कोवैक्सीन और कोविशील्ड कोरोना के भारतीय वैरिएंट पर भी असरदार- स्टडी

कोरोनावायरस के बी.1.617 स्वरूप को भारतीय स्वरूप या ‘दोहरे उत्परिवर्तन वाला स्वरूप' भी कहा जाता है.

कोरोनावायरस के बी.1.617 स्वरूप को भारतीय स्वरूप या ‘दोहरे उत्परिवर्तन वाला स्वरूप' भी कहा जाता है.

Coronavirus second outbreak in India: कोरोना वायरस के बी.1.617 स्वरूप को भारतीय स्वरूप या दोहरे उत्परिवर्तन वाला स्वरूप (Covid-19 Indian Strain) भी कहा जाता है. स्टडी में वायरस के इस स्वरूप पर भारत में इस्तेमाल किए जा रहे दोनों टीकों कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) के प्रभावी होने की बात सामने आई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 28, 2021, 7:02 AM IST
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Coronavirus second outbreak in India: भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से तबाही का मंजर जारी है. कोरोना के खिलाफ टीकाकरण में कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) का इस्तेमाल किया जा रहा है. एक स्टडी के मुताबिक, ये दोनों वैक्सीन कोरोनावायरस (Coronavirus) के भारतीय स्वरूप (Covid-19 Indian Strain) के खिलाफ भी प्रभावी हैं. टीकाकरण के बाद संक्रमण की स्थिति में व्यक्ति में ‘हल्के' लक्षण सामने आते हैं.

वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के तहत आने वाले जीनोमिक्स और एकीकृत जीवविज्ञान संस्थान (IGIB) के निदेशक अनुराग अग्रवाल ने एक स्टडी के प्रारंभिक परिणामों के हवाले से ये जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सार्स-कोव-2 के बी.1.617 स्वरूप पर टीकों के प्रभाव के आकलन से पता चलता है कि टीकाकरण के बाद संक्रमण होने पर बीमारी के लक्षण हल्के होते हैं.

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कोरोनावायरस के बी.1.617 स्वरूप को भारतीय स्वरूप या ‘दोहरे उत्परिवर्तन वाला स्वरूप' भी कहा जाता है. स्टडी में वायरस के इस स्वरूप पर भारत में इस्तेमाल किए जा रहे दोनों टीकों के प्रभावी होने की बात सामने आई है.
अनुराग अग्रवाल ने ट्वीट किया, कोविशिल्ड और कोवैक्सीन के टीके के बाद B.1.617 की प्रारंभिक सकारात्मक न्यूट्रलाइजेशन की स्टडी में पता चला है कि संक्रमण के हल्के लक्षण मिलते हैं. यह सकारात्मक है. हमें संक्रमण सुरक्षा की बेहतर समझ के लिए मात्रात्मक डेटा मिला है.'

CSIR के तहत हैदराबाद में सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) द्वारा किए गए एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि इन दोनों वैक्सीन की न्यूट्रिलाइजेशन परख का उपयोग करने वाले शुरुआती परिणाम बताते हैं कि दोनों कन्वेन्सेन्ट (पूर्व संक्रमण) और B.1.617 के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं.

CCMB के निदेशक मुकेश मिश्रा ने पिछले दिनों ट्वीट किया था, 'बहुत प्रारंभिक लेकिन उत्साहजनक परिणाम: #Covishield #B1617 से बचाता है. इन विट्रो न्यूट्रिलाइज़ेशन का उपयोग करने वाले शुरुआती परिणाम बताते हैं कि दोनों कन्वेन्सेन्ट (पूर्व संक्रमण) और B.1.617 के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं.'



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B.1.617 वैरिएंट में तीन नए स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन हैं. इनमें से दो म्यूटेशन - E484Q और L452R एंटीबॉडी-आधारित न्यूट्रलाइजेशन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र में हैं. तीसरा उत्परिवर्तन - P681R - वायरस कोशिकाओं को थोड़ा बेहतर दर्ज करने की अनुमति देता है. ये सबसे ज्यादा खतरनाक और जानलेवा है.
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