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Opinion: कोरोना वायरस को लेकर जनता कर्फ्यू से उठे सवाल- आखिर हम कब सुधरेंगे?

Anil Rai | News18Hindi
Updated: March 23, 2020, 2:02 PM IST
Opinion: कोरोना वायरस को लेकर जनता कर्फ्यू से उठे सवाल- आखिर हम कब सुधरेंगे?
लॉकडाउन के दौरान भी कई लोगों ने की पार्टी

कोरोना वायरस (Coronavirus) के मद्देनजर 75 से ज्यादा शहरों में लॉकडाउन (Lockdown) कर दिया गया है, फिर भी कुछ लोग सुधरते नहीं दिख रहे हैं. उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों पहले कनिका कपूर ने नियमों की अनदेखी कर कई पार्टियां कीं.

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  • Last Updated: March 23, 2020, 2:02 PM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से लेकर इसके इलाज में लगे डॉक्टर लगातार सोशल डिस्टेंशिंग (समाज से दूरी बनाए रखना) की बात कर रहे हैं. इसके लिए तमाम जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने देश में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था. देश के लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है. हालात इतने खराब हो गए हैं कि देश में ट्रेन सवाएं, मेट्रो, लोकल ट्रांसपोर्ट तक बंद कर दिए गए हैं. 75 से ज्यादा शहरों में लॉकडाउन (Lockdown) कर दिया गया है, फिर भी कुछ लोग सुधरते नहीं दिख रहे हैं. उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों पहले कनिका कपूर ने नियमों की अनदेखी कर कई पार्टियां कीं, तो वहीं प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम के संदेश का गलत मतलब निकालते हुए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान कई जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों तक ने रैली निकाल दी.

सिर्फ फोटो-प्रेम के लिए नियमों की अनदेखी
देश के 130 करोड़ लोगों ने अपने प्रधानमंत्री के इस आह्वान का कि दिनभर घर में ही रहें और एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखें, बखूबी पालन किया. यहां तक कि लोगों ने प्रधानमंत्री की अपील पर गंभीर संकट के समय देश और देश की जनता के लिए अपनी जान दांव पर लगाने वाले डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तमाम आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को धन्यवाद देने के लिए ताली, थाली और घंटा, शंख तमाम वाद्य यंत्र बजाए, लेकिन प्रधानमंत्री के इस संदेश को समझने में कुछ लोगों के साथ-साथ कई अधिकारी भी चूक करते दिखे. उत्तर प्रदेश में कानपुर नगर और पीलीभीत के जिलाधिकारी ने तो बकायदा रैली निकाली और वो भी सैकड़ों की तादात में पुलिसकर्मियों और आम लोगों के साथ.

कानपुर के जिलाधिकारी ब्रह्मदेश राम तिवारी ने उस कल्पना टॉवर के सामने जुलूस निकाला जिसे कनिका कपूर के जाने के कारण बंद कर दिया गया था. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिम्मेदार लोग अपने आपको सिस्टम से ऊपर मानने लगे हैं क्योंकि जिस तरह उत्तर प्रदेश में कई जिलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों ने सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए नियमों का उल्लंघन किया, उससे साफ है कि कुछ देशवासी या तो प्रधानमंत्री की भाषा को ठीक से समझ नहीं पाए या उनके लिए ये मौका भी प्रचार पाने के लिए ही था.



कनिका कपूर की पार्टी में भी रसूखदारों ने तोड़े थे नियम
इससे पहले कनिका कपूर की पार्टी में भी वहीं लोग शामिल हुए जिनके ऊपर कोरोना से लड़ने की जिम्मेदारी थी. इन पार्टियों का आयोजन राज्यसभा सदस्य संजय सेठ और पूर्व सांसद अकबर अहमद डम्पी जैसे कद्दावर नेताओं ने किया था. इसमें अपने फोटो-प्रेम के कारण राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री और कई नौकरशाह शामिल हुए, और इसके बाद भी ताबड़तोड़ इन लोगों ने बैठकें भी कर डालीं. ये सभी लोग उस सभ्य समाज का हिस्सा हैं जिनके ऊपर समाज को रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी है, लेकिन इनकी हरकतों ने समाज के हर तबके को खतरे में डाल दिया. इससे पहले भी एयरपोर्ट पर नियमों की अनदेखी और सरकार की रोक के बाद भी यात्रा करने वालों के कारण ही हालात इतने खराब हुए हैं.

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दिया कड़ा संदेश


शायद इसी तरह की हरकतों का असर है कि 19 मार्च को अपील करने वाले प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी को आज अपनी भाषा कड़ी करनी पड़ी. प्रधानमंत्री ने अब राज्य सरकारों को निर्देशों का पालन कड़ाई से करवाने के लिए कहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि हम कब सुधरेंगे. सबसे बड़ी महामारी दरवाजे पर खड़ी है. धीरे-धीरे इसने पांव भी पसारने शुरू कर दिए हैं, लेकिन हम अपनी लापरवाहियों से इसे अपने घर आने का न्योता दे रहे हैं.

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First published: March 23, 2020, 1:41 PM IST
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