अपना शहर चुनें

States

Coronavirus: कांग्रेस का सवाल- क्या गरीबों और वंचितों को मुफ्त में लगेगी कोरोना वैक्सीन

कांग्रेस नेता ने कोविड-19 के दो टीकों ‘कोवैक्सीन' और कोविशील्ड के मूल्य को लेकर भी सवाल खड़े किये. (न्यूज़18 क्रिएटिव)
कांग्रेस नेता ने कोविड-19 के दो टीकों ‘कोवैक्सीन' और कोविशील्ड के मूल्य को लेकर भी सवाल खड़े किये. (न्यूज़18 क्रिएटिव)

कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान (Coronavirus Vaccination) के पहले चरण में तीन करोड़ लोगों को टीका लगाया जाएगा, सुरजेवाला ने पूछा कि क्या भारत की शेष आबादी को टीका लगाया जाएगा और क्या यह मुफ्त लगाया जाएगा?

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 7:36 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. भारत में कोविड-19 का टीकाकरण अभियान (Coronavirus Vaccination Programmme) शुरू होने के एक दिन बाद कांग्रेस (Congress) ने रविवार को पूछा कि क्या सरकार की सभी भारतीयों को, खासकर वंचितों और गरीबों को मुफ्त टीका लगाने की योजना है और यह कब लगाया जाएगा? कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने कहा कि सरकार दावा करती है कि टीकाकरण अभियान के पहले चरण में तीन करोड़ लोगों को टीका लगाया जाएगा, लेकिन इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि क्या भारत की शेष आबादी को टीका लगाया जाएगा और क्या यह मुफ्त लगाया जाएगा?

उन्होंने कहा, ‘‘क्या सरकार को नहीं पता कि 81.35 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सब्सिडी वाले राशन के हकदार हैं? क्या अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों, गरीबों और वंचितों को टीका मुफ्त में लगाया जाएगा या नहीं? अगर हां तो टीकाकरण की क्या योजना है और कब तक सरकार नि:शुल्क टीकाकरण कराएगी.’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और बीजेपी (BJP) सरकार को जवाब देना होगा. मुफ्त कोरोना टीका किसे लगेगा? कितने लोगों को मुफ्त कोरोना टीका लगेगा? मुफ्त टीका कहां लगेगा?’’ कांग्रेस नेता ने कोविड-19 के दो टीकों ‘कोवैक्सीन (Covaxin)’ और ‘कोविशील्ड (Covishield)’ के मूल्य को लेकर भी सवाल खड़े किये.



भारत बायोटेक (Bharat Biotech) द्वारा स्वदेश विकसित कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford-Astrazeneca) द्वारा विकसित और भारत में एसआईआई द्वारा निर्मित कोविशील्ड को देश में सीमित आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है. कांग्रेस महासचिव ने पूछा कि सरकार को भारत बायोटेक (Bharat Biotech) को उस टीके के लिए 95 रुपये अधिक क्यों देने चाहिए जिसे भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों के अनुभव और विशेषज्ञता के साथ विकसित किया गया है.
उन्होंने कहा, ‘‘क्या ऐसे टीके की कीमत एस्ट्राजेनेका-सीरम इंस्टीट्यूट के टीके से कम नहीं होनी चाहिए? खुले बाजार में कोरोना के टीके की कीमत 1,000 रुपये क्यों है.’’ सुरजेवाला ने कहा कि सरकार को कंपनियों से उत्पादन की लागत और टीके से हो रहे मुनाफे पर पारदर्शिता बरतने को कहना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘टीके का विकास और सामूहिक टीकाकरण ना तो कोई इवेंट है और ना ही प्रचार का हथकंडा, बल्कि ये जनता की सेवा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं.’’

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘भारत अपने अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को कोरोना वायरस (Coronavirus) से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक साथ खड़ा है, वहीं यह भी याद रखा जाए कि टीकाकरण एक महत्वपूर्ण जनसेवा है और राजनीतिक या कारोबारी अवसर नहीं है.’’
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज