कोरोना से लड़ने के लिए हर 4 में से एक शख्स में डेवलप हो गई एंटीबॉडी- रिसर्च

कोरोना से लड़ने के लिए हर 4 में से एक शख्स में डेवलप हो गई एंटीबॉडी- रिसर्च
कोरोना संक्रमण के बाद शरीर में बनने वाली एंटीबाडीज से इसके दोबारा संक्रमण का खतरा नहीं है

कोरोना संक्रमण (Coronavirus Infection) के बाद शरीर में बनने वाली एंटीबाडीज (Corona Fighting Antibodies) से इसके दोबारा संक्रमण का खतरा नहीं है. वैज्ञानिकों ने पहली बार इस बात की पुष्टि की है. अभी तक इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे किए गए थे. ये एंटीबाडीज कितने समय तक कारगर रहेंगी, फिलहाल यह अभी भी साफ नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 11:50 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को लेकर अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है, मगर वैज्ञानिकों ने इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कई और चीजें बताई हैं. इसमें एंटीजन, एंटीबॉडी और दूसरे टी सेल्स की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है. एक हालिया रिसर्च के मुताबिक, देश के हर चार में से एक शख्‍स के अंदर कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडीज (Corona Fighting Antibodies) विकसित हो चुकी है. नेशनल-लेवल प्राइवेट लैबोरेटरी के कोविड-19 टेस्‍ट्स के आधार पर ये जानकारी दी गई है.

कोरोना पर कई शहरों में किए गए सिविल कॉर्पोरेशंस और देश के कुछ प्रमुख रिसर्च संस्‍थानों (TIFR, IISER) के सर्वेक्षणों के नतीजे नई उम्‍मीद जगाते हैं. कोरोना से बुरी तरह प्रभावित पुणे के कुछ इलाकों में भी 50% से ज्‍यादा सीरो-पॉजिटिविटी होने की बात सामने आई. मुंबई के स्‍लमों में भी 57% पॉजिटिविटी देखने को मिली. दिल्‍ली का पहला सीरो सर्वे बताता है कि टेस्‍ट हुए लोगों में से 23% सीरो-पॉजिटिव थे.

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कोरोना संक्रमण के बाद शरीर में बनने वाली एंटीबाडीज से इसके दोबारा संक्रमण का खतरा नहीं है. वैज्ञानिकों ने पहली बार इस बात की पुष्टि की है. अभी तक इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे किए गए थे. ये एंटीबाडीज कितने समय तक कारगर रहेंगी, फिलहाल यह अभी भी साफ नहीं है.
क्या होती है एंटीबॉडी?
शरीर में एंटीबॉडीज मिलने का मतलब है कि उस शख्‍स को कोरोना से इम्‍युनिटी हासिल हो चुकी है. मगर यह इम्‍युनिटी कितने वक्‍त के लिए है, इस पर अभी एक्‍सपर्ट्स की एक राय नहीं है. एक सीमा से ज्‍यादा लोगों में एंटीबॉडीज मिलती हैं तो इससे नोवेल कोरोना वायरस के प्रति हर्ड इम्‍युनिटी डेवलप होना कहा जा सकता है.

दिल्‍ली में 29% लोग सीरो-पॉजिटिव
देशभर में थायरोकेयर लैबोरेटरी की तरफ से किए गए एंटीबॉडी टेस्‍ट्स में पता चला कि लोकल लेवल पर पॉजिटिविटी ज्‍यादा है. लैब के मैनेजिंग डायरेक्‍टर अरोकियास्‍वामी वेलुमणि के मुताबिक, भारत में अब तक दो लाख से ज्‍यादा लोगों के एंटीबॉ़डी टेस्ट हुए हैं. इनमें से करीब 24% में कोविड-19 के प्रति एंटीबॉडीज मिली हैं. राजधानी दिल्‍ली में यह आंकड़ा 29% है. वहीं, महाराष्‍ट्र में 27% लोग वायरस के प्रति एक्‍सपोज हुए.

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क्या है लेटेस्ट डेटा?
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर अब 27 लाख 67 हजार 274 हो गई है. मंगलवार को कोरोना (Coronavirus) के 64 हजार 531 नए मामले मिले और एक दिन में 1092 लोगों की जान गई. स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा जानकारी के मुताबिक, देश में अभी कोरोना के 6 लाख 76 हजार 514 एक्टिव केस हैं. कोरोना से अब तक 52 हजार 889 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं, 20 लाख 37 हजार 810 मरीज इस वायरस के संक्रमण से रिकवर हो गए हैं.

भारत में टेस्टिंग और आइसोलेशन की दिशा में जिस तेजी से काम हुआ है, उसका नतीजा बढ़ते रिकवरी रेट और कम होते डेथ रेट पर साफ देखा जा सकता है. एक्टिव मामलों और रिकवर्ड मामलों के बीच का अंतर करीब 13 लाख का है. मंगलवार को देश में पहली बार 9 लाख से ज्यादा टेस्ट हुए हैं.
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