Home /News /nation /

कमजोर पड़ा कोरोना वायरस, 5-6 महीने में कोई नया वेरिएंट नहीं, पर डेल्टा की वजह से चिंता बरकरार

कमजोर पड़ा कोरोना वायरस, 5-6 महीने में कोई नया वेरिएंट नहीं, पर डेल्टा की वजह से चिंता बरकरार

विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया में कोरोना से हुई सबसे अधिक मौतों के लिए डेल्टा वेरिएंट ही जिम्मेदार है. (फाइल फोटो)

विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया में कोरोना से हुई सबसे अधिक मौतों के लिए डेल्टा वेरिएंट ही जिम्मेदार है. (फाइल फोटो)

Coronavirus New Variant of Concern: डॉ एनके अरोड़ा ने कहा कि पिछले चार-पांच महीनों के दौरान कोरोना वायरस का कोई नया रूप सामने नहीं आया है.

    नई दिल्ली. भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के सह-अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने रविवार को कहा कि देश में कोविड-19 का कोई नया रूप या वेरिएंट ऑफ कंसर्न सामने नहीं आया है. उन्होंने एएनआई को बताया, “पिछले चार-पांच महीनों के दौरान, कोरोना वायरस का कोई नया रूप सामने नहीं आया है. शुरुआत में, ‘डेल्टा +’ के साथ कुछ चिंताएं थीं, लेकिन बाद में हमने पाया कि यह उस वंश का हिस्सा है जिसे हम AY (1 से 13) कहते हैं. हालांकि नए उप-वंश (Sub Lineages) आ रहे हैं, लेकिन उनमें से कोई भी अधिक संक्रमण या अधिक वायरल वाला नहीं पाया गया है, वे निरंतर निगरानी में हैं.”

    हालांकि, कोविड-19 का डेल्टा संस्करण भारत में अब भी ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ बना हुआ है. कोरोना का डेल्टा वेरिएंट वर्तमान में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 459 जिलों में फैला हुआ है. सामुदायिक नमूनों में पाए गए SARS-CoV-2 के वेरिएंट ऑफ कंसर्न में डेल्टा- 25,164, AY Series- 4143, कप्पा और B.1.617.3 5364, अल्फा-3,655, बीटा- 102 और गामा -1 हैं.

    अफगानिस्‍तान के बगराम एयरबेस पर चीन कर रहा कब्‍जा! भारत की बढ़ी टेंशन

    सितंबर के महीने तक पैंगोलिन वंश के नमूनों की कुल संख्या 60,043 है. एक अन्य वर्गीकरण से पता चलता है कि कुल 54,865 सामुदायिक नमूने लिए गए और 5,178 नमूने यात्रियों के थे. कुल वेरिएंट ऑफ कंसर्न 39,283 है जिसका अनुपात 65.4 है.

    अशरफ गनी के देश छोड़ने की पूरी कहानी, जानिए 4 हेलीकॉप्टर में कैसे अफगानिस्तान से भागे UAE

    डॉ अरोड़ा ने आगे कहा, “इसके अलावा, लगातार पूरे देश से नमूने लिए जा रहे हैं और यह देखने के लिए लगातार निगरानी भी की जा रही है कि अगर कोई वेरिएंट ऑफ कंसर्न है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी. इन दिनों जब भी तीन/चार सप्ताह के भीतर कोई वायरस का नमूना लिया जाता है, तो हमें उसकी स्थिति के बारे में पूरी जानकारी होती है. नमूना लेने और पूरी प्रक्रिया के बीच के समय को काफी कम कर दिया गया है. हमारे पास पर्याप्त क्षमता है और हमने खुद को तैयार भी किया है.”

    गौरतलब है कि सरकारी प्रयोगशालाओं के साथ-साथ निजी लैब भी सैंपलिंग कर सकती हैं. डॉ अरोड़ा ने कहा, “इसके अलावा, यदि जरूरत हो तो मौजूदा प्रयोगशालाओं की क्षमता के लिए हम निजी क्षेत्रों से बतौर वेंडर सैंपलिंग करा सकते हैं क्योंकि निजी क्षेत्र की क्षमता भी बहुत बड़ी है.”

    Tags: Coronavirus, Delta Plus Variant, Delta Variant

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर