भारत में कोरोना मृत्यु दर बाकि देशों से कम, 10 लाख जनसंख्या पर 15 मौतें: स्वास्थ्य मंत्रालय

भारत में कोरोना मृत्यु दर बाकि देशों से कम, 10 लाख जनसंख्या पर 15 मौतें: स्वास्थ्य मंत्रालय
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि आयु वर्ग 60 से 74 वर्ष वाले ज्यादा मारे गए हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के ओएसडी आर. भूषण ने कहा कि जनसंख्या के हिसाब से देखें तो कोरोना को लेकर हम दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सबसे नीचे हैं. भूषण ने कहा कि 60 से 74 साल वाले आयु वर्ग के लोग इस वायरस से ज्यादा प्रभावित हुए हैं. 45 से 75 साल वाले आयु वर्ग के ज्यादा चपेट में आए और इसी वर्ग में मरने वालों की संख्या भी रही है.

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नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वर्तमान स्थिति पर गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश में आते हैं. इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद हमने कोरोना पर संतोषजनक काम किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ओएसडी आर. भूषण ने कहा कि जनसंख्या के हिसाब से देखें तो कोरोना को लेकर हम दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सबसे नीचे हैं.

भूषण ने कहा कि इस वायरस से सबसे ज्यादा 60 से 74 साल आयु वर्ग वाले प्रभावित हुए हैं. 45 से 75 साल आयु वर्ग वाले ज्यादा चपेट में आए और इसी वर्ग में मरने वालों की संख्या भी रही है. आंकड़ों के अनुसार भारत में 45-59% साल आयु वर्ग के लोगों में 15% जनसंख्या शामिल है. इनमें 32% मौतें देखी गईं. 60-74 वर्ष आयु वर्ग की आबादी 8% है और उनमें 39% मौतें दर्ज की गई हैं.


लैब्स को बढ़ाने की कोशिशें जारी
ICMR ने कहा कि देश में लैब्स की संख्या बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं. इस समय देश में 1132 लैब ऑपरेशन हैं. कई लैब पाइपलाइन में हैं. ICMR की ओर से कहा कि हर दिन औसतन 2.6 लाख टेस्टिंग हो रही है. एंटीजन टेस्ट के इस्तेमाल के जरिए हम टेस्टिंग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. ICMR की निवेदिता गुप्ता ने कहा कि आईसीएमआर टेस्टिंग की क्षमता की क्षमता बढ़ा रहा है. RTPCR टेस्ट के अलावा ट्रूनैट और सीबीनाट टेस्टिंग भी शुरू है.



क्लीनिकल ट्रायल में लाई जा रही तेजी
कोरोना वैक्सीन के लिए 15 अगस्त तक की समयसीमा तय करने वाले ICMR डीजी के पत्र पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सफाई दी है. मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि पत्र में सेफ्टी से समझौता ना करते हुए केवल क्लीनिकल ट्रायल तेज करने की बात कही गई है. कोरोना वायरस के हवा से फैलने की रिपोर्ट पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वह उभरती हुई परिस्थिति , इस मामले में WHO से आ रही जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं.
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