आज से लॉकडाउन 4.0, जानें क्या-क्या खुलेगा और किस चीज पर जारी रहेगी पाबंदी

आज से लॉकडाउन 4.0, जानें क्या-क्या खुलेगा और किस चीज पर जारी रहेगी पाबंदी
गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के चौथे चरण के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं

India Lockdown 4.0 Rules: गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने लॉकडाउन 4.0 (Lockdown 4.0)के लिए गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं. मेट्रो रेल सेवाओं पर रोक जारी रहेगी. स्कूल, कॉलेज, सभी प्रकार के शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे. ऑनलाइन पढ़ाई पर कोई रोक नहीं है.

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नई दिल्ली. देश भर में कोविड-19 (Covid-19) के मद्देनजर जारी लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया है. गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने लॉकडाउन 4.0 (Lockdown 4.0) के लिए गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं. कोरोना वायरस के कारण लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण सोमवार से हो गया है और इसमें लोगों को ज्यादा रियायत और लचीलापन देखने को मिलेगा. देश में सभी तरह की घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय विमान यात्राएं बंद रहेंगी. हालांकि घरेलू मेडिकल सेवाओं, घरेलू एयर एंबुलेंस को छूट रहेगी.

इन कामों पर रहेगी रोक
-मेट्रो रेल सेवाओं पर रोक जारी रहेगी. स्कूल, कॉलेज, सभी प्रकार के शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे. ऑनलाइन पढ़ाई पर कोई रोक नहीं है.

-होटल, रेस्त्रां, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल्स, जिम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार और ऑडिटोरियम बंद रहेंगे.
-स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स खोले जा सकेंगे लेकिन इसमें दर्शकों को जाने की अनुमति नहीं होगी.



-सभी सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजनों पर पूरी तरह से रोक जारी रहेगी.

-सभी सार्वजनिक धार्मिक स्थान बंद रहेंगे. धार्मिक बैठकों पर पूरी तरह से रोक रहेगी

कंटेनमेंट जोन में सख्ती बरकरार रहेगी यहां सिर्फ जरूरी सामानों की दुकानें खुलेंगी और ई-कॉमर्स के जरिए भी जरूरी सामान ही मंगवाया जा सकेगा.

कंटेनमेंट जोन छोड़कर बाकी जगहों पर शुरू हो जायेंगीं ये गतिविधियां-

1. यात्री गाड़ियों और बसों से अंतरराज्यीय यात्राएं. हालांकि इसमें राज्यों की अनुमति होना भी जरूरी होगा.

2. राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश का राज्य के अंदर शुरू किया गया यातायात.

3. लोगों की गतिविधियों के लिए तय किए गये स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत गतिविधियां.

राज्य तय करेंगे जोन
कोरोना वायरस के मामलों के आधार पर क्षेत्रों को रेड, ग्रीन और ऑरेंज और कंटेनमेंट जोन के आधार पर बांटा जाएगा. ये फैसला राज्य सरकारें और केंद्र प्रशासित प्रदेश का प्रशासन लेगा. ये सभी फैसले स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के आधार पर किए जाएंगे.

रेड और ऑरेंज जोन में जिला प्रशासन कंटेनमेंट और बफर जोन निर्धारित करेगा.

कंटेनमेंट जोन में सभी जरूरी कार्यों की अनुमति होगी. लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक रहेगी, सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी और जरूरी सामानों के लाने-ले जाने को ही मंजूरी दी जाएगी.

कंटेनमेंट जोन में बड़े स्तर पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी, घर घर जाकर जांच की जाएगी

रात में रहेगा कर्फ्यू
देश भर में सभी जोन में शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक रहेगी. स्थानीय प्रशासन अपने अधिकार में आने वाले क्षेत्रों के लिए इसे लेकर कानून के प्रावधानों के अनुसार आदेश जारी करेगा.

इन लोगों के निकलने पर पूरी तरह से रोक
सभी 65 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों या जिन्हें पहले से कोई बीमारी है, गर्भवती महिलाओं और 10 साल के कम उम्र के बच्चों को जरूरी काम या स्वास्थ्य संबंधी कारणों के अलावा घर में रहने की हिदायत दी गई है.

गृह मंत्रालय के आदेशानुसार जिन गतिविधियों पर पाबंदी है उसके अलावा सभी कार्यों की इजाजत दी गई है.
आरोग्य सेतु के इस्तेमाल के संबंध में-
-आरोग्य सेतु ऐप कोरोना वायरस के खतरे का पूर्वानुमान दे देती है और यह व्यक्ति और समाज के लिए ढाल का काम करती है.

-दफ्तरों और कार्यालयों में कर्मचारियों की बेहतर सुरक्षा हेतु नियोक्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी कर्मचारियों के फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करवाएं.

-जिला प्रशासन को सुझाव दिया जाता है कि वह हर व्यक्ति के फोन में आरोग्य सेतु इंस्टॉल करवाए और उनसे रोजाना अपना हेल्थ स्टेटस अपडेट करने के लिए कहे. इस ऐप के जरिए समय से स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकती हैं.

लोगों और सामान की आवाजाही के संबंध में निर्देश
-सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अंतर्राज्यीय और राज्य के भीतर सभी चिकित्साकर्मियों, सफाई कर्मियों और एंबुलेस की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित करेंगे.

-सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सभी तरह से सामानों और कार्गो के साथ साथ खाली ट्रकों की अंतर्राज्यीय आवाजाही पर रोक नहीं लगाएंगे.

-सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पड़ोसी देशों से आने वाले सामानों और ट्रकों पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाएंगे.

गृह मंत्रालय के आदेशानुसार सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत दिए गए सभी दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करेंगे. सभी जिलाधिकारी दिए गए दिशानिर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराएंगे.

कैसे बांटे जाते हैं जोन
लॉकडाउन के तीसरे चरण (Lockdown 3.0) में कोरोना वायरस के केस के मुताबिक देश के हिस्सों को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन के आधार पर बांटा गया था. इनमें जहां पिछले दिनों में एक भी केस सामने नहीं आया था उन्हें ग्रीन जोन में रखा गया था. रेड जोन में अधिक संक्रमण दर और केस दोगुने होने की रफ्तार के हिसाब से तय किए गए क्षेत्रों को रखा गया था. वे जिले, जिन्हें न तो रेड और न ही ग्रीन जोन में रखा गया था वे सभी जिले ऑरेंज जोन के अंतर्गत शामिल किए गए थे. ये वर्गीकरण इसी प्रकार जारी रहेगा.

कोरोना वायरस संक्रमण फैलने को लेकर देश के सबसे संवेदनशील इलाकों को कंटेनमेंट जोन कहा जाता है. यह रेड और ऑरेंज जोन में आते हैं. इन क्षेत्रों में संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है.

ग्रीन जोन में इस कार्यों की इजाजत
ग्रीन जोन में उन सभी चीजों को छोड़कर सभी कार्यों की अनुमति दी गई थी जिनपर देश भर में पूर्ण प्रतिबंध लागू है. यहां बसें 50% तक बैठने की क्षमता के साथ काम कर रही हैं और बस डिपो 50% क्षमता पर चल रहे हैं. यहां भी स्‍कूल-कॉलंज समेत सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, बार बंद हैं. इसके अलावा दूसरे राज्‍यों के लिए परिवहन भी बंद है.

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