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    दिल्‍ली में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच आज लॉन्‍च होगी स्‍वदेशी जांच किट 'फेलूदा', 40 मिनट में देगी नतीजे

    दिल्‍ली में आज लॉन्‍च होगी फेलूदा.
    दिल्‍ली में आज लॉन्‍च होगी फेलूदा.

    अपोलो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्‍स के साथ मिलकर टाटा ग्रुप गुरुवार को स्‍वदेशी कोरोना टेस्‍ट किट 'फेलूदा' (Feluda Test Kit) को दिल्‍ली में लॉन्‍च करने जा रहा है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 19, 2020, 10:07 AM IST
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    नई दिल्‍ली. देश के कई हिस्‍सों में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) फिर पैर पसार रहा है. दिल्‍ली इसका बड़ा उदाहरण है. राजधानी में पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) के केस में इजाफा हो रहा है. लोगों की बड़ी संख्‍या में कोरोना जांच कराने की भी योजना बन गई है. इस बीच अपोलो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्‍स के साथ मिलकर टाटा ग्रुप गुरुवार को स्‍वदेशी कोरोना टेस्‍ट किट 'फेलूदा' (Feluda Test Kit) को दिल्‍ली में लॉन्‍च करने जा रहा है. इससे महज 40 मिनट में ही टेस्‍ट के नतीजे सामने आ जाएंगे.

    फेलूदा टेस्‍ट किट की तकनीक जीन एडिटिंग तकनीक सीआरआईएसपीआर पर आधारित है. इस महीने की शुरुआत में टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड (TataMD) ने घोषणा की थी कि इस पेपर-स्ट्रिप जांच किट की मार्केटिंग 'TataMD's CHECK' के रूप में की जाएगी.

    फेलूदा जांच मौजूदा समय में हो रही आरटी-पीसीआर जांच से सस्‍ती है. जबकि इसमें भी नतीजे एकदम सही आते हैं. संभावना जताई गई है कि फेलूदा के जरिये दिल्‍ली या देश में लोगों की कोरोना जांच की संख्‍या बढ़ाने में मदद मिलेगी. क्‍योंकि इस जांच में इस्‍तेमाल होने वाली थर्मोसाइकलर मशीन बेहद सस्‍ती है. साथ ही यह हर बड़ी लैब में इसकी उपलब्‍ध होती है.



    दावा किया गया है कि नई जांच किट फेलूदा में 96% उच्‍च संवेदनशीलता और 98% की विशिष्टता है. इसका मतलब है कि यह कोरोना पॉजिटिव और नेगेटिव का सही तरह से आकलन करके सटीक नतीजे देती है. इसे सितंबर में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा इस्‍तेमाल के लिए मंजूदी दी गई थी. इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने बंगाली काल्पनिक जासूस के नाम पर टेस्ट फेलूदा का नाम दिया.
    मरीज के बलगम या नाक का नमूना एकत्र करने के बाद, आरएनए को उसमें से निकाला जाता है और एक थर्मोसाइकलर का उपयोग करके उसे प्रवर्धित किया जाता है. फिर नमूने का परीक्षण एक पेपर स्ट्रिप के जरिये किया जाता है. इस पेपर स्ट्रिप में बारकोड होता है. इसमें सीएएस 9 प्रोटीन होता है. इसके बाद यह सार्स सीओवी 2 वायरस का पहचानने के लिए उसके जेनेटिक मैटीरियल का विश्‍लेषण करता है. यह किट बिल्‍कुल प्रेगनेंसी किट की तरह है.

    फेलूदा टेस्‍ट में लोगों का कोरोना सैंपल लेने और आरएनए को निकालने की प्रक्रिया आरटी-पीसीआर जैसी ही रहती है, लेकिन सैंपल को प्रोसेसिंग करने के लिए सिर्फ एक थर्मोसाइकलर मशीन की आवश्यकता होती है. केवल बड़ी प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक संस्थानों में आमतौर पर एक पारंपरिक आरटी-पीसीआर मशीन होती है. जबकि थर्मोसाइकलर सस्ते हैं और अधिकांश प्रयोगशालाओं व वैज्ञानिक संस्थानों में यह बड़ी संख्‍या में उपलब्‍ध होंगे.
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