कोरोना वायरस: बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोग मेट्रो शहरों की ओर कर रहे हैं पलायन

भारत के प्रमुख अस्पताल, एम्स दिल्ली के डेटा से पता चलता है कि 13,000 रोगियों में से अधिकांश उत्तर प्रदेश (4,165) और बिहार (1,753) से थे.

Covid-19: इन पिछड़े इलाकों से महानगरों की ओर पलायन कोई नई बात नहीं है. 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार से ज्यादातर लोगों ने पलायन किया.

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    (माजिद आलम)

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) जैसी महामारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोग मेट्रों शहरों की तरफ पलायन कर रहे हैं. 64 साल के अनवर हक़ और उनका परिवार बिहार के बेगुसराय के रहने वाले हैं. लेकिन वो पिछले 7 सालों से दिल्ली में रह रहे हैं. हक़ को किडनी और हार्ट से जुड़ी कई समस्याएं हैं लिहाजा वो बेहतर मेडिकल सुविधाओं के चलते दिल्ली में रहना पसंद करते हैं.

    हक़ ने कहा, '2014 में मेरी बाईपास सर्जरी हुई है. मुझे किडनी की भी समस्या है और मुझे मधुमेह है. मुझे समय-समय पर डायलिसिस करवाना पड़ता है. इसलिए, मैं दिल्ली चला गया क्योंकि वहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सस्ती स्वास्थ्य देखभाल और महत्वपूर्ण दवाओं की उपलब्धता है. मेरे अपने गांव में, कोई अच्छे डॉक्टर नहीं है, पैरामेडिकल स्टाफ और कुछ निजी अस्पतालों की कमी है,'

    हक़ अपनी बीमारी के चलते दिल्ली आए थे. लेकिन अब कोरोना ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है. उन्होंने कहा, 'मुझे इस साल कोविड हो गया था, लेकिन सौभाग्य से मैं दिल्ली के एक अच्छे अस्पताल में इलाज कराने में कामयाब रहा. यहां के अस्पतालों में कम से कम स्टाफ और ऑक्सीजन की आपूर्ति थी. मेरे गृहनगर में न तो स्वास्थ्य के विकल्प हैं और न ही चिकित्सा ऑक्सीजन. मेडिकल स्टाफ की भी कमी है.'

    बिहार के अस्पताल के लिए दिल्ली रेफर करते हैं डॉक्टर
    बिहार के सबसे कम विकसित क्षेत्रों में से एक सीमांचल के एक डॉक्टर पलायन के पीछे का दर्द बयां करते हैं. डॉक्टर मोहम्मद असरारुल हक ने कहा, 'सीमांचल जिलों में, मरीज अपने इलाज के लिए पूर्णिया जाते हैं. पूर्णिया में, मरीजों को एम्स दिल्ली जैसे अस्पतालों में रेफर करना बहुत आम है. कई बीमारियों के लिए, डॉक्टर कोई अन्य अस्पताल नहीं लिखते हैं, बल्कि उन्हें सीधे दिल्ली रेफर करते हैं.'

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    इन पिछड़े इलाकों से महानगरों की ओर पलायन कोई नई बात नहीं है. 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार से ज्यादातर लोगों ने पलायन किया. यहां से 20.9 मिलियन लोग दूसरे शहर चले गए. इसकी सबसे बड़ी वजह है रोजगार, व्यवसाय और शिक्षा. दूसरी ओर, अध्ययनों से पता चलता है कि उत्तर भारतीय राज्यों जैसे यूपी और बिहार से बहुत सारे मरीज इलाज के लिए भी बाहर जाते हैं. भारत के प्रमुख अस्पताल, एम्स दिल्ली के डेटा से पता चलता है कि 13,000 रोगियों में से अधिकांश उत्तर प्रदेश (4,165) और बिहार (1,753) से थे.

    हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की असमानता लोगों को पलायन करने के लिए प्रभावित नहीं करेगी. चिन्मय तुम्बे, आईआईएम-अहमदाबाद के फैकल्टी सदस्य और द एज ऑफ पैंडेमिक्स, 1817-1920: हाउ दे शेप्ड इंडिया एंड द वर्ल्ड के लेखक, ने कहा कि हालांकि चिकित्सा सुविधाएं प्रवास से जुड़ती हैं, लेकिन मुख्य वजह है रोजगार और हाई सैलरी.

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