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70 जिलों में कोविड-19 के मरीजों की संख्या में 150% वृद्धि, राज्यों को जांच बढ़ाने के निर्देश

70 जिलों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

70 जिलों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

Coronavirus in India: 70 जिलों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई. 17 जिलों के 55 राज्यों में 100-150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2021, 9:31 AM IST
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Coronavirus Second Wave: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने बुधवार को कहा कि एक मार्च से 15 मार्च के बीच 16 राज्यों के कुल 70 जिलों में कोविड-19 (Coronavirus in India) के मरीजों की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि इनमें से ज्यादातर जिले पश्चिम और उत्तर भारत के हैं. उन्होंने कहा, '16 राज्यों के लगभग 70 जिलों में एक मार्च से 15 मार्च के बीच उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और 17 जिलों के 55 राज्यों में 100-150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.'

भूषण ने कहा, 'इन राज्यों में हमने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने और सभी लाभार्थियों को टीका देने को कहा है.' राज्यों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि पर उन्होंने कहा, 'सभी उपचाराधीन मरीजों की संख्या में से 60 प्रतिशत मरीज महाराष्ट्र में हैं और महामारी से होने वाली हालिया मौतों का 45 प्रतिशत महाराष्ट्र से है.'

स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा, 'एक मार्च को संक्रमण के 7,741 नए मामले सामने आए थे. 15 मार्च तक यह संख्या बढ़कर औसतन 13,527 हो गई. संक्रमण की दर एक मार्च को 11 प्रतिशत थी जो 15 मार्च तक 16 प्रतिशत हो गई.' संक्रमण की बढ़ती हुई दर पर चिंता जताते हुए भूषण ने कहा कि जांच की संख्या उस दर से नहीं बढ़ रही जिस प्रकार संक्रमण की दर में वृद्धि हो रही है. उन्होंने कहा, 'इसलिए राज्यों, विशेष रूप से महाराष्ट्र को हमारी सलाह है कि जांच की दर, विशेष रूप से आरटी पीसीआर की दर बढ़ाई जाए.'



कोविड-19 की दूसरी लहर को रोकने के लिए तीव्र एवं निर्णायक कदम उठाने की जरूरत : मोदी
वहीं कोरोना वायरस के दैनिक मामलों के तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कोविड-19 की ‘दूसरी लहर’ को रोकने के लिए ‘तीव्र एवं निर्णायक’ कदम उठाने का आह्वान किया. इस बीच एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कोविशील्ड टीके के इस्तेमाल को लेकर देश में 'चिंता के कोई संकेत' नहीं मिले है. देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये संवाद के दौरान मुख्यमंत्रियों को आगाह करते हुए कहा कि 'राष्ट्रव्यापी महामारी' एक बार फिर सामने आ सकती है और वे 'जांच, पहचान और इलाज’ नीति का कड़ाई से अनुपालन कराएं.

उन्होंने कहा, 'हर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का कम से कम समय में पता लगाना और आरटी पीसीआर जांच दर 70 प्रतिशत से ऊपर रखना बहुत अहम है. कोविड-19 महामारी की वर्तमान स्थिति और देश भर में कोरोना के खिलाफ जारी टीकाकरण के सिलसिले में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से डिजिटल माध्यम से संवाद करते हुए मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कोरोना के मामले बढ़े हैं.

उन्होंने कहा, 'अगर हम इस बढ़ती हुई महामारी को यहीं नहीं रोकेंगे तो देशव्यापी संक्रमण की स्थिति बन सकती है. हमें कोरोना की इस उभरती हुई ‘सेकंड पीक (दूसरी शीर्ष स्थिति)’ को तुरंत रोकना ही होगा. इसके लिए हमें तीव्र और निर्णायक कदम उठाने होंगे.' गत 16 जनवरी को दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरूआत करने के बाद प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह पहली बैठक थी. (भाषा इनपुट के साथ)
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