मई के पहले हफ्ते में हर रोज 4 लाख से ज्यादा मामले, दूसरे सप्ताह 48 लाख तक पहुंच सकते हैं एक्टिव केस- रिपोर्ट

कोरोना वायरस (सांकेतिक फोटो)

कोरोना वायरस (सांकेतिक फोटो)

Coronavirus In India: इससे पहले अप्रैल के शुरुआत हफ्ते में 15-20 अप्रैल के दरम्यान एक्टिव केस के पीक का अनुमान लगाया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2021, 11:15 AM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus In India) के तीन लाख से ज्यादा केस आने का क्रम जारी है. स्वास्थ्य मंत्रालय  (Mohfw) के मुताबिक सोमवार को कोरोना के नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1 करोड़ 73 लाख 13 हजार 163 हो गई है. पिछले 24 घंटे में कारोना वायरस संक्रमण के 3,52,991 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 2812 लोगों की मौत हुई है.

वहीं अब एक रिपोर्ट के अनुसार, 2-3 हफ्तों तक कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं. आईआईटी के वैज्ञानिकों ने मैथमेटिकल मॉडल के जरिये देश में महामारी के समय और पीक की फिर से भविष्यवाणी की है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार 14-18 मई के दौरान देश में एक्टिव मामले 38-48 लाख तक पहुंच सकता है जबकि 'नए' मामलों का पीक अगले 10 दिनों में 4.4 लाख तक पहुंच सकता है. रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी-कानपुर के मणींद्र अग्रवाल ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि 'मैंने पीक टाइम के लिए वैल्यू का कैलकुलेशन किया है. लास्ट फेज तक संक्रमण इस सीमा के भीतर रह सकता है.  अनिश्चितता का कारण यह है कि अंतिम फेज तक लगातार बदलाव हो रहा है.'

एक्टिव केस का पीक टाइम कब आएगा?
अग्रवाल ने दावा किया 'संक्रमण का में एक्टिव केसेज का पीक टाइम 14 से 18 मई और नए मामलों का पीक टाइम 4-8 मई हो सकता है. पीक एक्टिव केस 38-48 लाख तक हो सकते हैं और एक दिन में अधिकतम 3.4 से 4.4 लाख तक नये मामले आ सकते हैं. '



इससे पहले अप्रैल के शुरुआत हफ्ते में इस मॉडल के तहत 15-20 अप्रैल के दरम्यान एक्टिव केस के पीक का अनुमान लगाया गया था. पुराने अनुमान में एक्टिव केस की संख्या 10 लाख होने की संभावना थी. यह आंकाड़ा पिछले साल सितंबर के बराबर था. हालांकि इन आंकड़ों को बाद में संशोधित किया गया. संशोधि आंकड़ों में अनुमान लगाया गयाकि 11-15 मई के बीच 33-35 लाख एक्टिव केस के साथ पीक आ सकता है. उन्होंने कहा कि राज्यों से नए डेटा के कारण पैरामीटर बदलते रहे और इसीलिए पीक वैल्यू में बदलाव आया.
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