डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 'कवच' है वैक्सीन की दो डोज! ब्रिटेन में हुए अध्ययन से खुलासा

पॉल ने कहा कि दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट की बड़ी भूमिका रही. इस वैरिएंट में अतिरिक्त म्यूटेशन देखा गया है, जिसे डेल्टा प्लस कहा जा रहा है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

AstraZeneca-Oxford vaccine: नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट 2020 के मुकाबले ज़्यादा चालाक हो गया है.

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    नई दिल्ली. ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ वैक्सीन की दो डोज काफी प्रभावी है और इससे संक्रमित व्यक्ति के अस्पताल में भर्ती कराने की स्थिति को टाला जा सकता है. विश्लेषण के मुताबिक ऐस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन दो खुराक के बाद लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के खिलाफ 92 प्रतिशत प्रभावी है, जबकि फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन के दोनों खुराक के बाद का आंकड़ा 96 प्रतिशत है. ब्रिटेन में हुआ अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैक्सीन के डेल्टा वैरिएंट को ही भारत में संक्रमण की दूसरी लहर के दरम्यान मची तबाही के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के इस वैरिएंट को 'चिंतित करने वाला' बताया है.

    उधर, केंद्र सरकार ने मंगलवार को डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर चेताया. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट 2020 के मुकाबले ज़्यादा चालाक हो गया है. पॉल ने कहा कि दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट की बड़ी भूमिका रही. इस वैरिएंट में अतिरिक्त म्यूटेशन देखा गया है, जिसे डेल्टा प्लस कहा जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेन की पहचान करके ग्लोबल डाटा सिस्टम को सौंपा गया है. इस स्ट्रेन को मार्च से यूरोप में देखा गया है और 13 जून को इसे सार्वजनिक किया गया. अब हमें ज्यादा सावधानी बरतने की ज़रूरत है. हमें ज्यादा सोशल डिस्टैसिंग का पालन करना होगा. मास्क लगातार पहने रखना होगा. इसके बिना परिस्थिति फिर खराब हो सकती है.

    केंद्र सरकार ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में 3.05 प्रतिशत बच्चों को कोविड संक्रमण हुआ, जबकि पहली लहर के दौरान 3.28 प्रतिशत बच्चों को कोविड संक्रमण हुआ था. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पहली लहर में 11 से 20 साल के आयु वर्ग में 8.03 प्रतिशत और दूसरी लहर में 8.5 प्रतिशत संक्रमित हुए थे. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि दूसरी लहर के दौरान कोविड के 11.62 प्रतिशत मामले 20 साल से कम उम्र वालों में देखने को मिले, जबकि पहली लहर के दौरान यह 11.31 प्रतिशत था.

    'संक्रमण दर में 78 प्रतिशत की तीव्र गिरावट'
    सरकार ने कहा कि कोविड मामलों की साप्ताहिक संक्रमण दर में 78 प्रतिशत की तीव्र गिरावट देखी गई है और यह दूसरी लहर के दौरान 4 से 10 मई के बीच 21.4 प्रतिशत थी. देश में 9 लाख के करीब सक्रिय मामले बने हुए हैं. 20 राज्यों में 5,000 से कम सक्रिय मामले हैं. अन्य राज्यों में भी सक्रिय मामलों में कमी आ रही है. रिकवरी दर भी बढ़ रही है. पिछले 24 घंटे में देश में 1,17,525 रिकवरी हुई है.

    'वैक्सीन एक अतिरिक्त हथियार'
    फिलहाल, ऐसे 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं, जहां उपचाराधीन मरीजों की संख्या 5000 से कम है. उन्होंने कहा कि सात मई को सामने आए सबसे ज्यादा मामलों के बाद से दैनिक कोविड मामलों में लगभग 85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. मंत्रालय ने कहा कि अब तक देश में कुल 26 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है. लव अग्रवाल ने कहा कि 'कोविड संक्रमण के खिलाफ वैक्सीन एक अतिरिक्त हथियार के तौर पर है. मैं सभी से कहूंगा कि वे साफ सफाई का ध्यान रखें और कोविड व्यवहार का पालन करें. मास्क पहने और सोशल डिस्टैंसिंग अपनाएं, जितना संभव हो यात्रा से बचें.'

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