पतंजलि ने तुलसी-मुलेठी और काढा से बनाई कोरोनिल, जानें दवा को लेकर क्या है दावे

पतंजलि ने तुलसी-मुलेठी और काढा से बनाई कोरोनिल, जानें दवा को लेकर क्या है दावे
क्लीनिकल ट्रायल के बाद पतंजलि ने कोरोना किट तैयार की है. ये 545 रुपये में उपलब्ध होगी.

रामदेव (Baba Ramdev) ने जो कोरोना किट (Corona Kit) लॉन्च की है, उसमें कोरोनिल (Coronil) के अलावा श्वासारि वटी और अणु तेल भी हैं. रामदेव का कहना है कि तीनों को साथ इस्तेमाल करने से कोरोना का संक्रमण खत्म हो सकता है और महामारी से बचाव भी संभव है.

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नई दिल्ली. भारत समेत दुनिया के तमाम देश इस वक्त कोरोना वायरस (Covid-19) का कहर झेल रहे हैं. इस वायरस की अभी तक कोई वैक्सीन विकसित नहीं की गई है. हालांकि, कुछ दवाओं के संक्रमित के इलाज में कारगार बताया जा रहा है. इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के संस्थान पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) ने कोरोना की आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल (Coronil) लॉन्च कर दी है. रामदेव ने कहा कि सिर्फ देसी चीजों से ही ये दवा बनाई गई है. कोरोनिल मेम मुलैठी, गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासरि रस का इस्तेमाल किया गया है.

आइए जानते हैं पतंजलि ने कैसे बनाई कोरोनिल और इसे लेकर क्या हैं दावे:-

पतंजलि की कोरोना किट में 3 दवाएं
रामदेव ने जो कोरोना किट लॉन्च की है, उसमें कोरोनिल के अलावा श्वासारि वटी और अणु तेल भी हैं. रामदेव का कहना है कि तीनों को साथ इस्तेमाल करने से कोरोना का संक्रमण खत्म हो सकता है और महामारी से बचाव भी संभव है.




कितनी है कोरोनिल की कीमत?
क्लीनिकल ट्रायल के बाद पतंजलि ने कोरोना किट तैयार की है. ये 545 रुपये में उपलब्ध होगी.

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किन चीजों से बनी है कोरोनिल?
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार कोरोनिल में दालचीनी, लॉन्ग, पीपली, सोंठ, मुलैठी, गिलोय, तुलसी, अदरक, काली मिर्च और मुलैठी का मिश्रण हैं. इसमें अश्वगंधा, श्वसारि रस व अणु तेल भी मिलाए गए हैं.

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रामदेव ने जो कोरोना किट लॉन्च की है, उसमें कोरोनिल के अलावा श्वासारि वटी और अणु तेल भी हैं.


क्लिनिकल ट्रायल भी हुआ
यह दवा अपने प्रयोग, इलाज और प्रभाव के आधार पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रमुख संस्थानों, जर्नल आदि से प्रामाणिक है. अमेरिका के बायोमेडिसिन फार्माकोथेरेपी इंटरनेशनल जर्नल में इस शोध का प्रकाशन भी हो चुका है. पतंजलि का दावा है कि यह शोध संयुक्त रूप से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट (PRI), हरिद्वार एंड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (NIMS), जयपुर द्वारा किया गया है. दवा का निर्माण दिव्य फार्मेसी, हरिद्वार और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, हरिद्वार द्वारा किया जा रहा है.

कैसे संक्रमण में करती है काम?
आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, दिव्‍य कोरोनिल टैबलेट में शामिल अश्वगंधा कोविड-19 के आरबीडी को मानव शरीर के एसीई से मिलने नहीं देता. इससे संक्रमित मानव शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर पाता. वहीं, गिलोय भी संक्रमण होने से रोकता है. तुलसी का कंपाउंड कोविड-19 के आरएनए-पॉलीमरीज पर अटैक कर उसके गुणांक में वृद्धि करने की दर को न सिर्फ रोक देता है, बल्कि इसे नियमित रूप से खाने पर वायरस को खत्म भी कर देता है. जबकि श्वसारि रस गाढ़े बलगम (कफ) को बनने से रोकता है और बने हुए बलगम को खत्म कर फेफड़ों की सूजन कम कर देता है.

कहां से खरीद सकते हैं कोरोनिल?
बाबा रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद से बनी यह दवा अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी, इसके अलावा सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा जिसकी मदद से ये दवाई घर पर पहुंचाई जाएगी.

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कोरोनिल से 7 दिन में 100 फीसदी ठीक हुए कोरोना मरीज-रामदेव
रामदेव ने कहा कि इस दवा से तीन दिन के अंदर 69 फीसदी मरीज रिकवर हो गए. यानी पॉजिटिव से निगेटिव हो गए. वहीं, इस दवा के जरिए 7 दिन में 100 फीसदी मरीज ठीक हुए हैं. रामदेव ने कहा- 'भले ही लोग अभी हमसे इस दावे पर प्रश्न करें, हमारे पास हर सवाल का जवाब है. हमने सभी वैज्ञानिक नियमों का पालन किया है.'
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