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चीनी कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है PM मोदी का लोकल-वोकल फॉर्मूला

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प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi)ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, ‘संकट के इस समय में इसी लोकल ने हमारी मांग पूरी की, इसी लोकल ने हमें बचाया है. लोकल बस जरूरत नहीं है, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है. इसलिए लोकल के साथ हमें अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना होगा. सिर्फ रफ्तार नहीं बढ़ानी है, बल्कि क्वांटम जंप भी लगाना है.'

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नई दिल्ली. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार रात 8 बजे देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया. लॉकडाउन के चौथे फेज की बात कही. प्रधानमंत्री ने साथ में आत्मनिर्भर (Self Reliance) भारत का मंत्र भी दिया. उन्होंने कोरोना वायरस की वजह से बनी विश्व की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को लोकल के लिए वोकल बनना होगा. पीएम की इस अपील से विदेशी ब्रांड्स खासकर चीन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है.

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, ‘संकट के इस समय में इसी लोकल ने हमारी मांग पूरी की, इसी लोकल ने हमें बचाया है. लोकल बस जरूरत नहीं है, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है. इसलिए लोकल के साथ हमें अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना होगा. सिर्फ रफ्तार नहीं बढ़ानी है, बल्कि क्वांटम जंप भी लगाना है.'

विदेशी ब्रांड्स के लिए क्या है चुनौती?
पीएम मोदी की इस अपील का मतलब ये है कि भारत अब दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता को कुछ कम करेगा. इसे खासतौर पर चीन के संदर्भ में देखा जा रहा है. पीएम मोदी के संबोधन से साफ है कि अब सरकार स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वरोजगार के लिए मौके देने जा रही है. उस क्षेत्र में निर्मित सामानों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि चीन पर हमारी निर्भरता को पहले के मुकाबले कम किया जा सके. पीएम मोदी ने पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विप्मेंट्स (PPE) किट से इसका उदाहरण भी दिया.
पीएम मोदी ने कहा, 'ग्लोबल ब्रांड भी कभी इसी तरह लोकल थे. जब लोगों ने उनका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, वे उन्हें बढ़ावा देने लगे, उनकी ब्रांडिंग करने लगे और उन पर गर्व महसूस करने लगे, वे लोकल प्रोडक्ट से ग्लोबल हो गए. भारत को भी यही करना है. मुझे पूरा विश्वास है कि देश ऐसा कर सकता है.’




डिमांड क्षेत्र का इस्तेमाल करने की जरूरत
लोकल पर जोर देते हुए पीएम ने कहा कि भारत दुनिया के लिए एक बाजार के साथ साथ बड़ी डिमांड का क्षेत्र भी है. हमें इसका सही इस्तेमाल करने की जरूरत है.

चीन को लेकर एकजुट हो रहे हैं बाकी देश
कोरोना संकट फैलाने के बाद चीन लगातार ऐसी हिमाकत कर रहा है, जिससे एशियाई देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. सबसे ज्यादा परेशानी भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे पड़ोसी देशों को हो रही है. ऐसे में भारत समेत बाकी देश एकजुट हो रहे हैं.

खादी पर दिया जोर
पीएम ने कहा, 'जब मैंने आपसे खादी खरीदने का अनुरोध किया... तो आपने मेरा साथ दिया. खादी और हैंडलूम की मांग और बिक्री कुछ ही समय में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. आपने उसे बड़ा ब्रांड बना दिया है. बस छोटी सी कोशिश थी और परिणाम अच्छा रहा. आगे भी हम ऐसा करेंगे इसकी उम्मीद करता हूं.' (PTI इनपुट के साथ)

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