Covid-19 Vaccine: भारत में एक और वैक्सीन का ट्रायल लगभग पूरा, इमरजेंसी इस्तेमाल के अप्रूवल के लिए DCGI से मांगी इजाजत

डॉ रेड्डीज ने स्पूतनिक वी के आपात उपयोग का अधिकार पाने की प्रक्रिया शुरू की
 (AP Photo/Juan Karita)

डॉ रेड्डीज ने स्पूतनिक वी के आपात उपयोग का अधिकार पाने की प्रक्रिया शुरू की (AP Photo/Juan Karita)

Sputnik V: कंपनी 1 अरब डोज तैयार करने की योजना बना रही है. यह वैक्सीन दो शॉट में दी जाएगी. एक शॉट की कीमत 10 डॉलर के करीब होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 10:16 AM IST
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नई दिल्ली. डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने शुक्रवार को कहा कि उसने कोरोना के Sputnik V टीका के आपात उपयोग की मंजूरी पाने के लिये औषधि नियामक डीसीजीआई (DCGI) से संपर्क किया है. कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह समीक्षा प्रक्रिया के तहत दूसरे चरण के परीक्षण का सुरक्षा प्रोफाइल और तीसरे चरण के परीक्षण के अंतरिम आंकड़े प्रस्तुत करेगी, जिसके 21 फरवरी 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है.

हैदराबाद स्थित दवा कंपनी ने पिछले साल सितंबर में कहा था कि उसने भारत में स्पूतनिक वी टीके के परीक्षण और वितरण के लिये रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के साथ करार किया है. अभी भारत में स्पूतनिक वी टीके का तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है.

भारत में दो टीके को पहले ही आपात उपयोग की मंजूरी मिल चुकी है. ये दो टीके भारत बायोटेक का कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का कोविशील्ड है. अभी देश में स्वास्थ्य और पुलिस सेवा से जुड़े अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को ये टीके लगाये जा रहे हैं.

दो साल तक मिलेगी स्पूतनिक से इम्यूनिटी
हाल ही में गामालेया नैशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडीमियॉलजी ऐंड माइक्रोबायॉलजी के डायरेक्टर और स्पूतनिक-वी (Sputnik-V) वैक्सीन के प्रमुख विकासकर्ता अलेक्जेंडर गेन्सबर्ग ने दावा किया था कि वैक्सीन के जरिए कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ दो साल तक सुरक्षा प्रदान किए जाने की संभावना है. कोरोना महामारी से लड़ने के लिए दुनिया की पहली पंजीकृत वैक्सीन स्पूतनिक-वी के बारे में दावा किया गया था कि इसकी कीमत फाइजर (Pfizer) और मॉडर्ना (Moderna) की वैक्सीन से कम होगी.

यूट्यूब पर सोलोविएव लाइव चैनल पर उनके दिए बयान के हवाले से TASS समाचार एजेंसी ने शनिवार को कहा है, 'अभी तो मैं केवल सुझाव ही दे सकता हूं क्योंकि और अधिक प्रयोगात्मक आंकड़ों की आवश्यकता है. हमारी वैक्सीन ईबोला वैक्सीन की तर्ज पर बनाई जा रही है.' उन्होंने आगे कहा, 'अभी तक जितने भी प्रयोग हुए हैं, उनसे प्राप्त आंकड़ों से यही पता चलता है कि यह वैक्सीन दो साल या उससे अधिक समय तक के लिए सुरक्षा प्रदान करेगी.'

Sputnik-V 96 फीसदी मामलों में प्रभावी!



इस रूसी वैज्ञानिक के मुताबिक, Sputnik-V 96 फीसदी मामलों में प्रभावी रहा है. बाकी बचे चार प्रतिशत टीकाकृत व्यक्तियों में बहती नाक, खांसी और हल्के बुखार की शिकायत रहेगी, लेकिन फेफड़ा प्रभावित नहीं होगा.

बता दें कि कंपनी 1 अरब डोज तैयार करने की योजना बना रही है. यह वैक्सीन दो शॉट में दी जाएगी. एक शॉट की कीमत 10 डॉलर के करीब होगी. रूस के लोगों को लिए कंपनी मुफ्त में वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाएगी. रॉयटर्स की खबर के मुताबिक इस वैक्सीन की कीमत इंटरनैशनल मार्केट में 20 डॉलर से कम होगी.
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