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केंद्र का दावा, तेलंगाना में वैक्सीन की क्षति दर 17.6 फीसद, राज्य अधिकारियों ने उठाए सवाल

1 मार्च के बाद राज्य सरकार की ओर से जारी की गई सभी रिपोर्टों में वैक्सीन क्षति की दर 1 प्रतिशत से भी कम दर्शाई गई है. फाइल फोटो

1 मार्च के बाद राज्य सरकार की ओर से जारी की गई सभी रिपोर्टों में वैक्सीन क्षति की दर 1 प्रतिशत से भी कम दर्शाई गई है. फाइल फोटो

Coronavirus Vaccination: आंकड़ों के मुताबिक तेलंगाना में 9,51,220 खुराक में 9,43,921 खुराक सफलतापूर्वक मरीजों के टीकाकरण में इस्तेमाल की गई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 4:30 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा राज्य में वैक्सीन की क्षति दर 17.6 फीसद दिखाए जाने के बाद तेलंगाना सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि टीकाकरण के आंकड़ों को लेकर दोनों सरकारों के बीच गलतफहमी की स्थिति है. तेलंगाना सरकार ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य में वैक्सीन की क्षति दर 1 फीसद से भी कम है. तेलंगाना के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीन और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की क्षति दर को लेकर आड़े हाथों लिया है. इन राज्यों में आंध्र प्रदेश (11.6 फीसद), उत्तर प्रदेश (9.4 फीसद), कर्नाटक (6.9 फीसद) और जम्मू और कश्मीर (6.6 फीसद) हैं. इन राज्यों में साझे तौर पर वैक्सीन की 20 लाख से ज्यादा खुराक बेकार हो गई हैं. केंद्र ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि आंध्र और तेलंगाना में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति गंभीर है, जबकि वैक्सीन की क्षति दर दो अंकों में है.

तेलंगाना के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने राज्य भर से डाटा इकट्ठा करने के लिए एक्सक्लूसिव कोविड-19 वार रूम बनाया है. 21 मार्च को केंद्र सरकार के eVIN पोर्टल पर जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य को वैक्सीन की कुल 9 लाख 93 हजार 030 खुराक जारी की गई थी. इनमें से 40 हजार 540 खुराक सैन्य बलों के लिए जारी की गई थीं और 1,270 खुराक को प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण के एडवांस शेड्यूल के लिए बफर स्टॉक के तौर पर रखा गया था.

इस खबर के लिए लिखे जाने तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक तेलंगाना में 9,51,220 खुराक में 9,43,921 खुराक सफलतापूर्वक मरीजों (45 से 59 साल के गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों) के टीकाकरण में इस्तेमाल की गई हैं. परिणामस्वरूप राज्य में वैक्सीन की 7,299 खुराक बर्बाद हुई है, जोकि 0.76 फीसद के बराबर है. ध्यान रहे कि 1 मार्च के बाद राज्य सरकार की ओर से जारी की गई सभी रिपोर्टों में वैक्सीन क्षति की दर 1 प्रतिशत से भी कम दर्शाई गई है.



केंद्र सरकार के कोरोना वायरस गाइडलाइंस का जिक्र करते हुए तेलंगाना के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर डॉक्टर श्रीनिवास राव ने कहा कि वैक्सीन की 10 प्रतिशत क्षति दर सामान्य है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में भारी अंतर देखकर हैरानी हुई है. डॉ. राव ने कहा, "टीकाकरण के संदर्भ में केंद्र सरकार दो पोर्टल को मैनेज करती है, एक eVIN जोकि वैक्सीन के भंडार और खपत का हिसाब रखती है, दूसरी CoWIN जोकि टीकाकरण के आंकड़ों को ट्रैक करती है. लेकिन दोनों पोर्टल आपस में जुड़े नहीं हैं. यही वजह है कि केंद्र सरकार के साथ आंकड़ों को लेकर गलतफहमी की स्थिति पैदा हो जा रही है."
राव ने यह भी कहा है कि राज्य में वैक्सीन की दी गई कुल खुराक 9,43,921 में सैन्य बलों के लिए आवंटित 40,450 खुराक और प्राइवेट अस्पतालों के लिए बफर स्टॉक के तौर पर दी गई खुराक को शामिल नहीं किया गया है, जैसे कि उन्होंने सीधे केंद्र सरकार से खरीदा हो और राज्य सरकार की ड्यूटी सिर्फ सप्लाई को फैसिलिटेट करने की है.

उन्होंने आगे कहा, "केंद्र सरकार CoWIN डैशबोर्ड से आंकड़ों को इकट्ठा करती है, जबकि हर टीकाकरण केंद्र CoWIN साइट पर आंकड़ों को भरने में पीछे हैं. इसकी वजह ये है कि कोविन साइट पर डाटा एंट्री ऑफिसर्स द्वारा सेशन क्रिएट करना पड़ता है और लोगों को रजिस्टर करने की प्रक्रिया काफी धीमी है. ज्यादातर मामलों में एक समय पर 90,000 खुराक का अंतर दिखाई देता है. हम इस मामले को पहले भी केंद्र सरकार के साथ उठा चुके हैं."
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