Corona Vaccine: कौन सी वैक्सीन होगी कारगर, किससे नहीं होगा कोई फायदा? इस दिन चलेगा पता

 (AP Photo/Rebecca Blackwell)
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कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप से बचने के लिए दुनिया भर में कई कदम उठाए जा रहे हैं. वहीं वैक्सीन्स की ओर लोगों की उम्मीद भरी नजरें टिकी हुई हैं. सवाल यह भी उठ रहे हैं कि कौन की वैक्सीन लोगों पर असर करेगी और कौन सी नहीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 3, 2020, 10:52 AM IST
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वॉशिंगटन. दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के बढ़ते मामलों और मौतों के बीच उम्मीद की एक वैक्सीन के लिए लोग उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. इस बीच कई सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या वैक्सीन लोगों में कोरोना से इम्यून पॉवर डेवलप करने में सक्षम होगी या नहीं. इससे जुड़े कुछ तथ्य जल्द ही दुनिया के सामने आ सकते हैं. कोरोना की वैक्सीन लोगों के बीच संक्रमण फैलने से रोकने में प्रभावी होगी या नहीं, इस बाबत एक निजी अमेरिकी फार्मा कंपनी Pfizer की वैक्सीन के अंतरिम विश्लेषण आ सकते हैं. एक निजी कंपनी के प्रॉसेस और साइंटफिक रिसर्च में यह बात सामने आई है. कोविड की संभावित वैक्सीन के असर से जुड़े आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. इसे आगामी अमेरिकी चुनाव के मद्देनजर काफी जरूरी माना जा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कई मौकों पर आश्वासन दिया है कि 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाले मतदान से पहले वैक्सीन को मंजूरी मिल जाएगी.

फाइजर उन आधा दर्जन एक्सपेरिमेंटल वैक्सीन्स में से एक है, जिसका ट्रायल बड़े पैमाने पर इंसानों पर किया जा रहा है. साइंस इंफॉर्मेटिक्स और एनालिटिक्स कंपनी एयरफिनिटी के अनुसार इसके पहले अंतरिम विश्लेषण के लिए ट्रायल के लिए पर्याप्त कोविड संक्रमित इसमें शामिल हैं. एक अंतरिम विश्लेषण तब होता है जब एक ट्रायल संक्रमण के एक पूर्व निर्धारित सीमा तक पहुंचता है. अगर 76.9% (32 में से 26) लोगों पर वैक्सीन असर दिखाती है तो इसे कोरोना के लिए प्रभावी माना जा सकता है. एयरफिनिटी के अनुमानों से लगता है कि फिजर ने 27 सितंबर तक ही 32 लोगों पर ट्रायल कर चुका होगा.

कैसे तय होती है अनुमानित तारीख?
अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 'इन अनुमानित तारीखों के कैलकुलेशन के लिए हमने अब तक मिले क्लिनिकल ट्रायल्स के डेटा और प्रोटोकॉल की समीक्षा की है. वैक्सीन बनाने में लगी कंपनियों के साथ-साथ उन जगहों पर कोविड -19 के असर का भी आंकलन किया है, जहां इनके ट्रायल्स चल रहे हैं. ट्रायल में निश्चित कोविड केसों की संख्या तक पहुंचने की तारीख का अनुमान लगाने के लिए हम एक कोड का इस्तेमाल करते हैं.'




फिजर के मुख्य कार्यकारी अल्बर्ट बोर्ला ने बीते दिनों कहा था कि कंपनी को उम्मीद है कि अक्टूबर तक कोविड-19 की वैक्सीन के असर होने या ना होने का 'निर्णायक' डेटा आ जाएगा. हाल ही में  शीर्ष अमेरिकी संस्थानों के 60 वैज्ञानिकों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक समूह ने फाइजर को एक खुला पत्र लिखकर अपनी आशंका व्यक्त की और बोर्ला से सभी सुरक्षा मानकों के पूरा होने तक वैक्सीन के रेगुलेटरी क्लियरेंस के लिए आवेदन नहीं करने का आग्रह किया.

ये वैक्सीन्स भी कतार में
एयरफिनिटी के अनुमानों के अनुसार वैक्सीन कैंडिडेट सिनोवैक का इनएक्टिवेटेड वायरस डबल-डोज़ वैक्सीन (22 अक्टूबर) मॉडर्न का mRNA बेस्ड डबल-डोज़  कैंडीडेट (25 अक्टूबर) और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के एडेनोवायरस वेक्टर सिंगल डोज वैक्सी के 24 नवंबर तक अंतरिम विश्लेषण आ जाएंगे.

इनके अलावा अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन, रूस के गामालेया इंस्टीट्यूट और चीन के सिनफार्मा और कैनसिनो भी कोविड वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया में हैं. ये उन 18 वैक्सीन्स में से हैं जिनका फेज 2 और 3 के बीच ट्रायल चल रहा है.  इनमें से पांच को रूस, चीन और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा जनता के बीच या कुछ समूहों में इमरजेंसी की दशा में उपयोग के लिए दिया गया है.
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