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Coronavirus Vaccine: क्या देश में तैयार हो रही वैक्सीन के भी होंगे साइड इफेक्ट, जानें सब कुछ

कोरोना वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन

Coronavirus Vaccine: भारत बायोटेक की वैक्सीन को 2 डिग्री से 8 डिग्री के तापमान में रखा जा सकता है. यानी इसमें रखखराव को लेकर कोई झंझट नहीं होगा. इस वैक्सीन का पहला ट्रायल जुलाई-अगस्त के दौरान हुआ था

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 25, 2020, 8:00 PM IST
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नई दिल्ली. दुनिया के कई कुछ देशों मे कोराना की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) लगाने का काम शुरू हो गया. लिहाजा भारत में हर किसी को इस वैक्सीन का बेसब्री से इंतज़ार है. उम्मीद की जा रही है कि अगले साल जनवरी में भारत में भी कोरोना के टीके लगने शुरू हो जाएंगे. सवाल उठता है कि क्या हमारे देश में तैयार हो रहे वैक्सीन असरदार होगी. और क्या इनके साइड इफेक्ट भी होंगे. दरअसल पिछले एक हफ्ते के दौरान अमेरिका और ब्रिटेन से ऐसी खबरें आई हैं कि फाइज़र की वैक्सीन लगाने के बाद लोग एलर्जी की शिकायत कर रहे है. इसके अलावा फाइज़र की वैक्सीन का रख रखाव भारत में संभव नही. आईए एक नजर डालते हैं कि भारत में तैयार की जा रही वैक्सीन का क्या हाल है.

भारत बायोटेक, NIV और ICMR के साथ मिलकर तैयार की गई वैक्सीन के अब तक दो फेज के ट्रायल हो चुके हैं. अभी तक किसी वैक्सीन वॉलंटियर पर इसका साइड इफेक्ट नहीं दिखा है. कंपनी ने नवंबर में ही 25 जगहों पर इसके फेज 3 के ट्रायल्स शुरू किए हैं. भारत बायोटेक कोवैक्सीन को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से तैयार किया जा रहा है. पहले दो फेज के ट्रायल के दौरान कोई साइड इफेक्ट भी नहीं मिले हैं. हैदराबाद स्थित कंपनी द्वारा प्रकाशित किए गए रिसर्च पेपर में ये दावा किया गया है.





आसान है रख रखाव
भारत बायोटेक की वैक्सीन को 2 डिग्री से 8 डिग्री के तापमान में रखा जा सकता है. यानी इसमें रखखराव को लेकर कोई झंझट नहीं होगा. इस वैक्सीन का पहला ट्रायल जुलाई-अगस्त के दौरान हुआ था, जिसमें 375 लोगों पर इसका ट्रायल किया गया था. वहीं दूसरे ट्रायल में 380 उम्मीदवार शामिल थे, जिनकी आयु 12 साल से लेकर 65 साल के बीच थी. ये ट्रायल 9 सेंटर्स पर 9 राज्यों में किया गया.

ट्रायल के नतीजे
ट्रायल रिपोर्ट में कहा गया कि टीका लगवाने के बाद 6-12 महीने तक यह मानव शरीर में एंटीबॉडीज डेवेलप करता है. एक चीज जो इन तथ्यों को और रोचक बनाती है वो ये कि कोवैक्सीन पहली कोविड-19 वैक्सीन है, जिसे 12 साल तक के बच्चों पर टेस्ट किया गया है. यह टेस्ट सितंबर में किया गया था. भारत बायोटेक करीब 26000 उम्मीदवारों पर 25 सेंटर्स पर फेज 3 की स्टडी के दौरान वैक्सीन की क्षमता को परख रही है.

जायडस कैडिला
दवा बनाने वाली कंपनी जायडस कैडिला ने कोरोना के संभावित टीके जायकोव-डी का विकास किया है. कंपनी ने हाल ही में अपने टीके के पहले चरण के परीक्षण की घोषणा की थी. कंपनी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसकी वैक्सीन के दाम क्या रहेंगे. हालांकि यह बताया जा रहा है कि 2021 के सेकंड क्वार्टर में वैक्सीन बाजार में आ सकती है. इसके फेज 1 के रिजल्ट्स आ चुके हैं और फिलहाल फेज 2 के ट्रायल चल रहे हैं.
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