बदलते मौसम में बढ़ सकता है कोरोना का कहर, सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

दिशा-निर्देश में कोविड-19 और मौसमी इन्फ्लुएंजा में दोनों की जांच करने की बात कही गई है. (सांकेतिक तस्वीर)
दिशा-निर्देश में कोविड-19 और मौसमी इन्फ्लुएंजा में दोनों की जांच करने की बात कही गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus: मंत्रालय ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की परिभाषा के मुताबिक कोविड-19 का मामला संभवत: तेज बुखार (Fever) और खांसी (Cough) या तीनों या इससे अधिक लक्षण जैसे- बुखार, खांसी, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, नजला, उल्टी दस्त, मति भ्रम आदि हो सकता है.

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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health Affairs & Family Welfare) ने मंगलवार को कोविड-19 (Covid-19) के साथ अन्य बीमारियों जैसे डेंगू (Dengue), मलेरिया (Malaria), मौसमी फ्लू (H1N1) के प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए. मंत्रालय ने कहा कि मानसून (Monsoon) के दौरान और मानसून के बाद खास भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Areas) में बीमारियों के प्रति उच्च सतर्कता रखी जानी चाहिए. जीवाणु (Viruses) के सह संक्रमण को भी सामान्य या गंभीर कोविड-19 मरीजों (Covid-19 Patients) के मामले में ध्यान देने की जरूरत है.

मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) के परामर्श के अनुरूप कोविड-19 और मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया (Chikungunya) तथा फ्लू, लेप्टोसपिरोसिस आदि से संबंधित दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाना चाहिए. साथ ही अस्पताल में कोविड-19 जांच (Covid-19 Testings) के लिए रैपिड एंटीजन जांच किट (Rapid Antigen Test Kits) की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए.

ये हो सकते हैं लक्षण
मंत्रालय ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की परिभाषा के मुताबिक कोविड-19 का मामला संभवत: तेज बुखार (Fever) और खांसी (Cough) या तीनों या इससे अधिक लक्षण जैसे- बुखार, खांसी, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, नजला, उल्टी दस्त, मति भ्रम आदि हो सकता है.
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस मामले में परिभाषा बहुत संवेदनशील है लेकिन बहुत स्पष्ट नहीं है. मौसमी महामारी संभावित बीमारी बुखार के रूप में सामने आ सकती है जिसके लक्षण कोविड-19 की तरह हो. ऐसे में बुखार को छोड़ कई और चिह्न और लक्षण भी हो सकते हैं जिससे बीमारी का पता लगाने में मुश्किल आए.’’





सर्दियों में रहना होगा सावधान
डेंगू, मलेरिया, मौसमी फ्लू, चिकनगुनिया, अंदरुनी बुखार आदि न केवल बीमारी का पता लगाने में भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं बल्कि कोविड-19 मामलों के साथ भी हो सकते हैं. इसको देखते हुए दिशा-निर्देश में कोविड-19 और मौसमी इन्फ्लुएंजा में दोनों की जांच करने की बात कही गई है.

इस संबंध में नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने संवादादाता सम्मेलन कहा कि कोविड-19 के प्रभाव में स्थिरता आ रही है. हमें अपनी स्वच्छता प्रथाओं में अधिक सावधान रहना होगा क्योंकि यह सांस से संबंधित वायरस है और इस तरह के ज्यादातर सांस से संबंधित वायरस सर्दियों के दौरान बढ़ जाते हैं. उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर भी सर्दियों में या फिर मौसम बदलने पर भी लोगों को सर्दी जुकाम जैसी शिकायत हो जाती है और ऐसे समय में जब पूरी दुनिया में ये जानलेवा महामारी फैली है लोगों को विशेष ध्यान रखना जरूरी है.
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