कोरोना के खतरे से क्या पार पा गई दिल्ली? नए केस और मौत की दर में आई भारी गिरावट

कोरोना के खतरे से क्या पार पा गई दिल्ली? नए केस और मौत की दर में आई भारी गिरावट
दिल्ली के अलावा फिलहाल देश के किसी राज्य में कोरोना मामलों में इतनी गिरावट नहीं देखी जा रही है

दिल्ली के अलावा फिलहाल देश के किसी राज्य में कोरोना मामलों (Coronavirus) में इतनी गिरावट नहीं देखी जा रही है. हालांकि, मुंबई और चेन्नई में कोरोना की रफ्तार कुछ कम जरूर हुई है, लेकिन दिल्ली की तुलना में ये बहुत कम है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 11:46 AM IST
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नई दिल्ली. पूरे देश में जहां कोरोना वायरस (Coronavirus) के रोजाना 50,000 से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में COVID-19 की स्थिति में पिछले दिनों अच्छा सुधार देखा गया है. दिल्ली में रिकवरी रेट ऊपर होने के साथ नए मामलों में भी कमी देखने को मिली है. 23 जून को राज्य में 3,947 मामले आए थे. लेकिन, 27 जुलाई को 613 मामले आए. वहीं, 2 अगस्त को कोरोना के महज 961 केस ही रिकॉर्ड हुए. पिछले 24 घंटे में कोरोना के 805 नए मामले सामने आए हैं. अब दिल्ली में रोजाना आ रहे कोरोना मामलों की संख्या 1000 से कम हो गई है.

दिल्ली के अलावा फिलहाल देश के किसी राज्य में कोरोना मामलों में इतनी गिरावट नहीं देखी जा रही है. हालांकि, मुंबई और चेन्नई में कोरोना की रफ्तार कुछ कम जरूर हुई है, लेकिन दिल्ली की तुलना में ये बहुत कम है. मुंबई का दैनिक औसत 29 जून को 1,311 मामलों से घटकर 2 अगस्त को 1,039 पर आ गया है. वहीं, चेन्नई में 29 जून को 1,888 मामले थे. 2 अगस्त को 1000 से कम मामले दर्ज किए गए हैं.

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दिल्ली ने अधिक टेस्टिंग की है और पॉजिटिविटी रेट में गिरावट देखी गई है.




दिल्ली में कोरोना मामलों की वृद्धि दर पिछले महीने की तुलना में (भारत के आठ प्रमुख शहरों के बीच) में सबसे कम है. दिल्ली सरकार ने जून के अंत से टेस्टिंग की संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ा दी है. मुंबई ने भी जुलाई के अंतिम सप्ताह से टेस्टिंग की संख्या दोगुनी कर दी है. कोरोना वायरस के प्रसार की वर्तमान सीमा को मापने के लिए ये दोनों शहर एक बेहतर उदाहरण पेश कर रहे हैं.
दिल्ली में मौत की दर में भी आई गिरावट
आर-वैल्यू घटने के साथ ही दिल्ली में मौत की दर भी कम हुई है. 3 अगस्त तक दिल्ली में कोविड से मौत की दर में दो-तिहाई यानी लगभग 70 की कमी आई है. दिल्ली में 25 जुलाई से रोजाना होने वाले मौतों की संख्या 30 से कम हो गई है. 3 अगस्त को ये संख्या 20 से नीचे चली गई है.

Coronavirus
कोविड-19 के आर-वैल्यू (R-value) या रिप्रोडक्टिव वैल्यू (Reproduction Number Value) में दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में गिरावट आई है.


कुल मिलाकर मौत की दर 20 जून को 3.72% से गिरकर 1 जुलाई को 3.12% हो गई. 10 जुलाई को ये दर 3.02% थी और 20 जुलाई को 2.96% हुई. 3 अगस्त को दिल्ली में कोरोना से मौत की दर घटकर 2.90% हो गई है.


साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट घटकर 6.04% हुई
दिल्ली में कोरोना मामलों की संख्या और मौत की दर में आई कमी का एक प्रमुख कारण ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग और ट्रेसिंग है. हाई टेस्टिंग रेट का मतलब अधिक सकारात्मक मामलों का पता लगाकर जल्द से जल्द उनका इलाज करना है. साथ ही ऐसे मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को ट्रेस करना भी इसमें शामिल है. ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके.

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राष्ट्रीय राजधानी में अब तक कुल 10.6 लाख लोगों का कोविड-19 टेस्ट किया जा चुका है. ये भारत के सभी शहरों में अब तक की उच्चतम संख्या है. प्रति 10 लाख आबादी के हिसाब से दिल्ली में अब तक 53,700 लोगों की टेस्टिंग हो चुकी है, जो सभी राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा है. 6 जुलाई को दिल्ली की साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 10.97% से नीचे चली गई और 2 अगस्त को 6.05% हो गई है.

इसका मतलब ये है कि दिल्ली में वर्तमान में हर 17 लोगों की टेस्टिंग एक शख्स पॉजिटिव निकल रहा है. वहीं, मुंबई की साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 19 जुलाई को 20.15% से घटकर 1 अगस्त को 10.72% हो गई है, लेकिन अभी भी दिल्ली की तुलना में काफी अधिक है.


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पिछले 24 घंटे में कोरोना के 805 नए मरीज बढ़े मामले सामने आए हैं.


हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट ने इसे लेकर एक चेतावनी भी दी है. दिल्ली ने अधिक टेस्टिंग की है और सकारात्मक दर में गिरावट देखी गई है. लेकिन, एंटीजन/आरटी-पीसीआर टेस्टिंग के उच्च अनुपात से कई सवाल उठ रहे हैं. आरटी-पीसीआर टेस्टिंग से मामलों को कम करके आंका जा सकता है. इससे लोगों में आंकड़ों का भ्रम ही फैलता है.

R-value में आई गिरावट
एक हालिया स्टडी के मुताबिक, देश के तीन मेट्रोपॉलिटन शहरों में कोरोना भाग रहा है. स्टडी में पता चला है कि कोविड-19 के आर-वैल्यू (R-value) या रिप्रोडक्टिव वैल्यू (Reproduction Number Value) में दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में गिरावट आई है, जो दर्शाती है कि देश के तीन बड़े शहरों में इस महामारी का कहर थमने की राह पर है.

कोविड
3 अगस्त तक दिल्ली में कोविड से मौत की दर में दो-तिहाई यानी लगभग 70 की कमी आई है.


रि-प्रोडक्टिव वैल्यू (R-value) को लेकर एक्सपर्ट ने चेतावनी भी दी है कि इस स्तर पर आकर अगर लापरवाही की गई, तो कोरोना का संक्रमण फिर से बढ़ सकता है. 'स्टैटिस्टिक्स एंड एप्लीकेशंस' मैगजीन में पब्लिश ताजा आंकड़ों पर गौर करें,तो दिल्ली में R-value 0.66, मुंबई में 0.81 और चेन्नई में 0.86 है. ये राष्ट्रीय औसत 1.16 से काफी कम है. देश में सबसे ज्यादा आर-वैल्यू 1.48 आंध्र प्रदेश की है.
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