गुजरात हाईकोर्ट ने की सरकार की तारीफ, कहा- मर चुके लोग आलोचना से जिंदा नहीं होंगे

गुजरात हाईकोर्ट ने की सरकार की तारीफ, कहा- मर चुके लोग आलोचना से जिंदा नहीं होंगे
देश में 480 सरकारी और 208 निजी प्रयोगशालाओं के जरिये हर दिन करीब 1.40 लाख लोगों की कोरोना जांच की जा रही हैं.

गुजरात अदालत (Gujarat High Court) ने कहा, 'संकट के समय हमें झगड़ने के बजाय साथ आना चाहिए. कोविड-19 (Coronavirus) राजनीतिक नहीं, मानवीय संकट है. लिहाजा, यह जरूरी है कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण न किया जाए.'

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अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 Pandemic) से संबंधित एक जनहित याचिका पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने ताजा आदेश में कहा कि कोविड-19 राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय संकट है. महज सरकार की आलोचना करने से न तो चमत्कारिक रूप से लोग ठीक होने लगेंगे और न ही मर चुके लोग जिंदा होने वाले. चीफ जस्टिस विक्रम नाथ की अगुवाई में बेंच ने कहा, 'अगर वाकई सरकार ने इस महामारी की रोकथाम के लिए कुछ नहीं किया, जैसा कि आरोप लगाया जा रहा है; तो अब तक हम सब मर गए होते.' इस मामले पर अब 19 जून को अगली सुनवाई होगी.

बेंच ने इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए 22 मई को अपने आदेश में कहा था कि सरकार द्वारा संचालित अहमदाबाद सिविल अस्पताल की हालत दयनीय और कालकोठरी से भी बदतर है. इस अस्पताल में अबतक 415 कोविड-19 रोगी दम तोड़ चुके हैं. अदालत की इस टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया था. बेंच बीते 11 मई से इस याचिका पर सुनवाई कर रही है.

अदालत ने कहा, 'संकट के समय हमें झगड़ने के बजाय साथ आना चाहिए. कोविड-19 राजनीतिक नहीं, मानवीय संकट है. लिहाजा, यह जरूरी है कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण न किया जाए.' अदालत ने विपक्ष से ऐसे समय में आलोचना में मशगूल रहने के बजाय मदद का हाथ बढ़ाने के लिए कहा.



हाईकोर्ट को गुजरात सरकार ने बताया कि अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में कोरोनावायरस के चलते जान गंवाने वाले 83 फीसदी से ज्यादा मरीज पहले से ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे. अहमदाबाद के अस्पतालों में अब तक 789 कोरोना मरीजों की जान गई है. इसमें से अकेले 415 मौतें सिविल अस्पताल में हुई हैं.
इसके साथ ही गुजरात सरकार ने इन सभी मौतों का विशेषज्ञों से विश्लेषण भी करवाया. इसके बाद पता चला कि सिविल अस्पताल में जान गंवाने वाले 351 मरीज शुगर, हाइपरटेंशन, फेफड़ों की बीमारी, थायरॉयड, किडनी जैसी बीमारियों से जूझ रहे थे. (PTI इनपुट के साथ)

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