COVID-19: क्या दिसंबर तक सभी वयस्क भारतीयों का टीकाकरण मुमकिन है? शायद नहीं..

तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक टीकाकरण केंद्र पर टीका लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते लोग. (PTI/30 May 2021)

तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक टीकाकरण केंद्र पर टीका लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते लोग. (PTI/30 May 2021)

India Coronavirus Vaccination: पिछले हफ्ते भारत ने 45 दिन बाद एक के बाद एक दिन के हिसाब से प्रति दिन 30 लाख डोज़ लगाए, जबकि इससे पहले प्रति दिन 20 लाख डोज़ लगाए जा रहे थे.

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नई दिल्ली. टीकाकरण की मौजूदा दर देखते हुए लगता है कि देश के सभी वयस्कों को टीके का पहला डोज़ देने में भारत को आठ महीने लग जाएंगे. जबकि केंद्र ने इस काम को पूरा करने के लिए दिसंबर 2021 का लक्ष्य रखा है.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार तक टीके के 16.7 करोड़ पहले डोज़ लगाए जा चुके हैं. कोविन पोर्टल के तकनीकी समिति के प्रमुख आर एस शर्मा के मुताबिक केंद्र 94.4 करोड़ वयस्कों के टीकाकरण की उम्मीद कर रहा है. कई कैबिनेट मंत्री और नीति निर्माता भी दावा कर चुके हैं कि दिसंबर तक भारत सभी टीके के लिए योग्य लोगों का टीकाकरण कर देगा.

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पिछले हफ्ते भारत ने 45 दिन बाद एक के बाद एक दिन के हिसाब से प्रति दिन 30 लाख डोज़ लगाए, जबकि इससे पहले प्रति दिन 20 लाख डोज़ लगाए जा रहे थे. अगर अब की रफ्तार कायम रही तो इस काम को यानी वयस्कों का लक्ष्य पूरा करने में 256 दिन या आठ महीने लग जाएंगे.
कोविड 19 के टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने को लेकर मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम कहते हैं कि यह सिर्फ लोगों की सेहत के लिए नहीं, अर्थव्यवस्था के लिए भी जरूरी है. वैक्सीन डोज़ में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन ज्यादा आबादी को कवर करने के लिए रफ्तार भी बढ़ानी होगी.

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जीडीपी पर बात करते हुए सुब्रमण्यम कहते हैं – टीकाकरण की रफ्तार बहुत जरूरी है क्योंकि इससे कोविड की एक और लहर के होने की आशंका कम होती है और यह आर्थिक रूप से हमें उभरने में भी मदद करेगा.




रविवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है जहां मई में 7.94 करोड़ डोज़ उपलब्ध थे, वहीं जून में 12 करोड़ डोज़ उपलब्ध होंगे. यही नहीं, कौन से राज्य को वैक्सीन की कितनी आपूर्ति करनी है, यह वहां की आबादी, उपभोग के पैटर्न और वैक्सीन की बर्बादी जैसे पहलुओं के आधार पर निर्भर करता है. राज्य सरकारें और निजी अस्पताल वैक्सीन के बाकी के 50 फीसदी डोज़ को सीधे वैक्सीन निर्माता से ले सकती हैं.

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