प्राइवेट अस्‍पतालों में सुस्त पड़ी टीकाकरण की रफ्तार, 2 महीने में खरीदे 1.97 करोड़ डोज, अभी भी बची है 1.08 करोड़ खुराक

प्राइवेट अस्‍पतालों में कोविशील्‍ड की 1.08 करोड़ डोज अभी भी बची हुई है. (फाइल फोटो)

Coronavirus Vaccination in India: बता दें कि खुले बाजार की नीति के तहत निजी अस्‍पतालों को 25 प्रतिशत वैक्‍सीन (Vaccine) खरीदने का अधिकार दिया गया है. इस नीति के तहत ही निजी अस्‍पतालों ने 1 मई से 22 जून तक कोविशील्‍ड (Covishield) की 1.97 करोड़ डोज खरीदीं थीं.

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    नई दिल्‍ली. देश में कोरोना (Corona) की दूसरी लहर (Second Wave) भले ही कमजोर पड़ती दिखाई पड़ रही हो, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. देश में कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave) की आहट के बीच कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) को सबसे बड़े सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है. यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लोगों से कई बार वैक्‍सीन लगवाने की अपील कर चुके हैं. कोरोना वैक्‍सीन अभियान में तेजी लाने के लिए निजी अस्‍पतालों में वैक्‍सीन लगवाने की छूट दी गई है, लेकिन इन अस्‍पतालों में रुपये देकर ही वैक्‍सीन लगाई जा रही है. केंद्र सरकार ने राज्‍यों को जानकारी देते हुए कहा कि देश भर के निजी अस्पतालों में 1.08 करोड़ कोविशील्ड वैक्सीन की खुराक अभी भी बची हुई है.

    बता दें कि खुले बाजार की नीति के तहत निजी अस्‍पतालों को 25 प्रतिशत वैक्‍सीन खरीदने का अधिकार दिया गया है. इस नीति के तहत ही निजी अस्‍पतालों ने 1 मई से 22 जून तक कोविशील्‍ड की 1.97 करोड़ डोज खरीदीं थीं. वैक्‍सीन स्‍टॉक डेटा के मुताबिक इन अस्‍पतालों ने 1.97 करोड़ डोज में से 22 जून तक मात्र 88.9 लाख डोज का ही इस्‍तेमाल किया है, प्रतिदिन का औसत 1.71 लाख खुराक की है.



    एक अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन स्टॉक का डेटा निजी अस्‍पतालों द्वारा सरकार को दी गई जानकारी पर आधारित है. आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक लंबित स्‍टॉक महाराष्‍ट्र के पास है. महाराष्‍ट्र के पास 26.33 लाख डोज अभी भी बची हुई हैं, जबकि कर्नाटक के पास (16.74 लाख) और पश्चिम बंगाल के पास 16.65 लाख वैक्‍सीन की डोज बची हुई हैं. बैठक में कोवैक्सीन के लिए डेटा साझा नहीं किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि इसकी मात्रा बहुत कम है.

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    महाराष्‍ट्र में 52.69 लाख में से 26.36 लाख डोज का हुआ इस्‍तेमाल
    केंद्र सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि महाराष्ट्र के प्राइवेट अस्पतालों ने 52.69 लाख वैक्‍सीन की डोज खरीदी हैं, जिसमें से लगभग आधा 26.36 लाख डोज का इस्‍तेमाल किया है. कर्नाटक के निजी अस्‍पतालों ने 31.68 लाख खुराक में से 47.12 प्रतिशत (14.93 लाख), पश्चिम बंगाल ने 26.90 लाख खुराक में से 38 प्रतिशत (10.24 लाख) और दिल्ली ने इस अवधि में खरीदी गई 15.89 लाख खुराक में से 33.9 प्रतिशत (5.40 लाख) वैक्‍सीन डोज का इस्‍तेमाल किया है.

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    देश के 10 राज्‍यों में 89% है वैक्‍सीन का लंबित स्टॉक
    केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश के 10 राज्यों- पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, हरियाणा और दिल्ली के निजी अस्‍पतालों में कुल वैक्‍सीन का लंबित स्टॉक 89 प्रतिशत है. निजी क्षेत्र द्वारा सबसे कम उपयोग, या 10 प्रतिशत से कम वैक्‍सीन का उपयोग मिजोरम, बिहार, मणिपुर और पुडुचेरी में किया गया है. हालांकि ये भी सही है कि इन राज्‍यों ने 25 हजार से कम खुराक खरीदी थी. आंकड़ों से पता चलता है कि दमन और दीव के निजी क्षेत्रों के अस्पतालों ने केवल 150 खुराक खरीदी और उनमें से 55 का इस्तेमाल किया.

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    गोवा में सबसे ज्‍यादा निजी क्षेत्रों में हुआ वैक्‍सीन का इस्‍तेमाल
    निजी क्षेत्र में अधिकतम उपयोग गोवा, गुजरात और हरियाणा में देखा गया है - इन राज्यों ने अपने स्टॉक का 63-69 प्रतिशत उपयोग किया. गोवा के अस्पतालों ने केवल 15,650 खुराक की खरीद की, जबकि गुजरात और हरियाणा ने क्रमशः 3.89 लाख और 6.50 लाख वैक्‍सीन की डोज खरीदी थी.

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