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राज्यों को आवंटित की गई वैक्सीन की और डोज, महाराष्ट्र ने पूछा- हमें कम टीके क्यों दिए जा रहे?

इस समय देशभर में कोरोना वैक्‍सीनेशन का काम चल रहा है.

इस समय देशभर में कोरोना वैक्‍सीनेशन का काम चल रहा है.

Coronavirus In Maharashtra: महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सवाल किया कि राज्य को गुजरात और मध्य प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों की तुलना में कोविड-19 के कम टीके क्यों दिए जा रहे हैं?

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नई दिल्ली/मुंबई. कोरोना वैक्सीन (Anti Coronavirus Vaccine) के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के बीच गहमागहमी के बाद केंद्र सरकार ने वैक्सीन का आवंटन बढ़ा दिया है. राज्य को अब 7.43 लाख की जगह 17.43 वैक्सीन की डोज मिलेगी. इसके साथ ही केरल के लिए भी सप्लाई बढ़ाई गई है. बताया गया कि राज्य को अब 4.74 लाख की जगह 7.74 लाख वैक्सीन डोज मिलेगी.

हालांकि, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने दोहराया कि अभियान चलाने के लिए प्रति सप्ताह कम से कम 40 लाख खुराक की आवश्यकता होगी. गुरुवार दोपहर को महाराष्ट्र में लगभग 12 लाख खुराक बची थी, जो अगले दो दिनों में समाप्त होने की उम्मीद है. टोपे ने कहा - '17.43 लाख भी अपर्याप्त है.'

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार आने वाले दिनों में 350 लाख कोविशील्ड की खुराक का वितरण किया जाएगा. उत्तर प्रदेश को 44.98 लाख खुराक, मध्य प्रदेश को 33.76 लाख, कर्नाटक को 29.06 लाख, हरियाणा को 24 लाख, पश्चिम बंगाल को 21 लाख, महाराष्ट्र को 17.43 लाख, और गुजरात 15.57 लाख मिलेगी.



महाराष्ट्र में रोजाना 4 लाख के करीब लोगों का टीकाकरण हो रहा
सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य, महाराष्ट्र में रोजाना 4 लाख के करीब लोगों का टीकाकरण हो रहा है.  महाराष्ट्र में देश भर में सबसे ज्यादा लोगों (89.49 लाख) का टीकाकरण किया जा चुका है.  विपक्ष का आरोप है कि केंद्र टीके की आपूर्ति में भाजपा शासित राज्यों का पक्ष ले रहा है.

महाराष्ट्र और राजस्थान के बाद, गुजरात (81.47 लाख), उत्तर प्रदेश (78.47 लाख) और पश्चिम बंगाल (70.55 लाख) ने सबसे अधिक टीकाकरण किया है. रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि  'केंद्र दैनिक उपभोग के आधार पर वैक्सीन स्टॉक आवंटित करता है. लेकिन महाराष्ट्र और राजस्थान दोनों को कम आपूर्ति मिली है.' महाराष्ट्र के स्वास्थ्य सचिव डॉ.  प्रदीप व्यास ने कहा कि हमारी आबादी को ध्यान में रखते हुए, यह (आपूर्ति) बहुत अजीब लग रहा है.  ये सभी आपूर्ति 15 अप्रैल के बाद दी जाएगी.

पनवेल और सतारा में पूरी तरह से टीकाकरण रोक दिया गया है, जबकि सांगली, नवी मुंबई, ठाणे, नासिक में शुक्रवार से वैक्सीनेशन बंद हो जाएगा. मुंबई में, कई केंद्रों ने टीकाकरण बंद कर दिया है, और लगभग सभी को शनिवार तक रोकना पड़ सकता है. नवी मुंबई निगम के आयुक्त अभिजीत बांगर ने कहा, 'बहुत से लोग आए और पाया कि टीका नहीं है. इस तरह के पड़ाव हमारी कोशिश पर को नकारात्मक असर पड़ेगा.'

महाराष्ट्र को कोविड-19 टीके की कम खुराकें दी जा रही : टोपे
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे नेगुरुवार को सवाल किया कि राज्य को गुजरात और मध्य प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों की तुलना में कोविड-19 के कम टीके क्यों दिए जा रहे हैं जबकि राज्य टीकाकरण अभियान में अग्रणी है और सबसे ज्यादा उपचाराधीन मामले हैं. टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र को हर सप्ताह टीके की 40 लाख खुराकों की जरूरत है और स्पष्ट किया कि टीकाकरण अभियान केंद्र और राज्य के बीच टकराव का मुद्दा नहीं है.

उन्होंने कहा कि राज्य कोगुरुवार को टीके की 7.5 लाख खुराकें मिली. टोपे ने कहा,'आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात करने के बाद मुझसे कहा गया कि हमें 15 अप्रैल के बाद 17.5 लाख खुराकें मिलेगी.' टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र को 7.5 लाख खुराकें मिली है वहीं उत्तर प्रदेश को 48 लाख खुराकें, मध्य प्रदेश को 40 लाख, गुजरात को 30 लाख और हरियाणा को 24 लाख खुराकें दी गयी हैं.

हमारे पास मुश्किल से नौ लाख खुराकें बची हुई- टोपे
उन्होंने सवाल किया,'महाराष्ट्र टीकाकरण अभियान में अग्रणी है और सबसे ज्यादा उपचाराधीन मामले हैं लेकिन केवल 7.5 लाख खुराकें ही क्यों दी गयी हैं.' टोपे ने कहा कि देश में कुल उपचाराधीन मामलों में महाराष्ट्र के 55 प्रतिशत मामले हैं और टीके की आपूर्ति जरूरत के हिसाब से होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 12 करोड़ की आबादी वाले महाराष्ट्र को अब तक 1.04 करोड़ खुराकें मिल पायी है जबकि पड़ोस के छह करोड़ आबादी वाले गुजरात को एक करोड़ खुराकें दी गयी हैं जहां करीब 17,000 उपचाराधीन मामले हैं.

टोपे ने कहा कि आज की तारीख में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा करीब 4.5 लाख उपचाराधीन मामले हैं जबकि संक्रमितों की संख्या 30 लाख से अधिक हो चुकी है. उन्होंने कहा,'महाराष्ट्र भौगोलिक रूप से और आबादी के लिहाज से बड़ा राज्य है...केंद्र को मरीजों, जांच, उपचाराधीन मरीजों की संख्या के हिसाब से अन्य राज्यों के साथ महाराष्ट्र की तुलना करनी चाहिए. ' टोपे ने कहा,'हमारे पास मुश्किल से नौ लाख खुराकें बची हुई है जिससे एक या डेढ़ दिन ही टीकाकरण हो पाएगा.' साथ ही कहा कि टीके की कमी के कारण सतारा, सांगली और पनवेल में कई टीकाकरण केंद्र बंद कर दिए गए हैं.

टीकों के आवंटन में केंद्र के पक्षपाती होने का ‘हल्ला सिर्फ दिखावा’ : हर्षवर्धन
वहीं स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोविड टीकों के संबंध में केंद्र के पक्षपात करने के कुछ राज्यों के आरोपों को गुरुवार को खारिज कर दिया और कहा कि वे अपनी अक्षमता को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि टीकों के आवंटन के लिहाज से तीन शीर्ष राज्यों में महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे गैर-भाजपा शासित प्रदेश शामिल हैं. भारत में कोविड-19 के मामलों के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाने के बीच हर्षवर्धन ने कहा कि टीकों की 9.1 करोड़ खुराकों का उपयोग किया गया है जबकि 2.4 करोड़ स्टॉक में हैं और 1.9 करोड़ टीके आने वाले हैं. उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सभी राज्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में टीकों की खुराकें उपलब्ध हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘केंद्र सरकार द्वारा पक्षपात किये जाने को लेकर कुछ राज्यों का शोर सिर्फ एक दिखावा है, अपनी अक्षमता को छिपाने का एक प्रयास है. कोविड टीकों की खुराकों के आवंटन के आधार पर शीर्ष तीन राज्यों में से दो राज्य महाराष्ट्र और राजस्थान हैं. दोनों गैर-भाजपा शासित राज्य हैं.' हर्षवर्धन ने एक अन्य ट्वीट में आंकड़े जारी करते हुए कहा, 'आइए अब इस डर को खत्म करें! कोविड टीकों की कुल खुराकें दी गयीं : नौ करोड़ से ज्यादा, भंडार में या राज्यों को आपूर्ति की जा रही : 4.3 करोड़ से ज्यादा. कमी होने का सवाल ही कहां उठता है? हम लगातार निगरानी और आपूर्ति में वृद्धि कर रहे हैं.'
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