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PM मोदी बोले- वैक्सीन पर कितना खर्च आएगा अभी नहीं पता लेकिन हर नागरिक को मिलेगा टीका

कोरोना संकट पर पीएम मोदी की बैठक हुई,
कोरोना संकट पर पीएम मोदी की बैठक हुई,

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) से बिगड़ते हालात को लेकर पीएम मोदी (PM Narendra Modi) अलर्ट हो गए हैं. 25 मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद से प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह 9वीं बैठक है. पिछली बैठक 23 सितंबर को हुई थी. उस मीटिंग में 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 24, 2020, 10:45 PM IST
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PM Narendra Modi Review Meeting on Covid-19 Spikes: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus Cases in India) के संक्रमितों का आंकड़ा 91 लाख के पार हो गया है. कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. इनमें दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और राजस्थान शामिल है. बैठक में गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री ने समीक्षा बैठक में इशारों में विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, 'कुछ लोग कोरोना वैक्सीन के आने का वक्त पूछ रहे हैं. वैक्सीन को लेकर राजनीति कर रहे हैं. मैं उन्हें राजनीति करने से तो नहीं रोक सकता. लेकिन, वैक्सीन आने का समय हम तय नहीं कर सकते. ये वैज्ञानिकों के हाथ में है.'

पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वैक्सीन को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है. कुछ देर पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके वैक्सीन पर मोदी सरकार से सवाल पूछे थे.

राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट करके पूछा था- 1. सभी वैक्‍सीन कैंडिडेट्स में से सरकार कौन सी चुनेगी और क्‍यों? 2. किसे वैक्‍सीन पहले मिलेगी और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन की रणनीति क्‍या होगी? 3. क्‍या मुफ्त टीकाकरण के लिए PM CARES फंड का इस्‍तेमाल होगा? 4. सभी भारतीयों को कब तक टीका लग जाएगा?



पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ' केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त कोशिशों के बाद भारत कोरोना से निपटने में आज बाकी देशों से कहीं बेहतर स्थिति में है. हमारा रिकवरी रेट बढ़ रहा है और डेथ रेट लगातार कम हुई है. हमें आगे भी ऐसे ही प्रयास जारी रखने हैं.'
पीएम ने कहा, 'कोरोना से रिकवरी रेट बढ़ने के बाद लोगों में लापरवाही बढ़ गई है, लेकिन मैं बार-बार कहता हूं कि जब तक दवाई नहीं आ जाती है तब तक ढिलाई नहीं बरतनी है.' मोदी ने लोगों को आगाह करते हुए शायराना अंदाज में कहा- 'हमें ऐसी स्थिति नहीं लानी है जिससे यह कहना पड़े कि हमारी किश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था.'

पीएम मोदी ने कहा कि वैक्सीन आने पर फ्रंटलाइन वर्कर्स सभी की प्राथमिकताएं होनी चाहिए, केंद्र-राज्यों को एक साथ काम करना होगा. इसके अलावा पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि वैक्सीन उपलब्ध कराने का काम पारदर्शी तरीके से होगा. पीएम ने कहा कि वैक्सीन को लेकर सभी राज्य अपने सुझाव लिखित में दें. किसी पर फैसला थोपा नहीं जाएगा.

पीएम ने कहा- 'वैक्सीन हर कसौटी पर खरी होगी, लेकिन अभी इस पर काम चल रहा है. वैक्सीन की कीमत क्या होगी? इसकी कितनी डोज होगी, ये अभी तय नहीं हुआ है.'



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>>03:35 PM: पीएम मोदी ने कहा कि यह अभी तय नहीं हुआ है कि कौन से टीका पर कितना खर्च बैठेगा. हालांकि भारत में बन रहे दो टीके सबसे आगे हैं, हम वैश्विक कंपनियों के साथ भी काम कर रहे हैं. दवाओं के वर्षों तक उपलब्ध होने के बाद भी, कुछ लोगों पर इसकी प्रतिकूल प्रतिक्रिया होती है. इसलिए वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लेने की आवश्यकता है.

>>03:30 PM: प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कोरोनावायरस का टीकाकरण एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की तरह है. प्रत्येक राज्य और हितधारक को यह सुनिश्चित करने के लिए एक टीम के रूप में काम करना है कि यह मिशन व्यवस्थित, सुचारू और निरंतर प्रयास है

>>03:24 PM: प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं राज्यों से आग्रह करता हूं कि वह कैसे कम स्तर पर वैक्सीन लेने की तैयारी कर रहे हैं इस पर एक विस्तृत योजना भेजें. ये हमें फैसले लेने में मदद करेगा क्योंकि आपके अनुभव कीमती हैं. मैं इसके लिए आपकी सक्रिय भागीदारी की आशा करता हूं. वैक्सीन का काम जारी है लेकिन मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि किसी भी तरह की लापरवाही न हो.

>>03:20 PM: प्रधानमंत्री ने कहा कि यह निश्चित नहीं है कि टीके की एक, दो या तीन खुराकें होंगी या नहीं. यह भी तय नहीं किया गया है कि वैक्सीन की कीमत क्या होगी. हमारे पास फिलहाल इन सवालों के जवाब नहीं हैं.

>>03:15 PM: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार वैक्सीन के हर विकास को ट्रैक कर रही है. हम भारत के वैक्सीन निर्माताओं के साथ संपर्क में हैं. हम ग्लोबल रेग्युलेटर्स, दूसरे देशों की सरकारों और मल्टीनेशनल संस्थाओं और अंतरर्राष्ट्रीय कंपनियों के भी संपर्क में हैं.

>>3:05PM: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे लिए सुरक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण है, भारत जितनी भी वैक्सीन अपने नागरिकों को देगा वह सभी वैज्ञानिक मानकों पर सुरक्षित होंगी. राज्यों के साथ सामूहिक समन्वय में टीका वितरण रणनीति तैयार की जाएगी. राज्यों को कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं भी शुरू करनी चाहिए.

>>3:00PM- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रिकवरी रेट अच्छा देखकर सबको लगा कि वायरस कमजोर है और वह जल्द ही ठीक हो जाएंगे, इससे बड़ी लापरवाही हुई. जो लोग वैक्सीन पर काम कर रहे हैं वह कर रहे हैं लेकिन हमें इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि लोग सतर्क रहें और ट्रांसमिशन पर रोक लगे. हमें पॉजिटिविटी रेट को 5 प्रतिशत के अंदर लाना होगा.

>>2:30 PM- कर्नाटक के मंत्री बासवराज बोम्मई ने ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री चाहते हैं कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण को लागू करने के लिए तैयार रहे. टीकाकरण की प्राथमिकता में हेल्थ वर्कर्स, 50 साल से ऊपर के लोग और गंभीर हालत वाले लोग रहेंगे. पीएम ने इसे लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं.'

>>2:00 PM प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोरोना संकट पर हुई बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर शामिल नहीं हुए. इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक में बताया कि राज्य में अब सौ फीसदी RT-PCR टेस्ट हो रहे हैं. अभी नाइट कर्फ्यू, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे मसलों पर भी एक्शन लिया जा रहा है.

>>1:15 PM- पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में कोरोना के आंकड़े बताने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को रोका. मोदी ने हरियाणा के सीएम से कोरोना के आंकड़ों से ज्यादा इसके खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में बताने को कहा. पीएम ने कहा- 'हमें नंबर ना बताइए. कोरोना के खिलाफ राज्य सरकार ने क्या स्टेप लिए हैं, उसके बारे में जानकारी दीजिए.'

>>12:40 PM- पश्चिम बंगाल की सीएम बनर्जी ने बैठक में कहा कि बंगाल में कोरोना मरीजों का इलाज ठीक चल रहा है. उन्होंने पीएम से GST का बकाया पैसा राज्यों को जारी करने की मांग की.

>>12:11 PM- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर बनाए टास्क फोर्स की जानकारी दी. उद्धव ठाकरे  ने कहा कि टास्क फोर्स तैयार है, जो राज्य में कोविड वैक्सीन के वितरण पर काम कर रही है. इसके अलावा वो सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला के संपर्क में भी बने हुए हैं.
>>11:51 AM- मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यूरोप और अमेरिका में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. भारत में भी रोजाना आ रहे केस में इजाफा हुआ है. लिहाजा हमें भी नियमों को लेकर सावधानी बरतनी है. सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का हमेशा ध्यान रखना है. अमित शाह के बाद स्वास्थ्य सचिव ने आगामी दिनों की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान को विशेष सावधानी बरतनी पड़ेगी.>>11:42 AM- सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर की वजह प्रदूषण है. उन्होंने पीएम मोदी से पराली जलाने के मामले में दखल देने की मांग की.>>11:36 AM- इसके साथ ही केजरीवाल पीएम मोदी को बताया कि दिल्ली में नये आईसीयू बेड के लिये तत्काल 1,200 बाईपैप मशीनें खरीदने के निर्देश दिए गए हैं. वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) से 1,200 बाईपैप मशीनें तुरंत खरीदी जाएंगी.>> 11:28 AM- मीटिंग में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि 10 नवंबर के बाद राज्य में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हुई है. 10 नवंबर को दिल्ली में 8600 कोरोना संक्रमण के केस आए थे और उसके बाद से मामले घट रहे हैं. केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर की वजह प्रदूषण है.>> 11:10 AM- इस मीटिंग में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी शामिल हैं. सीएमओ छत्तीसगढ़ के ट्विटर अकाउंट से ये तस्वीरें शेयर की गई हैं.


क्या है बैठक का एजेंडा?
इस बैठक का दो मुख्य एजेंडा है. पहला, कोविड के बढ़ते केस को लेकर राज्य अपनी ओर से क्या प्रयास कर रहे हैं. केस के रोकथाम के लिए किस तरह से प्रयास किया जा रहा, इसको लेकर समीक्षा होगी.

दूसरा एजेंडा वैक्सीनेशन को लेकर है. अगले साल की शुरुआत में टीका आने की उम्मीद है. ऐसे में उसको कैसे जल्द से जल्द ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए, टीका को स्टोर करने के लिए राज्यों के पास क्या संसाधन हैं, और किस तरह से टीकाकरण किया जाएगा, इस मुद्दे पर बातचीत होगी.

दिल्ली में खतरनाक हुआ कोरोना
राजधानी दिल्ली में कोरोना के तेज़ी से बढ़ते हुए मामलों और मौत के आंकड़ों के साथ संक्रमण दर यानि पॉजिटिविटी रेट भी चिंता का विषय बनी हुई है. नवंबर के महीने में अब तक पॉजिटिविटी रेट लगातार 10 फीसदी से ऊपर बना हुआ है, और 2 बार पॉजिटिविटी रेट 15 फीसदी के पार भी जा चुका है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट कम हो रहा है. दिल्ली में 7 नवम्बर को सबसे ज़्यादा पॉजिटिविटी थी जो कि 15 फीसदी के करीब थी जो कि धीरे-धीरे कम हो रही है. सत्येंद्र जैन का कहना है कि इसको 1 दिन के अंदर नहीं देखा जा सकता साप्ताहिक पर देखते हैं, अगर साप्ताहिक बेसिस पर बात करें तो 3 से 4% का फर्क आया है.
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