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देश में कोरोना से मृत्यु दर 1.12 फीसद, लेकिन मौत का आंकड़ा तीन लाख पार, समझिए गणित

राज्यवार देखें तो देश में कोरोना से मौतों का आंकड़ा महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा है. फाइल फोटो

Coronavirus in India: देश में कोरोना की दूसरी लहर किसी सुनामी की तरह आई. मेडिकल क्राइसिस का हाल ये रहा कि 27 दिन के अंदर 1 लाख लोगों की मौत हो गई. जबकि मृत्यु दर अब भी 1.12 फीसदी ही है.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में भारत रविवार को उन देशों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आ गया, जहां कोविड के चलते सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत तीसरा देश है, जहां महामारी ने अपना तांडव दिखाते हुए 3 लाख से ज्यादा लोगों को निगल लिया. भारत में महामारी की दूसरी लहर ने लगातार दो महीने तक लाखों की संख्या में लोगों को संक्रमित किया और हजारों की संख्या में लोगों की जान ली. जब सरकारी आंकड़ों में जान गंवाने वालों की संख्या 3 लाख के पार जा चुकी है तो ज़मीन पर ये आंकड़ा कितना ज्यादा होगा, इसका अनुमान लगाया जा सकता है.

    Worldometers.info की ओर से रात 8 बजे तक जारी किए गए डेटा के मुताबिक भारत में 3,00,312 लोगों की मौत कोविड से हो चुकी थी. ये आंकड़ा अमेरिका में हुई 6 लाख मौतों का आधा है, जबकि ब्राजील में हुई 4 लाख 48 हजार मौतों से करीब डेढ़ लाख कम है. अमेरिका, ब्राजील और भारत के अलावा दुनिया में सिर्फ 5 ऐसे देश हैं (मेक्सिको-2.21 लाख, यूके-1.27 लाख, इटली- 1.25 लाख, रूस- 1.18 लाख, फ्रांस-1.08 लाख), जहां कोविड से मरने वालों का आंकड़ा लाख में पहुंचा है.

    भारत में मृत्यु दर कम
    कोरोना की मार झेलने वाले देशों में भारत का नंबर भले ही दूसरा है, लेकिन मृत्यु दर के मामले में भारत उन देशों के मुकाबले बेहद पीछे है, जहां वायरस ने अपना विकराल रूप दिखाया. भारत में संक्रमित होने वालों की संख्या 2 करोड़ 26 लाख है, लेकिन मृत्यु दर महज 1.12 फीसदी है. इटली में मृत्यु दर 3 फीसदी रही, जबकि सबसे ज्यादा प्रभावित हुए देश अमेरिका में भी मृत्यु दर इससे तकरीबन आधी यानि 1.8 फीसदी रही. ये दर रिकॉर्ड में आए कोरोना केस और मौतों के आधार पर निकाली गई है.



    ये भी पढ़ें-महामारीः अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत में कोरोना से मौत का आंकड़ा 3 लाख के पार   

    दूसरी लहर ने बिगाड़े हालात
    भारत में बड़ी संख्या में लोगों के मरने का सिलसिला कोरोना की दूसरी सुनामी के दौरान शुरू हुआ. पहली लहर में भारत में मरने वालों की संख्या काफी कम थी. पिछले साल सितंबर में कोरोना के पीक टाइम पर भारत में 97 हजार केसेज आए थे, जबकि देश में कुल 33,000 लोगों की मौत हुई थी. दूसरी लहर के पीक पर भारत में अप्रैल महीने में 49 हजार लोगों की मौत हुई और मई में ये आंकड़ा बढ़कर 87 हजार पहुंच गया.

    महीने का अंत होते-होते इसके 1 लाख तक पहुंचने की भी आशंका है. फरवरी की बात करें तो उस वक्त महीने भर में 2765 लोगों की मौत हुई थी और कोई भी इस भयावह दृश्य की कल्पना नहीं कर रहा था. कुल मिलाकर देश के मौत के आंकड़ों में 1 लाख की संख्या महज 27 दिनों के अंदर जुड़ी है. 208 दिनों के अंदर देश में महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 1 लाख से बढ़कर 3 लाख पहुंच गई है.

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    महाराष्ट्र ने देखा कोरोना का खौफनाक रूप
    देश में कोरोना से सबसे ज्यादा नुकसान जिस राज्य ने उठाया, वो महाराष्ट्र है. 87,000 मौतों के साथ महाराष्ट्र में कोविड से देश के कुल आंकड़ों की 29 फीसदी कैजुएलिटी रही. ये आंकड़ा देश के दूसरे सबसे ज्यादा कोविड प्रभावित राज्य कर्नाटक का साढ़े तीन गुना है. दिल्ली, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में भी कोरोना से 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई.
    Published by:Prateeti Pandey
    First published: