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Coronavirus and Schools: बच्चों के लिए अच्छी नहीं है कोरोना के कारण स्कूलों से दूरी, जानें क्या कहते हैं जानकार

Coronavirus and Schools: बच्चों के लिए अच्छी नहीं है कोरोना के कारण स्कूलों से दूरी, जानें क्या कहते हैं जानकार

जानकार कहते हैं कि बच्चों को स्कूल से दूर रखना उन पर विपरीत असर डाल सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

जानकार कहते हैं कि बच्चों को स्कूल से दूर रखना उन पर विपरीत असर डाल सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

Coronavirus and Schools: विशेषज्ञों की मानें तो अंतिम दौर जैसा कुछ है नहीं क्योंकि इसके मायने लोगों पर निर्भर करते हैं. अगर स्कूल खोले जाने को लेकर यह मानसिकता है कि स्कूल जब खुलेंगे तब वायरस अंतिम दौर में होगा, तो यह सोचना गलत होगा, हमें कुछ सावधानियों के साथ रहना होगा. क्योंकि आगे चलकर कोविड के साथ भी वही होगा जो अन्य बीमारियों की तरह होता है, बीमारी रहेगी, लेकिन वह उतनी गंभीर नहीं रहेगी. ऐसे में स्कूल खोलने को लेकर विशेषज्ञों का यही मानना है कि स्कूल नहीं खोलने से हम बच्चों के साथ ज्यादा अन्याय कर रहे हैं. क्योंकि कोविड इतनी जल्दी जाने वाला नहीं है.

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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में कोरोना के घटते मामलों को देखते हुए सप्ताहांत में लगने वाला कर्फ्यू सहित बहुत सारी पाबंदियों को वापस ले लिया गया है. अब सभी बाजार और सिनेमाहॉल पहले की ही तरह खुलेंगे. तमाम तरह की पाबंदियों के हटाने के बीच में स्कूलों को अभी भी बंद रखे जाने का ही निर्देश दिया गया है, जिसने एक नई बहस छेड़ दी है. अगर बाकी जगह जाने से कोरोना का खतरा नहीं है तो स्कूल खोले जाने में क्या आपत्ति है.

इंडियन एक्सप्रेस के एक लाइव कार्यक्रम में बात करते हुए इस मुद्दे पर दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि बच्चों को स्कूल से दूर रखना उन पर विपरीत असर डाल सकता है. इससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर जो असर पड़ रहा है वह वर्तमान में कोरोना से होने वाले संक्रमण के खतरा से ज्यादा चिंताजनक है. उनका कहना है कि अगर आपको अपने बच्चे को कहीं ले जाने में कोई खतरा महसूस नहीं हो रहा है तो स्कूल भेजने में कैसे खतरा हो सकता है. ओमिक्रॉन के दौर में उच्च स्तर पर टीकाकरण, इम्यूनिटी में विकास और गंभीर बीमारियों के कम खतरे को देखते हुए लोगों को अब कुछ सावधानियों के साथ अपनी पुरानी जिंदगी में लौटना शुरू करना चाहिए.

अग्रवाल विश्व स्वास्थ्य संगठन की सार्स कोवि 2 वायरस के विकास को लेकर बनाए गए तकनीकी सलाहकार समूह के अकेले भारतीय सदस्य हैं. उनका कहना है कि देश के कई बड़े शहरों में तीसरी लहर अपने पीक पर आ चुकी है. जल्दी ही पूरे देश भर में इसके मामलों में ठहराव देखने को मिलेगा.

क्या इसका मतलब कोविड का अंत आ गया है?

Tags: Coronavirus, Omicron

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