हांगकांग में कोविड-19 के दोबारा संक्रमण के केस आना परेशानी की बात नहीं: ICMR

हांगकांग में कोविड-19 के दोबारा संक्रमण के केस आना परेशानी की बात नहीं: ICMR
हांगकांग का मामला अलग है और वायरस के कारकों पर फिर से संक्रमण निर्भर करता है. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus in India: कोविड-19 (Covid-19) के पिछले 24 घंटे में 66,550 मरीज ठीक होने के बाद देश में कुल 24.04 लाख लोग अभी तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं. वहीं देश में कुल 7,04,348 मरीजों का कोरोना वायरस का इलाज चल रहा है जो कुल मामलों का 22.24 प्रतिशत है.

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नई दिल्ली. स्वास्थ्य अनुसंधान की शीर्ष संस्था आईसीएमआर (ICMR) ने मंगलवार को कहा कि हांगकांग (Hong Kong) में कोविड-19 (Covid-19) से फिर से संक्रमित होने की खबरों से ‘‘ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है.’’ साथ ही संस्था ने कहा कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) से प्रतिरोधक की क्षमता कितने समय तक के लिए रहेगी. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् (Indian Council of Medical Research) के महानिदेशक बलराम भार्गव (Dr. Balram Bhargava) ने कहा कि हांगकांग का मामला अलग है और वायरस के कारकों पर फिर से संक्रमण निर्भर करता है.

भार्गव ने कहा, ‘‘हांगकांग में एक मामले में फिर से संक्रमण की खबर हमने पढ़ी है. आगे बढ़ने के साथ हमें बीमारी के बारे में ज्यादा से ज्यादा पता चल रहा है. यह कई कारकों पर निर्भर कर सकता है. एक कारण स्वयं रोगी से जुड़ा हुआ है. उसकी प्रतिरोधक क्षमता कैसी है, क्या उसमें कोई कमी आई है. यह वायरस पर भी निर्भर कर सकता है.’’ उन्होंने कहा कि फिर से संक्रमण का केवल एक मामला सामने आया है और वायरल संक्रमण के लिए यह काफी विरल है.

खसरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक बार इससे प्रभावित होने पर इसे आजीवन प्रतिरोधक क्षमता मिल जाती है. लेकिन विरल ही किसी को दोबारा खसरा होता है.



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ऐसे लोगों के चलते भारत में बढ़ रहे मामले
यह पूछे जाने पर कि भारत में किन के जरिये यह महामारी बढ़ रही है, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) महानिदेशक डा. बलराम भार्गव ने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि गैर जिम्मेदार और कम सतर्क लोग जो मास्क नहीं पहन रहे हैं और एकदूसरे से दूरी नहीं बना रहे हैं, उनकी वजह से भारत में महामारी बढ़ रही है.’’

जांच क्षमता बढ़ाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे जांच क्षमता में वृद्धि की गई और 21 अगस्त को यह आखिरकार एक दिन में 10 लाख नमूनों की जांच करने की हो गई.

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भार्गव ने कहा, ‘‘कोविड-19 जांच क्षमता में काफी वृद्धि हुई है- 30 जनवरी को प्रतिदिन 10 जांच से यह 21 अगस्त को प्रतिदिन 10 लाख हो गई है.’’ भार्गव ने कहा, ‘‘भारत में हमारे पास 1,524 कोविड-19 जांच प्रयोगशालाएं हैं और 25 अगस्त 2020 तक 3,68,27,520 जांच की जा चुकी हैं.’’
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