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CoWIN, आधार और SMS: जानिए कैसे चलेगा वैक्सीन टीकाकरण कार्यक्रम

केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि स्वास्थ्य कर्मियों और मेडिकल फ्रंटलाइन वर्कर्स का डाटा कोविन ऐप पर अपलोड किया जा रहा है.
केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि स्वास्थ्य कर्मियों और मेडिकल फ्रंटलाइन वर्कर्स का डाटा कोविन ऐप पर अपलोड किया जा रहा है.

भारत सरकार ने कोरोना वायरस (Coronavirus) की दो वैक्सीन को आपातकाल में इस्तेमाल की मंजूरी दी है. इनमें से एक ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रोजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड है, जिसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया विकसित कर रहा है, दूसरा भारत बायोटेक की कोवॉक्सिन (Covaxin) है, जिसे कंपनी आईसीएमआर के साथ मिलकर बनाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 5, 2021, 6:45 PM IST
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नई दिल्ली. कोविन (CoWIN) ये कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (Covid Vaccine Intelligence Network) का शॉर्ट फॉर्म है और केंद्र सरकार महामारी के बीच इसी ऐप के जरिए देश में करोड़ों लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन का टीका लगाने की योजना इकोसिस्टम तैयार कर रही है. इस ऐप की मुख्य खासियतों की बात करें तो आधार नंबर का वेरिफिकेशन और 12 भाषाओं में एसएमएस के जरिए टीकाकरण वेरिफिकेशन का काम किया जाएगा. भारत सरकार ने कोरोना वायरस (Coronavirus) की दो वैक्सीन को आपातकाल में इस्तेमाल की मंजूरी दी है. इनमें से एक ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रोजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड है, जिसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया विकसित कर रहा है, दूसरा भारत बायोटेक की कोवॉक्सिन (Covaxin) है, जिसे कंपनी आईसीएमआर के साथ मिलकर बनाया है. सरकार की प्राथमिकता पहले स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने की है, जो महामारी के खिलाफ सीधे तौर पर डील कर रहे हैं.

टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ी 10 बातें-

1. स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि कोविन ऐप के जरिए टीकाकरण के सेशन अपने आप जेनरेट हो जाएंगे. किसी भी तरह के गलत उपयोग को रोकने के लिए आधार नंबर वेरिफाई किया जाएगा.



2. वैक्सीन का टीका लगवाने के इच्छुक लोगों के लिए एक यूनिक हेल्थ आइडेंटिटी क्रिएट की जाएगी. इससे वैक्सीन के किसी भी संभावित प्रभावों की रिपोर्टिंग और ट्रैकिंग के बारे में आसानी होगी.
3. वैक्सीन का टीका लगवाने का इंतजार कर रहे लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों को पूरे देश में 12 भाषाओं में एसएमएस से जानकारी दी जाएगी. एक बार वैक्सीन के सभी डोज का शेड्यूल पूरा होने के बाद क्यूआर कोड के जरिए टीकाकरण प्रमाणपत्र दिया जाएगा. इस डिजिटल प्रमाण पत्र को मोबाइल में आसानी से रखा जा सकता है.

4. कोविन ऐप में सरकार के डिजी लॉकर ऐप को जोड़ा जाएगा, जिसके जरिए क्यूआर कोड के माध्यम से टीकाकरण प्रमाण पत्र जेनरेट होगा. इसके साथ ही 24 घंटे सातों दिन हेल्पलाइन काम करेगी.

5. सरकार की ओर जानकारी दी गई कि कोविन ऐप के सॉफ्टवेयर को चेक करने के लिए अलग-अलग स्तर पर कई बार पूर्वाभ्यास किया गया है. 700 जिलों में 90 हजार से ज्यादा लोगों को सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई है.

6. सरकार की ओर से बताया गया कि स्वास्थ्य कर्मियों और मेडिकल फ्रंटलाइन वर्कर्स का डाटा कोविन ऐप पर अपलोड किया जा रहा है. इन लोगों को स्वयं रजिस्टर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

7. जहां तक प्राथमिकता वाले उम्र वर्ग की बात है तो उन्हें कोविन ऐप में ऑटोमेटिक तरीके से सेशन निर्धारित कर दिया जाएगा. डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट टीकाकरण कार्यक्रम की तारीख निर्धारित करेंगे.

8. पिछले हफ्ते से ही टीकाकरण कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूर्वाभ्यास किया जा रहा है, ताकि संचालन में आने वाले किसी भी तरह की बाधा को दूर किया जा सके. इसी दौरान कोविन ऐप के संचालन का भी पूर्वाभ्यास किया गया.

9. स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सभी राज्यों के 125 जिलों में 285 सेशन कोविन ऐप के आयोजित किए गए. पूर्वाभ्यास में मिले फीड बैक के आधार पर मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीन को मंजूरी मिलने के 10 दिनों के भीतर टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो सकता है.

10. केंद्र सरकार ने कहा कि कोविन ऐप में छोटे-छोटे बग्स पाए गए हैं, जिनका समाधान कर दिया गया है. सभी राज्यों ने ऐप के जरिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम चलाने और संचालन गाइडलाइंस के प्रति पूर्ण विश्वास प्रकट किया है.
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