कोरोना टीकाकरणः फाइजर को जल्द मिलेगी मंजूरी, अगस्त में हो सकती है वैक्सीन की डिलीवरीः रिपोर्ट

भारत ने किसी भी कोविड वैक्सीन निर्माता कंपनी को कानूनी क्षतिपूर्ति से प्रोटेक्शन नहीं दी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार अपने रुख में बदलाव करने वाली है. फाइल फोटो

भारत ने किसी भी कोविड वैक्सीन निर्माता कंपनी को कानूनी क्षतिपूर्ति से प्रोटेक्शन नहीं दी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार अपने रुख में बदलाव करने वाली है. फाइल फोटो

Pfizer Vaccine: सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार चाहती है कि भारत में फाइजर के टीकों की कीमत 10 से 12 डॉलर प्रति खुराक रहे. इसके लिए कंपनी से मोलभाव चल रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 11, 2021, 11:24 PM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. कोरोना वायरस टीकाकरण के लिए भारत सरकार जल्द ही विदेशी कोविड वैक्सीन फाइजर को मंजूरी दे सकती है. इसके साथ ही फाइजर कंपनी को कानूनी जवाबदेही से भी प्रोटेक्शन (Indemnity) मिल सकती है. रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले इस बात की जानकारी दी है. एक सूत्र ने रॉयटर्स से कहा, "कंपनी को Indemnity भी दी जाएगी, और अगर एक कंपनी को मिल गई तो फिर सभी कंपनियों को दी जाएगी." भारत ने फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन को अप्रैल महीने में वैक्सीन निर्माण के लिए न्यौता दिया था, हालांकि केंद्र सरकार और कंपनियों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया.

फाइजर ने बिना Indemnity के अभी तक किसी भी देश को वैक्सीन नहीं बेची है. Indemnity मिल जाने के बाद वैक्सीन के किसी भी साइड इफेक्ट के लिए कंपनी कानूनी तौर पर जिम्मेदार नहीं होगी. बता दें कि भारत ने किसी भी कोविड वैक्सीन निर्माता कंपनी को कानूनी क्षतिपूर्ति से प्रोटेक्शन नहीं दी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार अपने रुख में बदलाव करने वाली है.

Youtube Video

सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही फाइजर की मांग को स्वीकार कर चुकी है. कंपनी को भारत में टीकाकरण के लिए स्थानीय तौर पर क्लिनिकल ट्रायल से नहीं गुजरना होगा. एक अन्य अधिकारी ने उम्मीद जताई कि अगस्त महीने में देश में फाइजर की वैक्सीन आ सकती है. हालांकि टीकाकरण की शुरुआत में कंपनी के टीके लगवाने वाले लोगों पर निगाह रखी जाएगी. इसके बाद ही व्यापक तौर पर वैक्सीन कार्यक्रम को अनुमति दी जाएगी. रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस बारे में ना तो विदेश मंत्रालय ने कोई जवाब दिया है और ना ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने.
दूसरी ओर भारत सरकार के साथ बातचीत के बारे में जानकारी देने से फाइजर ने भी इनकार कर दिया. हालांकि कंपनी ने कहा कि उसने भारत सरकार से 'कानूनी क्षतिपूर्ति' से सुरक्षा मांगी है. एक अन्य सूत्र ने कहा कि भारत सरकार फाइजर के साथ टीके की कीमतों को लेकर भी मोलभाव कर रही है. केंद्र सरकार चाहती है कि भारत में फाइजर के टीकों की कीमत 10 से 12 डॉलर प्रति खुराक रहे. यूरोपियन यूनियन फाइजर को एक खुराक के लिए 18.86 डॉलर का भुगतान कर रही है.

फाइजर के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी बहुत सारे देशों को बिना लाभ के मूल्य पर बेच रही है. भारत में टीकाकरण कार्यक्रम 16 जनवरी को शुरू हुआ था और अभी तक 23.9 करोड़ लोगों को वैक्सीन की खुराक दी गई है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज