भारत में जारी है कोरोना का कहर, मिलिए दुनिया की पहली Covid पेशेंट से, जिसे चीन ने किया 'गायब'

Covid 19 Second Wave: चीन के वुहान (Wuhan, China) शहर से पैदा हुआ कोरोना वायरस (Coronavirus) ने भारत में तबाही मचा रखी है. रोजाना लाखों मामले सामने आ रहे हैं, बीमारी से होने वाली मृत्युदर भी बढ़ गई है. इस बीच हम आपको दुनिया के पहले कोरोना पेशेंट (World First Corona Patient) से मिलवाने जा रहे हैं, जिनकी वजह से इस खतरनाक वायरस के बारे में दुनिया को पता चला.

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देशभर में कोरोना (Coronavirus) का कहर जारी है. आए दिन लाखों मामले सामने आ रहे हैं. कई राज्यों में हालात इतने ज्यादा बिगड़ गए हैं कि वहां कि सरकार लगातार कड़ी पाबंदियों पर विचार कर रही है. वहीं, कई जगहों पर नाइट कर्फ्यू लगाने के साथ साप्ताहिक लॉकडाउन भी लगने लगे हैं. हालांकि, तमाम उपायों के बावजूद हालात बद से बदतर हो रहे हैं. ऐसे में आज हम आपको दुनिया के सबसे पहले कोरोना पेशेंट (Covid Patient) से मिलवाने जा रहे हैं, जो चीन के वुहान की रहने वाली थीं. उस महिला का नाम हुआन यानलिंग (Huan Yanling) था जो एक चीनी साइंटिस्ट थीं.

हुआन यानलिंग को दुनिया का पहला कोरोना मरीज माना जाता है और उन्हें पेशेंट जीरो (Patient Zero) के नाम से जाना गया है. हुआन ने ही इस खतरनाक वायरस की सच्चाई को दुनिया के सामने लाया था. हालांकि, इसके बाद से वह गायब हैं. वह कहां हैं? इसकी जानकारी किसी को नहीं है. हुआंग के गायब होने के ठीक बाद अमेरिका ने ये शक जाहिर किया था कि इस साइंटिस्ट को चीन ने ही कहीं छुपा रखा है, ताकि वो इस खतरनाक वायरस के असलियत दुनिया को न बता सकें. उल्लेखनीय है कि अमेरिका ये मानता रहा है कि कोविड के वायरस को चीन की लैब में जान-बूझकर तैयार किया गया था. लेकिन चीन यह कहता है कि वायरस चमगादड़ों की वजह से फैला है.

दुनियाभर के कई देशों ने जब हुआंग के गायब होने पर सवाल किए तो चीन अपने बचाव में आ गया. चीन ने अपने दावे में कहा कि हुआंग सुरक्षित हैं और वह कहीं नौकरी के लिए गई हैं. हालांकि, बाद में चीनी सोशल मीडिया वीचैट पर जीरो पेशेंट हुआन यानलिंग अचानक आईं और कहा, "मैं हुआन यानलिंग अभी भी जीवित हूं, यदि आप मेरे बारे में कोई भी अफवाह सुनें तो यह समझें कि सच नहीं है." इसके बाद हुआंग सोशल मीडिया से भी गायब हो गईं.

ये थीं भारत की पहली कोरोना पेशेंट
भारत में कोरोना के मामले चीन से ही आए थे. केरल की रहने वाली एक 20 साल की लड़की देश की पहली कोरोना संक्रमित मरीज थी, जो चीन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी. इस लड़की ने अपना एक्सपीरिएंस भी शेयर किया था. उन्होंने कहा था कि जब मैं चीन से आई तो मुझे आइसोलेट कर दिया गया, लेकिन कुछ बताया नहीं गया. बाद में एक मीडिया रिपोर्ट को मेरे दोस्त ने भेजा और कहा कि एक लड़की है, जो चीन से आई है. वह भारत की पहली कोरोना पेशेंट है, मुझे समझ आ गया कि वह मेरे बारे में बात कर रहा है. 30 जनवरी 2020 को उन्हें भारत का पहला कोरोना पेशेंट घोषित किया गया था.
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