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कोरोना वैक्‍सीन के 90% तक प्रभावी होने के दावे के बीच भी विशेषज्ञों को सता रही बड़ी चिंता

दुनियाभर में फैला है कोरोना का कहर. (Pic- AP)

Coronavirus Vaccine: ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी कोरोना वैक्‍सीन के 90 फीसदी तक प्रभावी होने का दावा किया है. एस्‍ट्रेजेनेका के साथ ऑक्‍सफोर्ड के शोधकर्ताओं ने इसे तैयार किया है.

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    नई दिल्‍ली. दुनिया भर में वैज्ञानिक कोरोना वायरस (Coronavirus) के खात्‍मे के लिए वैक्‍सीन विकसित करने में जुटे हैं. इस बीच कुछ कंपनियों और शोध संस्‍थानों ने संभावित वैक्‍सीन (Coronavirus vaccine) के ट्रायल के बेहतर नतीजे सामने आने की घोषणाएं भी कर दी हैं. इन सबके बीच ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी कोरोना वैक्‍सीन के 90 फीसदी तक प्रभावी होने का दावा किया है. एस्‍ट्रेजेनेका के साथ ऑक्‍सफोर्ड के शोधकर्ताओं ने इसे तैयार किया है. इसके अलावा भी कुछ अन्‍य संभावित वैक्‍सीन के 60 फीसदी तक प्रभावी होने का दावा किया जा चुका है. लेकिन अब विशेषज्ञों को इन वैक्‍सीन को लेकर कुछ संशय हैं...

    कितने दिनों तक कारगर रहेगी वैक्‍सीन?
    दुनिया भर में विकसित की जा रही वैक्‍सीन के संबंध में एक बात साफ है कि ये वैक्‍सीन कोरोना महामारी के खिलाफ लोगों के शरीर में इम्‍यूनिटी पावर को भी बढ़ा देती हैं. लेकिन विशेषज्ञों की ओर से इस पर सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि ये वैक्‍सीन कितने समय तक काम करती रहेंगी. मतलब कब तक ये वैक्‍सीन लोगों को बचाए रख पाएंगी. चूंकि इस तरह की ये पहली वैक्‍सीन होंगी तो इसके भविष्‍य के प्रभावीकरण के बारे में कोई नहीं जानता है. दरअसल वैक्‍सीन किसी संक्रमण की नकल करने के बाद उसके खिलाफ असरदार होती हैं. जैसे खसरा की वैक्‍सीन ताउम्र काम करती है. मगर इंफ्लुएंजा की वैक्‍सीन 90 दिन ही प्रभावी रहती है.

    विशेषज्ञों की है ये राय
    अमेरिका में प्रमुख शोधकर्ता डॉ. एंथनी फाउची ने इस बाबत बातचीत की.उन्‍होंने कहा, 'जब आप सर्दी-जुकाम फैलाने वाले कोरोना वायरस के इतिहास पर नजर डालेंगे तो ये देखने को मिलेगा कि उनके खिलाफ टीके के जरिये इम्‍युनिटी पावर छह महीने से लगभग सालभर तक रहती है.' ऐसे में विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं कि कही कोरोना वायरस की इन वैक्‍सीन भी इम्‍युनिटी पावर इतनी ही ना हो.

    एंटीबॉडी का स्‍तर
    एक लेख में डॉ. अतानु बिस्‍वास ने कहा है कि कोरोना वायरस देने वाली पिछली महामारियों जैसे SARS और MERS पर नजर डालें तो पता चलता है कि एंटीबॉडी कस स्‍तर एक या दो साल के अंदर ही घट गया. लेख में उन्‍होंने सवाल उठाए हैं कि कोरोना वायरस के खिलाफ शरीर का इम्‍युन सिस्‍टम कब तक लड़ेगा? कुछ रिसर्च बताती हैं कि ठीक होने के कुछ महीनों बाद कोरोना मरीजों में एंटीबॉडी का स्‍तर गिर गया.
    Published by:Harshit Mishra
    First published: