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मुंबई: BMC का बड़ा कदम, कोरोना वायरस प्रभावित इलाकों का GIS नक्शा किया जारी

स्वास्थ्य रक्षा दल के रूप में घर-घर सर्वे के लिए 180 अधिक टीमों का गठन किया गया है.

स्वास्थ्य रक्षा दल के रूप में घर-घर सर्वे के लिए 180 अधिक टीमों का गठन किया गया है.

बीएमसी (BMC) ने दो दिन पहले ही यह घोषणा की थी कि शहर में कोरोना वायरस (Coronavirus) प्रभावित इलाकों का भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) नक्शा जारी किया जाएगा. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित लोगों की संख्या 416 पहुंच गई है.

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मुंबई. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने कोविड-19 (Covid-19) प्रभावित इलाकों का जीआईएस (GIS) नक्शा गुरुवार को अपनी वेबसाइट पर जारी किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

बीएमसी (BMC) ने दो दिन पहले ही यह घोषणा की थी कि शहर में कोरोना वायरस (Coronavirus) प्रभावित इलाकों का भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) नक्शा जारी किया जाएगा. इसके अलावा शहर में संक्रमण की निगरानी के लिये एक ‘वॉर रूम’ स्थापित करने का भी ऐलान किया था.

इस वेबलिंक के जरिए लगा सकते हैं प्रभावित जगहों का पता
नगर निकाय ने कहा था कि इस नक्शे की मदद से उन इलाकों के बाशिंदे कहीं अधिक सतर्कता के साथ एहतियात बरत सकेंगे और किसी काम के लिये उन स्थानों पर जाने वाले लोग एहतियाती उपाय कर सकेंगे.
बीएमसी के प्रवक्ता ने कहा कि लोग कोरोना वायरस प्रभावित इलाकों का पता इस वेबलिंक के जरिये लगा सकते हैं:- https://mumgis.mcgm.gov.in/portal/apps/webappviewer/index.html .



बीएमसी ने बुधवार को बताया था कि उसने शहर में झुग्गियों, भवनों, नर्सिंग होम और आवासीय कालोनियों सहित 145 से ज्यादा ऐसी जगहों की पहचान कर उन्हें सील कर दिया है, जहां से कोरोना वायरस संक्रमण के ज्यादा मामले मिले हैं.

बता दें महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 416 हो गई है, जबकि राज्य में 19 लोगों की मौत हो गई है.

राज्य में अब तेजी से हो सकेगी जांच
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को बताया कि केंद्र सरकार ने खून के नमूने का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमण की जांच करने की अनुमति दे दी है ताकि संक्रमितों का पता लगाया जा सके.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लार के बजाय खून के नमूने के आधार पर तेजी से जांच करेगी जिससे पांच मिनट में पता चलेगा कि व्यक्ति में बीमारी के प्रति रोग प्रतिरोधी कण विकसित हुए हैं या नहीं.

टोपे ने कहा, ‘‘हमारे स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया है और कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए उन्हें पंजीकृत किया गया है.

उन्होंने बताया कि दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मरकज में महाराष्ट्र के 1,400 लोग शामिल होकर वापस लौटे थे जिनमें से 1,300 का पता लगा लिया गया है.

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