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कोरोना वायरस से अब तक 564 लोगों की मौत, चीन ने 24 हजार मौतों संबंधी खबर का किया खंडन

भाषा
Updated: February 7, 2020, 12:01 AM IST
कोरोना वायरस से अब तक 564 लोगों की मौत, चीन ने 24 हजार मौतों संबंधी खबर का किया खंडन
कोरोना वायरस से 564 मौत

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने गुरुवार को बताया कि बुधवार तक कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण से कुल 564 लोगों की मौत हुई है और 31 प्रांत स्तरीय क्षेत्रों में संक्रमण के 28,018 मामलों की पुष्टि हुई है.

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बीजिंग. चीन ने गुरुवार को कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या अधिक बताने वाली खबरों की निन्दा की और कहा कि कुल 564 मौतों की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही अधिकारियों ने बीमारी से पीड़ित हजारों मरीजों के इलाज के लिए दूसरे अस्पताल का काम पूरा कर लिया.

बुधवार तक कोरोना वायरस से 564 मौत
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने गुरुवार को बताया कि बुधवार तक कोरोना वायरस के संक्रमण से कुल 564 लोगों की मौत हुई है और 31 प्रांत स्तरीय क्षेत्रों में संक्रमण के 28,018 मामलों की पुष्टि हुई है. बुधवार को देश में 73 लोगों की मौत हो गई जो अभी तक एक दिन में मरने वालों की सबसे ज्यादा संख्या है. साथ ही बुधवार को इस महामारी में 3,694 मामलों की बढ़ोतरी हुई.

चीनी अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि देश में रह रहे 19 विदेशी नागरिकों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है. हालांकि संक्रमित नागरिकों की नागरिकता का खुलासा नहीं किया गया है. चीन ने गुरुवार को उन देशों के समक्ष राजनयिक विरोध दर्ज कराया, जिनकी एअरलाइनों ने चीन के शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. चीन का आरोप है कि वे घातक कोरोना वायरस के मद्देनजर दहशत फैला रहे हैं.

सबसे ज्‍यादा मौत हुबेई में
बुधवार को मरे कुल 73 लोगों में से 70 हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान से थे, जहां इससे सबसे अधिक लोग मारे गए हैं. वुहान में संक्रमण से निपटने के लिए स्टेडियमों, सभागारों और स्कूलों को अस्पतालों में परिवर्तित किया जा रहा है, साथ ही बड़ी संख्या में अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है.

चीन ने गुरुवार को 1,500 बिस्तरों वाला एक नया अस्थायी अस्पताल खोला जो विशेष रूप से वायरस संक्रमित रोगियों के लिए बनाया गया है. इसके पहले वुहान में 1000 बिस्तरों वाले अस्पताल की शुरुआत की गई थी. चीनी अधिकारियों का कहना है कि हुबेई प्रांत में अस्पतालों और सुविधाओं की कमी के कारण मरने वालों की संख्या और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं.चीन ने ताइवारी मीडिया की खबर का खंडन किया
राज्य द्वारा संचालित चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क ने उपचार के लिए शहर में लग रहे नए शिविर अस्पतालों और मोबाइल क्लीनिकों का प्रसारण दिखाया. इस बीच, चीन ने ताइवानी मीडिया की उस रिपोर्ट का खंडन किया जिसमें यह कहा गया है कि बीजिंग मृतकों और संक्रमित लोगों की संख्या कम बता रहा है.

ताइवान न्यूज के अनुसार मशहूर सोशल मीडिया ऐप वीचैट चलाने वाले टेंसेंट ने सप्ताहांत में अपने वेब पेज पर संक्रमण और मौतों की असल संख्या जारी की जो कि सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक है. रिपोर्ट में दावा किया गया, 'शनिवार देर शाम टेंसेंट के वेब पेज पर बताया गया कि चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण के 1,54,023 मामलों की पुष्टि हुई जो कि सरकारी आंकड़ों से दस गुना अधिक है, साथ ही मृतकों की संख्या 24,589 बतायी गई जो सरकारी आंकड़ों से बहुत अधिक है.'

चीनी विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "हमें इस महामारी पर कुछ अफवाहें सुनने को मिली हैं जो इस वायरस से भी बदतर हैं." उन्होंने कहा, "आपने ध्यान दिया होगा कि डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने भी बार-बार लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने या अफवाहें न फैलाने का आह्वान किया है. कुछ देशों में संबंधित विभाग इन अफवाहों पर कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं.”

चुनयिंग ने कहा कि चीन पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहा है, साथ ही चीन सरकार अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने के लिए समय पर जानकारी साझा कर रही है. उन्होंने कहा, "जनता को जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग और वुहान स्वास्थ्य प्राधिकरण दैनिक ब्रीफिंग करते हैं। चीन के की पारदर्शिता और जिम्मेदारी की उच्च भावना के साथ इसके द्वारा किए जा रहे प्रयास अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने हैं.”

'कुछ देशों ने उड़ानों पर रोक लगाने जैसा अतिवादी कदम उठाया'
चुनयिंग ने कहा, 'कुछ देशों ने उड़ानों पर रोक लगाने जैसा अतिवादी कदम उठाया. हालांकि आईसीएओ (अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन) ने भी बुलेटिन जारी किए और सभी देशों को डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया.' उन्होंने कहा, 'हम डब्ल्यूएचओ की पेशेवर सिफारिशों और आईसीएओ के बुलेटिन के खिलाफ जाने वाले देशों की निंदा करते हैं और विरोध करते हैं.'

दुनियाभर में वायरस के फैलने के डर से एअर इंडिया और इंडिगो समेत कई अंतरराष्ट्रीय एअरलाइनों ने चीन आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं. इस कदम को चीन ने डब्ल्यूएचओ के दिशा निर्देशों के खिलाफ बताया है. भारत और अमेरिका समेत कई देशों ने यात्रा प्रतिबंध की भी घोषणा की है.

चीन के नागर विमानन प्रशासन ने कई कदम उठाए
उन्होंने कहा कि चीन के नागर विमानन प्रशासन ने हवाई जहाजों में वायरस फैलने की संभावना को कम करने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी उपाय किए हैं. चुनयिंग ने कहा, "हमें उम्मीद है कि सभी देश इस महामारी की स्थिति में चीन के प्रयासों का आकलन कर सकते हैं और ऐसी स्थिति में अति-प्रतिक्रिया न करें."

उन्होंने सभी देशों से उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाने का आग्रह किया. चीन ने बीजिंग में विदेशी संवाददाताओं को परामर्श भेजा जिसमें उन्होंने वायरस को लेकर सावधानी बरतने के लिए कहा और उन्हें यात्रा न करने का आग्रह किया है. साथ ही परामर्श में कहा गया है कि जिन्होंने भी विशेष रूप से हुबेई प्रांत और वुहान की यात्रा की है, वे 14 दिनों तक पृथक रहें.

परामर्श के अनुसार, 'उचित आत्म-सुरक्षा आवश्यक है और इस अवधि के दौरान हुबेई प्रांत की यात्रा से परहेज करने की सलाह दी जाती है.' चुनयिंग ने कहा कि चीन, विशेष रूप से वुहान में जो विदेशी नागरिक हैं, उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है. उन्होंने कहा, 'हमने विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत किया है. चीन में रह रहे कई विदेशी नागरिक चीन द्वारा किए जा रहे उपायों की सराहना करते हैं. चीन देश में रह रहे विदेशी नागरिकों की देखभाल करेगा और उनकी सुरक्षा की गारंटी देता है.'

 

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First published: February 6, 2020, 11:33 PM IST
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