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सीरम इंस्टीट्यूट का दावा- कोविशिल्ड सुरक्षित, डोज की वजह से नहीं हुआ वॉलंटियर को साइड इफेक्ट

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप के तहत ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनिका (Oxford Astrazeneca) वैक्सीन पर काम कर रही है.  (प्रतीकात्मक फोटो)
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप के तहत ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनिका (Oxford Astrazeneca) वैक्सीन पर काम कर रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप के तहत ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनिका (Oxford Astrazeneca) वैक्सीन पर काम कर रही है. ये वैक्सीन ट्रायल के आखिरी स्टेज पर है और इसकी कारगरता की पूरी दुनिया में चर्चा है. भारत में ये वैक्सीन कोविशिल्ड (Covishied) के नाम से उतारी जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 10:49 PM IST
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Coronavirus Vaccine: देश में कोरोना वायरस के अब तक 94 लाख से ज्यादा मामले हो चुके हैं. इस बीच तीन प्रमुख कंपनियां कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटी है. पुणे की टीका बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum institute of India) की वैक्सीन पर सवाल उठाए गए थे. अब कंपनी ने इस पर बयान दिया है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा कि कोविशिल्ड (Covishied)  के ट्रायल में शामिल व्यक्ति को डोज की वजह से साइड इफेक्ट नहीं हुआ था. हमारी वैक्सीन सुरक्षित है. इसके पहले सीरम ने गलत आरोप लगाने को लेकर वॉलंटियर पर 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा भी किया है.

SII के हेड अदार पूनावाला की कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, 'चेन्नई के वॉलंटियर के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन यह वैक्सीन की वजह से नहीं हुई है.'

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सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप के तहत ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनिका (Oxford Astrazeneca) वैक्सीन पर काम कर रही है. ये वैक्सीन ट्रायल के आखिरी स्टेज पर है और इसकी कारगरता की पूरी दुनिया में चर्चा है. भारत में ये वैक्सीन कोविशिल्ड (Covishied) के नाम से उतारी जाएगी.



सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum institute of India) के मुताबिक, नोटिस में लगाए गए आरोप दुर्भावनापूर्ण और गलत हैं. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया उक्त व्यक्ति की चिकित्सा स्थिति के प्रति सहानुभूति रखता है, लेकिन टीके के परीक्षण का उसकी स्थिति के साथ कोई संबंध नहीं है.’ कंपनी ने कहा कि वह व्यक्ति अपने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के लिए गलत तरीके से टीके को जिम्मेदार बता रहा है.

दरअसल, कोविशील्ड वैक्सीन के परीक्षण में चेन्नई में भाग लेने वाले एक 40 वर्षीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या और ज्ञानेंद्री संबंधी समस्या समेत गंभीर दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ा है. व्यक्ति ने सीरम इंस्टीट्यूट तथा अन्य से पांच करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की है. उसने परीक्षण पर रोक लगाने की भी मांग की है.


दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत किया आवेदन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना वैक्सीन तैयार करने में जुटे सीरम इंस्टिटयूट समेत तीन संस्थानों का दौरा किया था. प्रधानमंत्री के दौरे के बाद कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में जुटे पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट ने बड़ा ऐलान किया. इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि कोरोना वैक्सीन (Covid 19 vaccine) 'कोविशील्ड' फेज थ्री का ट्रायल चल रहा है. इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत के लिये अगले 2 हफ्ते के भीतर आवेदन किया जाएगा.

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225 रुपये में मिलेगी वैक्सीन
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और वैक्सीन अलायंस संस्था गावी के साथ एक करार किया है. इस करार के तहत भारत और निम्न आय वाले 92 देशों को मात्र 3 डॉलर यानी 225 रुपये में वैक्सीन मिल सकेगी. गेट्स फाउंडेशन वैक्सीन के लिए गावी को फंड उपलब्ध कराएगा, जिसका इस्तेमाल सीरम इंस्टीट्यूट वैक्सीन तैयार करने और वितरित करने में करेगा.
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