भारत और चीन के बीच आज चुशुल में होगी चौथे चरण की कोर कमांडर स्तर की बैठक

श्रीनगर-लद्दाख हाईवे पर जाती एक भारतीय सैन्य टुकड़ी (AP फोटो/ मुख्तार खान)
श्रीनगर-लद्दाख हाईवे पर जाती एक भारतीय सैन्य टुकड़ी (AP फोटो/ मुख्तार खान)

भारत (India) की मांग के अनुसार चीन (China) की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People's Leberation Army) पिछले एक सप्ताह में पहले ही गोग्रा (Gogra), हॉट स्प्रिंग्स (Hot Springs) और गलवान घाटी (Galwan Valley) से अपने सैनिकों को वापस बुला चुकी है

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 14, 2020, 12:01 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में पूरी तरह से सेना हटाए जाने के मद्देनजर सैनिकों की वापसी के अगले चरण को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय सेना और चीनी सेना (Indian & Chinese Troops) के बीच अगली उच्च स्तरीय वार्ता मंगलवार को होगी. सेना सूत्रों ने यह जानकारी दी. इस बैठक में एलएसी (LAC) पर सेनाओं को अलग करने के दूसरे चरण को लेकर चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के तौर तरीकों को अंतिम रूप देने पर भी बातचीत होगी. सूत्रों ने कहा कि जमीनी हालात को लेकर कोई बदलाव नहीं है और दोनों पक्षों के कोर कमांडरों के बीच चौथे चरण की वार्ता के बाद ही सैनिकों की वापसी के अगले चरण की प्रक्रिया में तेजी आएगी.

भारत की मांग के अनुसार चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People's Leberation Army) पिछले एक सप्ताह में पहले ही गोग्रा (Gogra), हॉट स्प्रिंग्स (Hot Springs) और गलवान घाटी (Galwan Valley) से अपने सैनिकों को वापस बुला चुकी है और साथ ही पैंगोंग सो (Pangong Tso) क्षेत्र के फिंगर फोर से अपनी उपस्थिति काफी कम कर चुकी है. भारत (India) इस बात पर जोर दे रहा है कि चीन फिंगर फोर और आठ के बीच के क्षेत्र से अपनी सेना को आवश्यक तौर पर हटाए.

इस बैठक में इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
इस दौर की वार्ता में 'फिंगर्स' के नाम से जानी जाने वाली पैंगोंग सो झील से निकलने वाली आठ राइडलाइनों की श्रृंखला पर फॉल-बैक स्थानों पर समझौता किया जा सकता है. भारतीय सेना ने लंबे समय से फिंगर 1 से लेकर फिंगर 8 तक के क्षेत्र पर अधिकार का दावा किया है - और PLA, इसके विपरीत, फिंगर 2 तक अपना दावा करता रहा है. इस गर्मी में, हालांकि, PLA ने फिंगर 3 से आगे भारतीय पेट्रोलिंग को रोकने के लिए जमीनी और चौकियों का एक नेटवर्क बनाया.
सूत्रों ने कहा कि लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) के साथ ही सभी क्षेत्रों में भारत कड़ी निगरानी बनाए हुए है और किसी भी घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार था. उन्होंने बताया कि दिल्ली में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस क्षेत्र के हालात की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं.



मई से जारी है गतिरोध
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास कई जगहों पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच मई की शुरुआत से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. गत 15 जून को गलवान घाटी में हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद तनाव और बढ़ गया. चीनी सेना ने भारतीय सेना के साथ सैनिकों के पीछे हटने की सहमति के अनुरूप गतिरोध के सभी बड़े बिंदुओं से सैनिकों की वापसी कराई है. बता दें भारत और चीन के बीच यह चौथे स्तर की वार्ता है इसके पहले दो बैठकें एलओसी में चीन की तरफ हुई थीं जबकि पिछली बैठक भारत के हिस्से में हुई थी.  (भाषा के इनपुट सहित)
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