Coronavirus Vaccine India: भारत में कोरोना वैक्सीन का क्या है स्टेटस, नीति आयोग के सदस्य ने बताया

Coronavirus Vaccine India: भारत में कोरोना वैक्सीन का क्या है स्टेटस, नीति आयोग के सदस्य ने बताया
भारत की निगाह कोरोना की वैक्सीन पर (AP Photo/Themba Hadebe)

Coronavirus Vaccine India: भारत में फिलहाल तीन वैक्सीन्स- ICMR-भारत बायोटेक , Zydus कैडिला और ऑक्सफोर्ड का ट्रायल चल रहा है. वहीं चौथे पर एक अन्य देश से बातचीत जारी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 1:15 PM IST
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नई दिल्ली. देशभर में कोरोना वायरस (Coronavirus India) के मामले हर दिन बढ़ते जा रहे हैं. फिलहाल देश में कोरोना के करीब 44 लाख मामले हैं और करीब 74,000 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच देशभर में अलग-अलग वैक्सीन्स पर रिसर्च जारी है. नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि भारत में टीके के विकास की बात है, तो देश में विकसित तीन वैक्सीन ट्रायल और टेस्टिंग के अलग-अलग फेज में हैं.

पॉल कोविड-19 टीका संबंधी राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के प्रमुख भी हैं. उन्होंने बताया कि दो टीकों का पहले चरण का मानव परीक्षण पूरा हो चुका है और ये परीक्षण के दूसरे चरण में प्रवेश कर गए हैं. एक अन्य टीके के भी दूसरे और तीसरे चरण के मानव परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

भारत में जिन वैक्सीन्स पर हो रहा है ट्रायल-
1- ICMR-भारत बायोटेक की वैक्सीन फेज वन पूरा कर चुकी है और फेज 2 के लिए लोगों का रजिस्ट्रेशन होना शुरू हो गया है. यह स्वदेशी वैक्सीन है.
2- Zydus कैडिला की वैक्सीन का फेज 1 खत्म हो चुका है और दूसरा फेज चल रहा है. यह भी भारतीय वैक्सीन है.



3- इसके साथ ही एक अन्य ट्रायल सीरम इंस्टिट्यूट भी कर रहा है. सीरम ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन पर काम कर रही है. एस्ट्राजेनेका इसकी बेस कंपनी है जो इसका वैक्सीन बनाएगी हालांकि अब इसमें भारत की सीरम भी मदद कर रही है. अगले हफ्ते इसका फेज 3 का ट्रायल शुरू होगा.

4- भारत, रूस के आग्रह पर भी जरूरी विमर्श कर रहा है. दरअसल, रूस ने उसकी वैक्सीन Sputnik V के थर्ड फेज के ट्रायल और मैन्यूफैक्चरिंग के लिए भारत संपर्क किया है.



रूस की वैक्सीन पर क्या है भारत का मत!
रूस की वैक्सीन पर डॉक्टर पॉल ने कहा कि इस देश के बहुत ही विशिष्ट मित्र से मिली भागीदारी की इस पेशकश को सरकार अत्यंत महत्व देती है.’ उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने ‘स्पूतनिक वी’ से संबंधित डेटा को देखा है जो अब सबके सामने है और इसमें तीसरे चरण के परीक्षण की आवश्यकता होगी.

पॉल ने कहा कि भारत सरकार की नियामक प्रणाली के अनुरूप इस तरह के तीसरे चरण के परीक्षण संबंधी मुद्दे को देखा जा रहा है. पॉल ने कहा कि रूस सरकार ने भारतीय कंपनियों द्वारा ‘स्पूतनिक वी’ का विनिर्माण और भारत में तीसरे चरण का परीक्षण करने पर विचार के लिए उचित माध्यमों से भारत सरकार से संपर्क किया है.

उन्होंने कहा, ‘दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण विमर्श हो रहा है.’ पॉल ने कहा कि कई भारतीय कंपनियां प्रस्ताव का अध्ययन कर रही हैं. कई कंपनियां सामने आई हैं और कई अपनी रूसी समकक्षों से चर्चा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत, रूस और दुनिया के लिए यह ‘फायदे ही फायदे’ की बात है.
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