AIIMS दिल्ली में आज से बच्चों के लिए कोवैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल: सूत्र

कोवैक्सीन को भारत-बायोटेक और आईसीएमआर ने बनाया है.(सांकेतिक तस्वीर)

कोवैक्सीन को भारत-बायोटेक और आईसीएमआर ने बनाया है.(सांकेतिक तस्वीर)

Screening for Childs in AIIMS: नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने पिछले महीने कहा था कि वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल बच्चों पर किया जाएगा. ट्रायल में 2 से 18 साल के बच्चे हिस्सा लेंगे.

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नई दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में सोमवार से बच्चों पर भारत बायोटेक (Bharat Biotech) और आईसीएमआर की बनाई वैक्सीन कोवैक्सीन (Covaxin) के क्लिनिकल ट्रायल की शुरुआत हो जाएगी. सूत्रों के मुताबिक पटना एम्स में बच्चों पर कोवैक्सीन का ट्रायल शुरू होने के बाद नई दिल्ली एम्स का ये फैसला आया है. पटना-एम्स के कोविड प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमार ने बुधवार को बताया कि 12 वर्ष से 17 वर्ष की उम्र तक के बच्चों पर यह परीक्षण मंगलवार से शुरू किया गया और बीते मंगलवार को तीन बच्चों को इसका इंजेक्शन दिया गया है. उन्होंने बताया कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ये तीनों बच्चे स्वस्थ हैं.

संजीव ने बताया कि अगले एक महीने में 525 बच्चों पर इस तरह का परीक्षण किया जाना है. जिनमें से करीब सौ बच्चों (वॉलंटियर) ने अबतक रजिस्ट्रेशन कराया है. इनकी स्क्रीनिंग के बाद चयनित तीन बच्चों पर ट्रायल किया गया. उन्होंने बताया दूसरे चरण में बच्चों पर वैक्सीन का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं दिखने पर तीसरे चरण के तहत टीके की खुराक दी जाएगी और उसके प्रभावी पाए जाने पर टीके को अनुमोदन के लिए भेज दिया जाएगा.

तीसरी लहर में बच्चों पर हो सकता है ज्यादा असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की खुराक नहीं दी गई कोरोना की तीसरी लहर, दूसरी लहर से भी ज्यादा तबाही मचा सकती है. इस लहर में बच्चों पर संक्रमण का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिल सकता है. बता दें कि देश में टीकाकरण के लिए तीन वैक्सीन को मंजूरी दी गई है, लेकिन कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक-V में से किसी को भी बच्चों के टीकाकरण के लिए मंजूरी नहीं है.
नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने पिछले महीने कहा था कि वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल बच्चों पर किया जाएगा. ट्रायल में 2 से 18 साल के बच्चे हिस्सा लेंगे. केंद्र सरकार ने बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल के लिए 13 मई को मंजूरी दी थी.


अमेरिका और कनाडा ने फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन को बच्चों के टीकाकरण के लिए मंजूरी दी है. चीन ने भी बच्चों के लिए कोरोनावैक को मंजूरी दी है. चीनी कंपनी सिनोवैक द्वारा बनाई गई इस वैक्सीन को 3 से 17 साल के बच्चों के लिए मंजूर किया गया है. हालांकि वैश्विक स्तर पर ज्यादातर देशों में अभी बच्चों का टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है.

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