कोरोना वायरस को हराने के लिए सेना ने कसी कमर, जारी किए दिशा निर्देश

एहतियात के तौर पर सेना में सभी तरह की मेडिकल एग्जामिनेशन या बोर्ड को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है. फाइल फोटो

एहतियात के तौर पर सेना में सभी तरह की मेडिकल एग्जामिनेशन या बोर्ड को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है. फाइल फोटो

Coronavirus: कर्मचारियों को भीड़ भाड़ से बचने के भी निर्देश दिए गए हैं, साथ ही अगर संभव हो तो सभी मीटिंग और कॉन्फ्रेंस के आयोजन को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल माध्यम से किया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 17, 2021, 6:20 PM IST
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नई दिल्ली. गर्मियां सर पर हैं और जैसे-जैसे हवा का ताप बढ़ता जा रहा है, कोरोना (Coronavirus) और खतरनाक होता जा रहा है. बताया जा रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर पहले से ज्यादा खतरनाक है. संक्रमण से लड़ने के लिए केंद्र सरकार ने प्रोटोकॉल तो जारी किए ही हैं, साथ ही सेना (Indian Army) ने भी संक्रमण के मामलों को देखते हुए दिशा निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों में सबसे महत्वपूर्ण है, अस्पतालों में कोरोना के इलाज के साथ-साथ बाकी चिकित्सा सेवाएं... सेना ने अपने निर्देशों में इस पर काफी तवज्जो दी है.

सेना की ओर जारी निर्देशों में कहा गया है कि आर्मी अस्पतालों में अन्य बीमारियों का इलाज पहले जैसे ही जारी रहेगा, लेकिन कोविड वार्ड को अलग रखा जाएगा. साथ ही इमरजेंसी ऑपरेशंस को कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए अंजाम दिया जाएगा. दिशानिर्देशों के मुताबिक सैन्य अस्पताल में एक स्टाफिंग प्लान होगा, जिसमें आकस्मिकता योजना बनाए रखने के साथ सभी अस्पतालों के स्टाफ को 7 से 10 दिनों के रोटेशन पर चिकित्सा सेवाओं को लगातार बनाए रखना होगा. साथ ही ये भी ध्यान में रखा जाएगा कि अस्पताल में भीड़ ज्यादा नहीं हो.

इसके लिये अस्पताल में भर्ती मरीज को देखने आने वाले परिजनों की संख्या को भी कम किया जाएगा. कोविड केयर सेंटर को फिर से शुरू किया जाएगा, ताकि हल्के लक्षण और बिना लक्षण वाले मरीजों के चलते बड़े अस्पतालों में दबाव कम किया जा सके. अस्पतालों में इमरजेंसी सर्जरी तो लगातार जारी रहेगी और इसे कोरोना को ध्यान में रखकर किया जाएगा, जबकि अन्य जरूरी वैकल्पिक सर्जरी एहतियात की वजह से इलाज कर रहे डॉक्टर या अस्पताल प्रशासन के परामर्श के बाद ही की जा सकती हैं.

इसके साथ ही जिन सैनिकों और उनके परिवार वालों की उम्र 45 साल से अधिक है और जिन्हें कोविड वैक्सीन की एक डोज मिल चुकी है. उन्हें दूसरी डोज जल्द से जल्द देने को भी कहा गया है. इसके साथ ही कोरोना की रोकथाम के लिए जो जानकारी या हिदायतें सरकार की तरफ से जारी की गई हैं, उनकी ट्रेनिंग भी दी जाएगी. एहतियात के तौर पर सेना में सभी तरह की मेडिकल एग्जामिनेशन या बोर्ड को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है.
इसके अलावा सैनिकों की सालाना स्वास्थ्य जाँच और हर पाँच साल में होने वाली स्वास्थ्य जाँच को भी स्थगित किया गया है. सेना के दफ्तरों में भी कर्मचारियों की मौजूदगी को भी 50 फीसदी कम करने का कहा गया है, और जो लोग भी दफ्तर आएंगे, उन्हें तयशुदा समय पर आना होगा. सभी लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन भी करना होगा.



कर्मचारियों को भीड़ भाड़ से बचने के भी निर्देश दिए गए हैं, साथ ही अगर संभव हो तो सभी मीटिंग और कॉन्फ्रेंस के आयोजन को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल माध्यम से किया जाए. इसी के चलते एहतियातन अप्रैल के अंत में दिल्ली में होने वाली आर्मी कमांडर कॉन्फ्रेंस को भी रद्द कर दिया गया है. बहरहाल, सेना सीमा पर दुश्मनों से तो लोहा ले ही रही है, अब कोरोना को हराने के लिए भी कमर कस चुकी है.
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