टरी में 30-30 बिस्तर तय किए गए हैं .

अंबरनाथ में आयुध फैक्टरी में 25 बेड और अवाडी (चेन्नई)में भारी वाहन कारखाना और मेडक में आयुध फैक्टरी में 25-25 बिस्तर निर्धारित किए गए हैं .

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने जताई चिंता
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच कश्मीर के प्रशासन ने चिंता जताई है कि घाटी में वास्तविक संक्रमितों की संख्या अबतक सामने आए 11 मामलों से अधिक हो सकती है क्योंकि कई लोगों ने यात्रा के बारे में जानकारी छिपाई है.

श्रीनगर के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि प्रशासन के पास ऐसे कई संदेश आए हैं कि लोगों ने पृथक रहने से बचने के लिए यात्रा के बारे में जानकारी छिपायी है.

अस्पताल से भागा एक मरीज
वहीं श्रीनगर में कोरोना वायरस से संक्रमण का संदिग्ध मरीज बुधवार को अस्पताल से भाग गया. हालांकि, तुरंत पता लगाकर दोबारा उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.

चौधरी ने बताया, ‘‘ संदिग्ध मरीज ने हंगरी की यात्रा की थी और डल गेट स्थित चेस्ट डीसीज अस्पताल से बुधवार दोपहर भाग गया. वह श्रीनगर के बटमालू का रहने वाला है और उसे मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और नमूना जांच के लिए भेजा गया है.’’ उन्होंने बताया कि अन्य मरीजों की जान को खतरे में डालने के कारण उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

आरएसएस ने कामगार परिवारों में बांटा खाने का सामान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घोषित तीन हफ्ते की बंदी से प्रभावित दैनिक वेतन भोगी कामगारों के परिवारों को बेंगलुरु में खाने का सामान वितरित किया. आरएसएस के कार्यकारी ने बताया कि प्रत्येक चिह्नित कामगार परिवार को पांच किलो चावल, एक किलो अरहर की दाल, 500 मिलीलीटर खाने का तेल, 500 ग्राम नमक, एक किलो प्याज, एक किलो आलू वितरित किया.

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First published: March 25, 2020, 7:12 AM IST
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