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भारत के लिए कम घातक साबित हो सकता है ओमिक्रॉन? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

भारत के लिए कम घातक साबित हो सकता है ओमिक्रॉन? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

पिछले महीने के अंत में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार ओमिक्रॉन का पता चला था जिसमें संक्रमण के हल्के लक्षण देखे गए हैं. (File photo)

पिछले महीने के अंत में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार ओमिक्रॉन का पता चला था जिसमें संक्रमण के हल्के लक्षण देखे गए हैं. (File photo)

Omicron Variant: सेंटर फॉर डिजीज डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी के निदेशक रामनन लक्ष्मीनारायण ने ब्लूमबर्ग टेलीविजन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, कोविड -19 वायरस के लिए भारतीयों के व्यापक जोखिम और उच्च टीकाकरण दर को देखते हुए, भारत नए तनाव से कम प्रभावित होगा. उन्होंने कहा कि अगर ओमिक्रॉन सभी प्रतिरक्षा के लिए अपनाए गए नियमों को भेद पाने में सक्षम होता है तो परिणाम इसके विपरीत भी हो सकता है.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) भारत में पहले पाए गए वेरिएंट्स की तुलना में कम घातक हो सकता है. एक प्रमुख महामारी विज्ञानी के मुताबिक, इस साल अप्रैल-मई में पाए गए डेल्टा वेरिएंट जिसके चलते अस्पतालों और श्मशानों में काफी लंबी कतारें देखी गई थीं उसकी तुलना में ओमिक्रॉन कम नुकसान पहुंचा सकता है. सेंटर फॉर डिजीज डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी के निदेशक रामनन लक्ष्मीनारायण ने ब्लूमबर्ग टेलीविजन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, कोविड -19 वायरस के लिए भारतीयों के व्यापक जोखिम और उच्च टीकाकरण दर को देखते हुए, भारत नए तनाव से कम प्रभावित होगा. उन्होंने कहा कि अगर ओमिक्रॉन सभी प्रतिरक्षा के लिए अपनाए गए नियमों को भेद पाने में सक्षम होता है तो परिणाम इसके विपरीत भी हो सकता है.

    पिछले महीने के अंत में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार ओमिक्रॉन का पता चला था जिसमें संक्रमण के हल्के लक्षण देखे गए हैं. लक्ष्मीनारायण ने कहा, “अस्पताल में भर्ती होने और स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़े दबाव के कारण जो नुकसान हमने दूसरी लहर में देखा है, वो कम होने की उम्मीद है.” ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पॉल केली ने भी कहा है कि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि ओमिक्रॉन अन्य वेरिएंट्स की तुलना में घातक है.

    ये भी पढ़ें- ओमिक्रॉन का खौफ! आखिर मुंबई एयरपोर्ट आने से क्यों कतराने लगे हैं लोग, सामने आई बड़ी वजह

    भारत में मई की शुरुआत में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते कोविड के मामलों का प्रकोप देखा गया था, जिसमें डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) के चलते रोजाना 400,000 से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे थे. घातक वायरस की लहर के चलते देश में टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया था. देश में अब तक एक अरब से ज्यादा खुराकें दी चुकी हैं. इसके साथ ही आबादी में भी नैचुरल इम्युनिटी अपने उच्च स्तर पर बन गई है.

    भारत की दो तिहाई से ज्यादा आबादी में एंटीबॉडी
    जून और जुलाई में राष्ट्रीय सीरोलॉजिकल सर्वेक्षण (National Serological Survey) के एक अध्ययन में पाया गया कि कोविड -19 के खिलाफ भारत की दो-तिहाई से अधिक आबादी में एंटीबॉडी थी. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत की लगभग 48.5% वयस्क आबादी को वैक्सीन की दोनों खुराकें लग चुकी हैं.

    बता दें भारत में कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आए हैं. ये दोनों ही मामले कर्नाटक में पाए गए हैं. मामले सामने आने के बाद सरकार ने लोगों से दशहत में नहीं आने और कोविड से जुड़े दिशानिर्देशों का अनुपालन करने तथा बगैर देर किये टीकाकरण कराने की अपील की है. दोनों मरीज पुरुष हैं, जिनकी उम्र 66 वर्ष और 46 वर्ष है और उनमें संक्रमण के हल्के लक्षण हैं. दोनों में गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिला है.

    भारतीय सार्स-कोवी-2 जीनोमिक्स कंर्सोटियम (इन्साकॉग) के नेटवर्क के जरिए ओमीक्रोन के दो मामलों का पता लगाया गया है. साथ ही, इन दोनों के संपर्क में आए सभी लोगों का समय पर पता लगा लिया गया और उनकी जांच की जा रही.

    Tags: Coronavirus, Delta, Delta Covid Variant, Omicron variant

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