Coronavirus FAQ: होम आइसोलेशन के क्या हैं नियम? कैसे काम करता है ऑक्सीमीटर? जानें यहां

Coronavirus FAQ: होम आइसोलेशन के क्या हैं नियम? कैसे काम करता है ऑक्सीमीटर? जानें यहां
कोरोना के संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी अब 80 हजार के पार पहुंच गई है.

कोरोना (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच लोगों के मन में कई सवाल अब भी घूम रहे हैं. कई सवाल होम आईसोलेशन (Home Isolation) से जुड़े भी हैं, और कुछ ऑक्सीमीटर (Pulse Oximeter) को लेकर भी. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब:-

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 15, 2020, 12:08 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus Cases in India) के मामले 50 लाख के करीब पहुंच गए हैं. हर दिन 85 हजार से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं. कोरोना के संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी अब 80 हजार के पार पहुंच गई है. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लोगों के मन में कई सवाल अब भी घूम रहे हैं. कई सवाल होम आईसोलेशन (Home Isolation) से जुड़े भी हैं, और कुछ ऑक्सीमीटर (Pulse Oximeter)को लेकर भी. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब:-

  • कोरोना पॉजिटिव होने पर कहां आइसोलेट होना बेहतर है? घर या अस्पताल?

    अगर मरीज में कोरोना के कम और हल्के लक्षण हैं, तो वो होम आइसोलेशन में रह सकता है, लेकिन अगर लक्षण गंभीर हैं तो अस्पताल में भर्ती कराया जाता है. घर में अगर आइसोलेट होना है, तो जरूरी है एक अलग कमरा और बाथरूम हो. घर में भी कोई देख-रेख के लिए होना चाहिए. घर में सभी जरूरी सुविधाएं हों तभी सेल्फ आइसोलेट रहें.


  • अगर मैं होम आइसोलेशन में हूं, तो कौन-कौन से नियम फॉलो करने होंगे?

    मरीजों के लिए ट्रिपल लेयर वाला मास्क पहनना जरूरी होगा, जिसे हर आठ घंटे बाद बदलना होगा. अगर मास्क गीला या गंदा हो जाता है तो उसे फौरन बदलना होगा. इस्तेमाल के बाद मास्क को फेंकने से पहले उसे एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट से संक्रमणरहित करना होगा. मरीज को अपने ही कमरे के अंदर रहना होगा. मरीज को फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल करना होगा.





  • नॉर्मल कफ और जुकाम में भी कई बार चिंता होने लगती है कि कहीं कोरोना तो नहीं, ऐसे में क्या करें?

    इन दिनों कई वायरल के केस कम हो गए हैं. इसके अलावा कुछ बीमारी ऐसी हैं, जो केवल मास्क लगाने से दूर नहीं होती हैं। उसके लक्षण कोरोना जैसे ही होते हैं, जैसे कि डेंगू, मलेरिया जो मच्छर के काटने से फैलता है. इससे बचने के लिये आस-पास सफाई रखें. कोरोना के लक्षणों को पहचानिए, अगर आपको खुद में ऐसे लक्षण दिखते हैं, या आप किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं तो एक बार टेस्ट जरूर करा लें. अब सरकार ने बिना डॉक्टर के लिखे भी ऑन डिमांड जांच कराने की परमिशन दे दी है.


  • मैंने किसी संक्रमित से हाथ मिला लिया, तो क्या मेरे पूरे शरीर में कोरोना फैल गया होगा?

    अगर किसी संक्रमित से हाथ मिलाते हैं तो पूरे शरीर में वायरस नहीं फैलता है. वायरस उतनी ही जगह रहता है, जितने में व्यक्ति का हाथ संक्रमित के संपर्क में आया होता है. इसलिए हाथ मिलाने से या किसी के भी संपर्क में आने पर तुरंत साबुन या सैनेटाइजर से हाथ साफ कर लें. वैसे हाथ मिलाने की जरूरत नहीं है, नमस्ते करें. ये ज्यादा बेहतर है अभी.



  • पल्स ऑक्सीमीटर क्या है?

    होम क्वारंटाइन किए जाने वाले कोरोना रोगियों को पल्स ऑक्सीमीटर (oximeter) दिया जा रहा है. ठीक हो जाने के बाद रोगियों को यह डिवाइस सरकार को वापस करनी होगी. यह एक तरह का टेस्ट होता है. इस डिवाइस में अपनी उंगली रखनी होती है जिसके बाद रीडिंग आती है. इस टेस्ट में रोगी को किसी प्रकार का दर्द नहीं होता.


  • ऑक्सीमीटर कैसे काम करेगा?

    जो लोग ठीक है स्वस्थ हैं, और उन्हें फेफड़े की बीमारी नहीं है, तो रीडिंग 95-100 प्रतिशत के बीच में होनी होनी. अगर ये गिरने लगे और 92 प्रतिशत तक आ जाए तो इसका मतलब बीमारी बढ़ रही है. इसमें यह भी देखा गया है कि अगर संक्रमण बढ़ता है, तो एक दम से परेशानी नहीं होती है, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है. कई बार 80 फीसदी तक गिरने पर मरीज को परेशानी का अहसास होता है. इसलिए अगर ऑक्सीमीटर की रीडिंग 92 से नीचे आये तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.


  • ये कोरोना के मामले में कैसे मददगार है?

    कोरोना रोगियों को यह मीटर देने की बात इस कारण से चली, क्योंकि इससे रोगी घर पर ही यह जांच कर पाएंगे कि उनके शरीर का ऑक्सीजन स्तर क्या है? कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में सांस से संबंधित समस्याएं ही देखने को मिलती हैं. एक तरह से इसे ट्रिगर भी कहा जा सकता है. ऑक्सीजन की अधिक कमी खतरे की घंटी का संकेत है.
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