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Covid Vaccination: दूसरे फेज में कई रोगों से पीड़ितों को ऐसे मिल सकता है कोरोना का टीका

एक मार्च से कोविड-19 टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण(AP Photo/Thein Zaw)

एक मार्च से कोविड-19 टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण(AP Photo/Thein Zaw)

भारत में कोविड-19 टीकाकरण (coronavirus vaccination) अभियान 16 जनवरी को शुरू हुआ था. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,07,67,000 लोगों को टीके लगाये जा चुके हैं । 14 लाख लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 7:52 AM IST
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Covid Vaccination Drive in India: केंद्र सरकार ने बुधवार को फैसला किया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों तथा किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को एक मार्च से कोरोना वायरस रोधी टीका (Coronavirus Vaccination) सरकारी केंद्रों पर निशुल्क लगाया जायेगा. वहीं, निजी क्लिनिकों एवं केंद्रों पर उन्हें इसके लिए शुल्क देना पड़ेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कोविड-19 टीकाकरण के अगले चरण के अभियान को लेकर निर्णय किया गया.

वहीं, एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने जानकारी दी कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 45 वर्ष से ज्यादा के लोग, अपनी बीमारी से संबंधित एक सर्टिफिकेट दिखा कर वैक्सीन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले कुछ दिनों में यह स्पष्ट कर दिया जाएगा कि किसे-किसे गंभीर और एक से ज्यादा रोग माना जाएगा. इसमें हर्ट, लंग्स, किडनी, लीवर की गंभीर बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, अस्थमा समेत कुछ मानसिक रोगों को भी शामिल किया जा सकता है.

रिपोर्ट के अनुसार ऐसे लोग जो एक या इससे ज्यादा बीमारियों से पीड़ित होंगे, उन्हें एक पन्ने का फॉर्म भरना होगा, जिससे उनके मेडिकल स्टेटस के बारे में जानकारी होगी. ऐसे लोग किसी भी सामान्य फिजीशियन से दस्तखत किया हुआ सर्टिफिकेट ले सकते हैं. अगले कुछ दिनों के भीतर केंद्र सरकार सारी जानकारी मुहैया कराएगी.



निजी क्लिनिकों या केंद्रों पर टीका लगवाने वालों को देना होगा शुल्क 
बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों तथा किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वायरस रोधी टीका एक मार्च से लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि इस श्रेणी में लोगों को 10 हजार सरकारी केंद्रों पर निशुल्क टीका लगाया जायेगा. मंत्री ने कहा कि 20 हजार निजी क्लिनिकों या केंद्रों पर टीका लगवाने वालों को शुल्क देना होगा.

जावड़ेकर ने बताया कि यह शुल्क कितना होगा, इसके बारे में विचार विमर्श करने के बाद स्वास्थ्य विभाग दो-तीन दिनों में घोषणा करेगा. उन्होंने कहा कि सरकारी केंद्रों पर निशुल्क टीका लगाने के लिये भारत सरकार जरूरी खुराक खरीदेगी और राज्यों को उपलब्ध करायेगी. यह पूछे जाने पर कि क्या लोगों को कोविशील्ड या कोवैक्सीन में से टीका चुनने का विकल्प होगा, केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘भारत ने दो टीकों को मंजूरी दी है और दोनों टीके प्रभावी हैं और उनकी क्षमता सिद्ध है.’

1.23 करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइनर्स का वैक्सीनेशन
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में 1.23 करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को टीके की खुराक दी गयी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि तीन सदस्यीय बहु-विशेषज्ञता वाले दलों का नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी कर रहे हैं. मंत्रालय ने कहा, ‘ये दल राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में हाल ही में बढ़े कोविड-19 के मामलों के कारण का पता लगाने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे.’

केन्द्र ने महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, म
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