कोरोना का डेल्टा वेरिएंट 85 देशों में फैला, WHO की चेतावनी- ये मचा सकता है तबाही

उज्जैन में जिस मरीज की डेल्टा प्लस वेरियंट से मौत हुई उसने वैक्सीन नहीं लगवाया था.

Coronavirus Delta Variant: WHO के मुताबिक पिछले दो हफ्ते के दौरान डेल्टा वेरिएंट 11 नए देशों में फैला है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा की बारीकी से निगरानी की जा रही.

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    नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर अब थोड़ी थम सी गई है. लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. एक्सपर्ट्स बार-बार तीसरी लहर की चेतावनी दे रहे हैं. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना के डेल्टा वेरिएंट को लेकर पूरी दुनिया को आगाह किया है. WHO के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट अब तक दुनिया के 85 देशों में फैल चुका है और ये ट्रेंड जारी रहा तो फिर कई और देशों में तबाही मच सकती है. बता दें कि कोरोना का ये वेरिएंट दूसरे के मुकाबले काफी तेज़ी से फैल रहा है. WHO की तरफ से जारी कोरोना के साप्ताहिक अपडेट में कहा गया है कि कोरोना का अल्फा वेरिएंट 170 देशों में फैल गया है. बीटा 119 देशों को परेशान कर रहा है. जबकि 71 देशों में गामा वेरिएंट मिले है.

    WHO के मुताबिक पिछले दो हफ्ते के दौरान डेल्टा वेरिएंट 11 नए देशों में फैला है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा की बारीकी से निगरानी की जा रही. डेल्टा वेरिेएंट अल्फा की तुलना में काफी अधिक तेज़ी से फैल है, और अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है तो ये और कई देशों में बड़े पैमाने पर फैल सकता है.

    डेल्टा वेंरिएंट का कहर
    सिंगापुर के एक अध्ययन से पता चला है कि डेल्टा वेंरिएंट से संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है. इसके अलावा ऐसे लोगों को आईसीयू में भर्ती कराना होता है. साथ ही डेल्टा वेरिएंट की चपेट में आने वाले मरीजों में मौत का खतरा भी बढ़ जाता है. इसके अलावा, जापान में एक अध्ययन में पता चला है कि अल्फा के मुकाबले डेल्टा वेरिएंट में संक्रमण दर भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है.



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    वैक्सीन का असर
    आखिर डेल्ट वेरिएंट के खिलाफ फाइज़र और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कितनी असरदार है इसको लेकर भी स्टडी की गई है. वैक्सीन की दो डोज़ लगने के बाद डेल्टा और अल्फा वेरिएंट से संक्रमित मरीज़ों को क्रमश: 95 और 96 प्रतिशतक तक की सुरक्षा मिलती है. यानी सिर्फ 4-5 फीसदी मरीजों को हॉस्पिटल जाने की जरूरत पड़ती है. स्कॉटलैंड के एक दूसरे अध्ययन में पाया गया कि 15 साल और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में दूसरी डोज़ मिलने के 14 दिनों के बाद फाइजर की दो खुराक क्रमशः 83 प्रतिशत और 79 प्रतिशत डेल्टा के कारण होने वाले संक्रमण के खिलाफ प्रभावी थीं.

    भारत पर WHO का अपडेट
    अपडेट में कहा गया है कि भारत ने पिछले सप्ताह (14-20 जून, 2021) की तुलना में सबसे अधिक नए COVID19 मामलों की संख्या 441,976 दर्ज की, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 30 प्रतिशत कम है. भारत से सबसे अधिक नई मौतें दर्ज की गईं (16,329 नई मौतें; प्रति 100,000 में 1.2 नई मौतें; 31 प्रतिशत की कमी). दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में पिछले सप्ताह की तुलना में 6 लाख से अधिक नए मामले और 19 हज़ार से अधिक नई मौतें, 21 प्रतिशत और 26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई.

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