कोरोनाः टीकाकरण के लिए वैक्सीन की डोज को मिक्स करने पर क्या होगा? रिसर्च में खुलासा

फ्रांस में जिन लोगों को एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी, उन्हें फाइजर और बायोएनटेक वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जा रही है. फाइल फोटो

फ्रांस में जिन लोगों को एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी, उन्हें फाइजर और बायोएनटेक वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जा रही है. फाइल फोटो

Mixing Vaccines Triggers Fatigue and Headaches: भारत में टीकाकरण की बात करें तो मई के पहले हफ्ते में टीकाकरण अभियान 50 फीसदी गिरा है, जबकि केंद्र सरकार ने 18 से 44 वर्ष के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान को खोल दिया है.

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नई दिल्ली. दुनिया के कई देशों में वैक्सीन की कमी दिख रही है और अब सरकारों पर दबाव है कि वे वायरस के खिलाफ टीकाकरण के लिए कोई तरीका अपनाएं. ऐसे में टीकाकरण के लिए दो वैक्सीन को मिक्स करने पर भी विचार हो रहा है और इस संबंध में एक नया अध्ययन भी सामने आया है. अध्ययन के मुताबिक टीकाकरण के लिए वैक्सीन की दो डोज को मिक्स करने का मरीजों पर साइड इफेक्ट बढ़ जाता है और इसके चलते थकावट और सिरदर्द की समस्या देखने को मिली है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अध्ययन में शामिल जिन लोगों को एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का पहला टीका दिया गया था, उन्हें दूसरे टीके के रूप में चार हफ्ते बाद फाइजर की वैक्सीन दी गई, इसका असर लोगों में छोटी अवधि के साइड इफेक्ट के रूप में देखने को मिला. ज्यादातर साइड इफेक्ट के लक्षण हल्के थे. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मेडिकल जर्नल द लांसेट में इस बारे में लिखा है, जिसमें कहा गया है कि वैक्सीन की डोज का ऑर्डर चेंज करने के बावजूद लोगों में साइड इफेक्ट के यही लक्षण देखने को मिले हैं.

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बता दें कि हाल ही में फ्रांस की सरकार ने अपने वरिष्ठ नागरिकों के टीकाकरण के लिए एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर रोक लगा दी. हालांकि जिन लोगों को एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी, उन्हें फाइजर और बायोएनटेक वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जा रही है. अध्ययन को लीड कर रहे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के पीडियाट्रिक्स और वैक्सीनोलॉजी के प्रोफेसर मैथ्यू नैपे ने कहा, "ये परिणाम बहुत ही उत्साह जगाने वाले हैं, हम इसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे." उन्होंने कहा कि इससे इम्यून सिस्टम पर कोई असर पड़ेगा कि नहीं, ये अभी हमें नहीं पता. लेकिन आने वाले कुछ हफ्तों में इसका पता लग जाएगा.
भारत में टीकाकरण की बात करें तो मई के पहले हफ्ते में टीकाकरण अभियान 50 फीसदी गिरा है, जबकि केंद्र सरकार ने 18 से 44 वर्ष के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान को खोल दिया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1 मई से 7 मई के बीच 11.6 मिलियन लोगों को कोविन ऐप के जरिए टीका दिया गया है. दूसरी ओर 3 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच 24.7 मिलियन लोगों को टीका लगाया गया था.


इन आंकड़ों से साफ है कि देश में टीकाकरण की रफ्तार में 50 फीसदी की कमी आई है. अप्रैल महीने में ही केंद्र सरकार ने 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान खोला था.

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