कोरोनाः 100 फीसदी टीकाकरण के करीब सीआरपीएफ, 8441 जवानों को टीका लगते ही बनेगा इतिहास

सीआरपीएफ में 6 मई तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 3.25 लाख की संख्या वाली फोर्स में कुल मिलाकर 98 फीसदी से भी ज्यादा लोगों को कोविड वैक्सीन का फर्स्ट डोज लग चुका है. (सांकेतिक चित्र)

Coronavirus Vaccination: सभी सात सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के आंकड़ों की बात करें तो 8 मई तक 69,852 लोग संक्रमित हो चुके थे. इनमें 60,549 लोग ठीक हो चुके हैं.

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नई दिल्ली. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानि सीआरपीएफ सौ फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य को पाने के करीब पहुंच गई है. फोर्स में सिर्फ 8441 कर्मी ही ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन की पहली खुराक नहीं मिली है. जैसे ही सीआरपीएफ बाकी बचे लोगों को वैक्सीन की डोज लगा देती है, देश और दुनिया में संपूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने वाली पहली सबसे बड़ी पैरामिलिट्री फोर्स बन जाएगी.

सीआरपीएफ में 6 मई तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 3.25 लाख की संख्या वाली फोर्स में कुल मिलाकर 98 फीसदी से भी ज्यादा लोगों को कोविड वैक्सीन का फर्स्ट डोज लग चुका है और 80 फीसदी लोग वैक्सीन का सेकेंड डोज भी ले चुके हैं. 8 मई तक के आंकड़ों के मुताबिक CRPF में 20,106 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 17,498 लोग संक्रमण को मात देकर ठीक हो चुके हैं. हालांकि 105 लोगों की मौत हुई है और 2,503 लोग अभी भी संक्रमित हैं.

अगर सभी सात सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के आंकड़ों की बात करें तो 8 मई तक 69,852 लोग संक्रमित हो चुके थे. इनमें 60,549 लोग ठीक हो चुके हैं. 264 लोगों की मौत हो चुकी थी और 9,037 लोग अभी भी पीड़ित हैं. इसके साथ ही जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हो पाया है उनसे फोन के जरिए संपर्क कर जल्द से जल्द इसकी वजह जानने और उनका टीकाकरण करवाने के निर्देश संबंधित ब्रांच ऑफिस को दिए गए हैं.

दूसरी ओर जिन लोगों को गंभीर बीमारियों के चलते टीका नहीं लग पाया, उनका CRP (c-reactive protein quantitative) लैबोरेट्री टेस्ट करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं. अगर किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित जवान का CRP बढ़ा हुआ आता है तो उसको टीका ना लगाकर उसका इलाज करवाया जायेगा. एक बार CRP नॉर्मल होने के बाद फिर उसे वैक्सीन का टीका लगाया जायेगा.

देश में वैक्सीन की कमी के बीच सीआरपीएफ सौ फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करना चाहती है, ताकि जवान हो या अफसर सभी को सुरक्षा कवच मुहैया कराया जा सके.