कोलकाता: 3 अस्‍पतालों ने किया मना, मां ने दी सुसाइड की धमकी तो चौथे ने बेटे को किया भर्ती, कोरोना से मौत

अस्‍पतालों ने कर दिया था भर्ती करने से मना.
अस्‍पतालों ने कर दिया था भर्ती करने से मना.

परिजनों का आरोप है कि कोरोना पॉजिटिव (Coronavirus) बेटे को इलाज के लिए 3 अस्‍पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया था. इसके बाद उसकी मां ने जब सुसाइड की धमकी दी तो चौथे अस्‍पताल ने भर्ती किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 12, 2020, 10:00 AM IST
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नई दिल्‍ली. देश-दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बरप रहा है. ऐसे में देश के अस्‍पतालों में कोरोना संक्रमित (Covid-19 Positive) लोगों के इलाज की पूरी व्‍यवस्‍था होने का दावा किया जा रहा है. लेकिन इन दावों के बावजूद कुछ लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा, जिसकी कीमत उनको उनकी मौत से चुकानी पड़ रही है. ऐसा ही एक मामला कोलकाता (Kolkata) में सामने आया है. वहां 12वीं में पढ़ने वाले 18 साल के एक छात्र की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई है. उसके परिजनों का आरोप है कि उसे इलाज के लिए 3 अस्‍पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया था. इसके बाद उसकी मां ने जब सुसाइड की धमकी दी तो चौथे अस्‍पताल ने भर्ती किया था.

18 साल का सुब्रजीत चटोपाध्‍याय 12वीं का छात्र था. उसे डायबिटीज भी थी. फिर कोविड-19 से वह संक्रमित हो गया. परिजनों का आरोप है कि उसे इलाज के लिए अस्‍पताल ले जाया गया, लेकिन तीन अस्‍पतालों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया. उसके पिता के मुताबिक शुक्रवार रात को उसे कोलकाता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में तब भर्ती किया गया था जब उसकी मां ने सुसाइड कर लेने की धमकी दी थी. इसके बाद उसकी मौत हो गई.

स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के डायरेक्‍टर अजय चक्रवर्ती ने कहा कि इस मामले पर ध्‍यान दिया जाना चाहिए. वहीं छात्र के पिता ने बताया, 'बेटे को डायबिटीज थी. शुक्रवार सुबह उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. इसके बाद हम उसे ईएसआई हॉस्पिटल लेकर गए. लेकिन वहां उन्‍होंने कह दिया कि उनके यहां आईसीयू का कोई बेड उपलब्‍ध नहीं है.'



पिता के मुताबिक, 'ईएसआई अस्‍पताल में भर्ती करने से मना करने पर हम उसे प्राइवेट नर्सिंग होम लेकर गए. वहां उसका कोविड-19 टेस्‍ट किया गया. जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो वहां भी बेड उपलब्‍ध न होने की बात कहकर भर्ती करने से मना कर दिया गया. इस दौरान हम एंबुलेंस में इंतजार कर रहे थे.' छात्र की मां ने बताया, 'हम सरकारी अस्‍पताल सागर दत्‍ता हॉस्पिटल में भी बेटे को लेकर गए थे. वहां भी हमें मना कर दिया गया. इसके बाद हम पुलिस के पास गए तोपुलिस ने हमें केएमसीएच जाने को कहा. वहां जब मैंने सुसाइड करने की धमकी दी तब अस्‍पताल ने उसे भर्ती किया.'

पिता ने बताया, 'मेरे बेटे को अस्‍पताल में कोई भी दवा नहीं दी जा रही थी. उसे एक ऐसे वार्ड में ले जाया गया जहां हमारी पहुंच नहीं थी. हम लगातार उसकी तबीयत जानना चाह रहे थे, लेकिन कोई हमें इस बारे में बता नहीं रहा था. हम पूछताछ काउंटर पर गए तो हमें बताया गया कि रात 9:30 बजे के आसपास बेटे की मौत हो गई.' उनका कहना है कि अगर अस्‍पताल उनके बेटे को सही समय पर भर्ती करता तो बेटे की मौत नहीं होती.
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